Home /News /bihar /

aurangabad health service handcart took up the responsibility of ambulance government claim seen punctured nodaa

यह है औरंगाबाद की स्वास्थ्य सेवा, जहां एंबुलेंस की जिम्मेवारी ठेले ने उठाई, सरकारी दावे का चक्का पंचर

जब बहू की प्रसव पीड़ा असह्य हुई और एंबुलेंस नहीं आया तो ससुर ने ठेले से बहू को अस्पताल पहुंचाया.

जब बहू की प्रसव पीड़ा असह्य हुई और एंबुलेंस नहीं आया तो ससुर ने ठेले से बहू को अस्पताल पहुंचाया.

Health Service in Bihar: शहर के दानी बिगहा मोहल्ले के एक परिवार के मुखिया धर्मेन्द्र बताते हैं कि काफी कोशिश के बाद भी जब एम्बुलेंस नहीं मिला और बहू की प्रसव पीड़ा असह्य होने लगी, तब उन्होंने किराये पर ठेला लिया और उसी पर अपनी दिव्यांग पत्नी, बहु और दुधमुंहे पोते को लादकर यहां पहुंचे ताकि उसका प्रसव कराया जा सके.

अधिक पढ़ें ...

रिपोर्ट : संजय सिन्हा

औरंगाबाद. बिहार में चाक-चौबंद स्वास्थ्य सेवाओं के सरकारी दावों की पोल एकबार फिर खुल गई है. औरंगाबाद से आई एक तस्वीर यह बताने के लिए काफी है कि यहां का हेल्थ सिस्टम अभी भी ठेले पर ही है.

जी हां, सरकार का दावा तो यह है कि गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए अस्पताल लाने और प्रसव बाद उसे घर पहुंचाने के लिए न सिर्फ एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है, बल्कि प्रसूता को किसी तरह की वेदना नहीं झेलनी पड़े, इसके लिए आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, ममता और आशा कार्यकर्ता भी नियुक्त हैं. सरकारी दावा है कि ये कार्यकर्ता अपने इलाके की गर्भवती महिलाओं का डाटा रखती हैं ताकि जरूरत के मुताबिक उन्हें सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें.

मगर दूरदराज की कौन कहे, शहर के दानी बिगहा मोहल्ले से अपनी बहू को ठेले पर लेकर सदर अस्पताल पहुंचा एक महादलित परिवार सरकार के इस दावे की कलई खोलकर धर देता है. परिवार के मुखिया धर्मेन्द्र बताते हैं कि काफी कोशिश के बाद भी जब एम्बुलेंस नहीं मिला और बहू की पीड़ा असह्य होने लगी, तब उन्होंने किराये पर ठेला लिया और उसी पर अपनी दिव्यांग पत्नी, बहु और दुधमुंहे पोते को लादकर यहां पहुंचे ताकि उसका प्रसव कराया जा सके. ऐसा तब है जबकि एम्बुलेंस की इस व्यवस्था पर सरकार हर महीने लाखों रुपये खर्च करती है. साथ ही इसके प्रचार- प्रसार पर भी पानी की तरह पैसे बहाती है. मगर जब एक महादलित परिवार की गर्भवती बहू को इस सेवा की दरकार हुई, तो यह सेवा दम तोड़ती नजर आई. यह तो महज एक उदाहरण है, ऐसी तस्वीरें जिले के विभिन्न अस्पतालों में अमूमन देखने को मिलती रहती हैं.

Tags: Aurangabad, Bihar News, Rural Health Service

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर