मेरे वोट देने से क्या सिस्टम बदलेगा...? बिहार में लगातार कम हो रहे मतदान के पीछे सामने आ रहे ऐसे कारण

बिहार चुनाव
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Bihar Assembly Election 2020: चुनाव आयोग के सर्वे में यह बात निकलकर सामने आयी है कि समाज का युवा वर्ग ज्यादा जागरूक नज़र नहीं आ रहा है.

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पटना. कोरोना काल (COVID-19) में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2020) को लेकर चुनाव आयोग (Election Commission) लगातार सर्वे कर रहा है. हालिया सर्वे में बिहार में होने वाली चुनावी समीक्षा में कई बातों का खुलासा हुआ है. हालांकि चुनावी सर्वे अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन कुछ बाते सामने आई है, जिसके अनुसार बिहार में मतदान प्रतिशत गिरते नज़र आ रहे हैं.

युवा वर्ग नहीं है जागरूक
सर्वे में यह बात निकलकर सामने आयी है कि समाज का युवा वर्ग ज्यादा जागरूक नज़र नहीं आ रहा है. बेहतर अवसर की तलाश में वे महानगरों में ज्यादा सक्रिय हुए हैं. इस कारण वे अक्सर चुनावों के समय अपने घर पर मौजूद नहीं होते. नतीजतन बड़ी संख्या में युवा वोटर चुनाव में मतदान करने से वंचित हो जाते हैं, जिससे मतदान प्रतिशत प्रभावित हो रहा है.

वोटर कार्ड के अभाव में भी नही डालते वोट :
सर्वे में जो दूसरी बात सामने आयी है वह यह है कि वोटरलिस्ट में नाम जुड़वाने, ईपिक बनवाने, बूथ की जानकारी का अभाव व प्रत्याशियों के संबंध में अधूरी जानकारी के कारण भी बड़ी संख्या में मतदाता वोट नहीं डालते हैं. बहुतों के पास तो वोटर आई डी कार्ड नहीं होने के कारण लोग वोट डालने नहीं आ पाते. या जिसके पास है भी तो उनके नाम गलत लिखे होते हैं.



कुछ के तो एड्रेस में गलती हो जाती है. मतदान प्रतिशत गिरने के अन्य कारणों में बूथों पर मूलभूत सुविधाओं की कमी और लम्बी कतार भी है. इसके अलावा कई लोग यह भी मानते हैं कि उनके अकेले वोट देने से व्यवस्था नहीं बदलने वाली है. इसके कारण मतदान के प्रति उनकी तत्परता कम होती है.
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