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देर से मिला खाना तो प्लेस ऑफ सेफ्टी में टूटी कुर्सियां, जमकर हुआ बवाल, पुलिसकर्मी भी घायल

देर से मिला खाना तो प्लेस ऑफ सेफ्टी में टूटी कुर्सियां, जमकर हुआ बवाल, पुलिसकर्मी भी घायल

औरंगाबाद के प्लेस ऑफ सेफ्टी में हुआ जमकर हंगामा

औरंगाबाद के प्लेस ऑफ सेफ्टी में हुआ जमकर हंगामा

Juvenile Home : मिली जानकारी के अनुसार प्लेस ऑफ सेफ्टी संस्थान में देर से खाना मिलने पर नाबालिग कैदियों ने जमकर बवाल किया. हंगामे के दौरान परिसर में कुर्सियां तक तोड़ दी गईं.

    संजय सिन्हा

    औरंगाबाद. इस वक्त बड़ी खबर बिहार के औरंगाबाद जिले से आ रही है, जहां प्लेस ऑफ सेफ्टी में जमकर हंगामा हुआ है. बताया जाता है कि औरंगाबाद के प्लेस ऑफ सेफ्टी में बाल कैदियों ने न सिर्फ हंगामा किया बल्कि जमकर तोड़फोड़ भी की. मिली जानकारी के अनुसार प्लेस ऑफ सेफ्टी संस्थान में देर से खाना मिलने पर नाबालिग कैदियों ने जमकर बवाल किया है. परिसर में कुर्सियां तक तोड़ दी गईं. वहीं, एक पुलिसकर्मी समेत दो लोग घायल भी हुये हैं. तोड़फोड़ की सूचना मिलते ही सदर एसडीओ विजयंत तथा एसडीपीओ गौतम शरण ओमी प्लेस ऑफ सेफ्टी पहुंचे और काफी मुश्किल से किसी तरह मामले को शांत कराया और भड़के बाल कैदियों से बात कर उन्हें खाना खाने को राजी कराया. इसके बाद जाकर बाल कैदियों ने खाना खाया और परिसर का माहौल  सामान्य हुआ.
    इस बारे में प्लेस ऑफ सेफ्टी के प्रभारी अधीक्षक विक्रमादित्य पाल ने बताया कि यहां रहने वाले बाल कैदी अक्सर किसी न किसी बात को लेकर हंगामे करने पर उतारू हो जाते हैं. जब कभी बिजली कट जाती और जेनेरेटर चलाने में यदि थोड़ी सी भी देरी होती है तो बाल कैदी हंगामा करने लगते हैं. आज भी खाना मिलने में हुई देरी पर कुछ ऐसा ही हुआ. इसे मुद्दा बनाते हुए सभी उग्र हो गये और सुरक्षित परिसर से बाहर निकल गये.
    जेनरेटर को भी पहुंचाया गया नुकसान
    प्रभारी अधीक्षक के अनुसार बाल कैदियों ने दर्जन भर से अधिक कुर्सियों तथा जेनरेटर को तोड़ डाला. साथ ही बिजली मीटर के अलावा खिड़कियों के शीशे को भी नुकसान पहुंचाया है. कैदियों ने परिसर को भी काफी नुकसान पहुंचाया है. वहीं हंगामे और तोड़फोड़ की इस घटना में एक पुलिस कर्मी समेत दो लोग घायल भी हुए हैं जिन्हें इलाज़ के लिये सदर अस्पताल भेजा गया है.

    दोषियों पर होगी कार्रवाई
    अधीक्षक ने कहा कि यहां रह रहे बाल कैदियों में से कई संगीन मामलों के आरोपी हैं. वहीं एसडीओ विजयंत ने बताया कि खाना मिलने में हुई देरी के मामले की फिलहाल जांच की जा रही है. जांच के उपरांत जो कोई भी दोषी पाया जाएगा, उन पर कार्रवाई जरूर की जाएगी.

    क्या होता है प्लेस ऑफ सेफ्टी
    प्लेस ऑफ सेफ्टी एक संस्था है जहां 16 से 18 वर्ष के कैदियों को रखा जाता है. दरअसल 2012 में दिल्ली में हुये निर्भया कांड के बाद महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने जेजे एक्ट में संशोधन का बिल लाते हुये सेक्शन 49 के तहत विधि विवादित वैसे लड़के जिनकी उम्र 16 से 18 के बीच है उनको प्लेस ऑफ सेफ्टी में रखने की सिफारिश की. बिहार में फिलहाल शेखपुरा, औरंगाबाद और सहरसा जिले में प्लेस ऑफ सेफ्टी संचालित है.

    Tags: Aurangabad, Bihar News, Crime News, Juvenile home

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