गोह विधानसभा सीट: 5 साल पहले जेडीयू के गढ़ में खिला था कमल, इस बार भी निगाहें NDA पर

बिहार की गोह सीट से वर्तमान और पूर्व विधायक
बिहार की गोह सीट से वर्तमान और पूर्व विधायक

Bihar Assembly Elections: गोह को एनडीए के लिए खास इसलिए भी माना जा रहा है कि पिछले बार जीत और नंबर दो पर आने वाली पार्टी इस बार साथ हैं, ऐसे में एनडीए यहां से जीत को लेकर आश्वस्त है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 27, 2020, 1:56 PM IST
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रिपोर्ट- संजय कुमार सिन्हा

औरंगाबाद. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) की तारीखों का ऐलान हो चुका है, ऐसे में चुनाव को लेकर राज्य में सियासी हलचल तेज हो गयी है. जाहिर है औरंगाबाद जिले के तहत आने वाले गोह विधानसभा क्षेत्र (Goh Assembly Seat) का सियासी पारा भी अब गर्म होता जा रहा है. चुनाव की तारीखों का ऐलान तो हुआ है लेकिन अभी तक किसी भी पार्टी ने अपने प्रत्याशियों का ऐलान नहीं किया है. इस विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत हसपुरा तथा गोह प्रखण्ड शामिल हैं. विधानसभा क्षेत्र की राजनीतिक पृष्ठभूमि की बात करें तो गोह जेडीयू का गढ़ माना जाता रहा है.

पिछले चुनाव में जेडीयू पर भारी पड़ी थी बीजेपी



2005 तथा 2010 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू ने इस सीट से जीत हासिल की है. इस क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या 3,00,481 है जिनमें पुरूष मतदाताओं की संख्या 1,62,260 है जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 1,38,221 है. पिछले चुनाव की बात करें तो इस विधानसभा सीट पर मतदान का प्रतिशत 49 रहा था. इस सीट से बीजेपी के मनोज कुमार मौजूदा विधायक हैं. इसके पूर्व 2005 में जदयू के डॉ रणविजय कुमार ने इस सीट पर अपना कब्जा जमाया था जिन्होंने 2010 के चुनाव में भी अपना कब्ज़ा बरकरार रखा. 2005 और 2010 में हुए चुनाव में जीत हासिल कर जेडीयू ने इस सीट को अपना गढ़ बना लिया था, मगर 2015 में बीजेपी तथा जदयू ने अलग-अलग चुनाव लड़ा जिसमे बीजेपी के मनोज कुमार ने 53615 मत लाकर इस सीट पर अपनी जीत दर्ज कराई थी जबकि जदयू के डॉ रणविजय कुमार को 45943 वोट मिले थे.
इस बार के हालात थोड़े अलग हैं

दरअसल 2015 के चुनाव में बीजेपी और जदयू एक दूसरे के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरे थे जिसमें जदयू के डॉ रणविजय कुमार 8672 मतों से पीछे रह गये थे. मगर इस बार एनडीए का कुनबा फिलहाल एकजुट है ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों पार्टियों में से जिस पार्टी के उम्मीदवार को एनडीए का टिकट मिलेगा,उसका पलड़ा भारी रहेगा. वैसे आरजेडी भी इस क्षेत्र में अपनी अच्छी पकड़ रखती है. जाहिर है लड़ाई को दिलचस्प बनाने में उसकी भी भूमिका कम नहीं रहेगी. बहरहाल इस बार के चुनाव में भी चर्चाओं का बाजार गर्म है. कयास लगाए जा रहे हैं कि यदि बात बन गयी तो मौजूदा विधायक मनोज कुमार फिर से अपनी किस्मत आजमाने मैदान में उतर सकते हैं तो इस बार आरजेडी से पूर्व विधायक भीम कुमार सहित कई अन्य लोग भी दावेदार हैं जो चुनावी ताल ठोंकने के लिये तैयार है. ऐसे में सवाल यह उठता है कि इस बार के चुनाव में बीजेपी क्या अपना इतिहास दोहरा पायेगी या फिर यहां की कमान कोई और संभालेगा? हालांकि इसका फैसला तो चुनाव परिणाम आने के बाद ही हो पायेगा.
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