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शहीद संतोष कुमार मिश्र को गया एयरपोर्ट पर दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर, पैतृक गांव में आज होगा अंतिम संस्कार

सीआरपीएफ के कांस्टेबल संतोष कुमार मिश्र हंदवाड़ा में आतंकवादियों से मुठभेड़ में शहीद हो गए ते.
सीआरपीएफ के कांस्टेबल संतोष कुमार मिश्र हंदवाड़ा में आतंकवादियों से मुठभेड़ में शहीद हो गए ते.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने शहीद संतोष कुमार मिश्र के प्रति गहरा शोक जताते हुए कहा कि शहीद की शहादत को हमारा देश हमेशा याद रखेगा.

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पटना. जम्मू कश्मीर के हंदवाड़ा (Handwara) में आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए औरंगाबाद के सपूत सीआरपीएफ कांस्टेबल शहीद संतोष कुमार मिश्र (CRPF Constable Shaheed Santosh Kumar Mishra) का पार्थिव शरीर को गया एयपोर्ट लाया गया. यहां सीआरपीएफ के आईजी, डीआईजी, सहित मगध आयुक्त और गया के डीएम सहित कई वरीय अधिकारियों व जवानों ने शहीद को गार्ड ऑफर ऑनर दिया. शहीद संतोष कुमार मिश्रा का पार्थिव शरीर विशेष वाहन से औरंगाबाद जिले के गोह थाना अंतर्गत दाउदनगर के देव्हारा उनके पैतृक गांव ले जाया जाएगा. जहां राजकीय समारोह के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.

हंदवाड़ा मुठभेड़ में हुए शहीद

गोह प्रखंड के छोटे से कस्बे देवहरा बाजार निवासी स्वर्गीय जगमोहन मिश्र के सुपुत्र संतोष मिश्र ने नार्थ कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा के एक नाके पर आतंकियों के साथ हुए मुठभेड़ में जाबांजी के साथ मुकाबला करते हुए शहीद हो गए थे. सीआरपीएफ जवान संतोष 92 बटालियन में थे और 2004 में उन्होंने राष्ट्र भावना से अभिभूत होकर देश के लिये कुछ कर गुजरने का जज़्बा लिए उन्होंने इसे ज्वाईन किया था.



2009 में हुई थी शादी
तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर के संतोष की शादी 2009 में आरा जिले के बजनिया गांव में हुई थी. पत्नी का नाम दुर्गा देवी है और एक छोटा बेटा आदर्श कुमार है, जो देवहरा में ही शहीद की मां और भाइयों के साथ रहते हैं. बड़े भाई का नाम विजय जबकि छोटे का नाम मंतोष मिश्र है.

गांव में गमगीन माहौल

शहीद सीआरपीएफ कांस्टेबल के पैतृक आवास पर फिलहाल मातमी माहौल है. गांववासियों के आने जाने का सिलसिला जारी है. सबों को इंतज़ार है भारत माता के उस सच्चे सपूत के शव का जो उन्हीं के बीच का था.

मुख्यमंत्री ने जताया शोक

बता दें किबिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शहीद संतोष के प्रति गहरा शोक जताते हुए कहा कि शहीद की शहादत को हमारा देश हमेशा याद रखेगा. गर्व है कि बिहार के एक सपूत ने आतंकियों से लोहा लेते हुए अपनी जान गंवा दी. उनकी शहादत को बिहार हमेशा याद रखेगा.

(इनपुट- एलेन लिली/संजय सिन्हा)

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