अपना शहर चुनें

States

नानी पर हमला कर 4 साल के बच्चे को किया था अगवा, दो दिन बाद गांव के बाहर मिली लाश

बिहार के औरंगाबाद में अपहरण के बाद चार साल के बच्चे की हत्या (मृतक की फाइल फोटो)
बिहार के औरंगाबाद में अपहरण के बाद चार साल के बच्चे की हत्या (मृतक की फाइल फोटो)

Murder In Aurangabad: बिहार के औरंगाबाद में हुई बच्चे की हत्या (Murder) की इस घटना से गांव के लोग भी सकते में हैं. मामले की जांच के लिए पहुंची पुलिस कई विषयों पर अनुसंधान कर रही है.

  • Share this:
औरंगाबाद. बिहार के औरंगाबाद (Aurangabad) में 4 वर्षीय बच्चे का अपहरण करने के बाद हत्या (Murder) कर दी गई. धैर्य का शव बरामद होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गयी. उसका शव गांव से थोड़ी दूर पर पुनपुन नदी के पास से मिला. शव मिलते ही परिजनों में जहां कोहराम मच गया है वहीं गांव में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. मौके पर पहुंची उपहारा थाने की पुलिस को गांव वालों ने शव उठाने से मना कर दिया.

दरअसल रविवार की रात अपनी नानी रंजू देवी के साथ घर के एक कमरे में सोये 4 वर्षीय धैर्य को कुछ अपराधियों ने अगवा कर लिया था. अगवा करने से पूर्व अपराधियों ने धैर्य की नानी पर धारदार हथियार से प्रहार कर उसे गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था, बाद में वह बेहोश हो गयी थी. धैर्य के अपहरण का पता तब चला जब अगली सुबह धैर्य का मामा रोहित अपनी मां के कमरे में गया. उसने देखा कि उसकी मां खून से लथपथ बेसुध पड़ी हैं और उनका भांजा धैर्य लापता है. रोहित को समझते देर नहीं लगी कि कुछ अनहोनी हुई है.

आनन-फानन में घायल महिला को गोह पीएचसी लाया गया जहां आवश्यक उपचार के बाद महिला की हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिये उसे गया रेफर कर दिया. घायल महिला के देवर यानि कि रिश्ते में धैर्य के नाना शशिभूषण शर्मा उपहारा थाना पहुंचे और अपनी भाभी पर जानलेवा हमला और नाती धैर्य के अपहरण मामले की लिखित सूचना दी तब जाकर पुलिस सक्रिय हुई. मंगलवार की सुबह एसडीपीओ राजकुमार तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम उपहारा पहुंचकर जांच कर वापस लौटी ही थी कि धैर्य का शव मिलने की सूचना उन्हें मिली.



उसका शव गांव से थोड़ी दूर पर पुनपुन नदी के पास सिंचाई के लिये बने एक नाले में फेंका हुआ था जिसे गांव की ही एक महिला ने देखा और फिर इसकी सूचना गांव वालों को दी थी. शव मिलने की जानकारी होते ही पुलिस टीम जब उसे  अपने कब्जे में लेने पहुंची तो उसे ग्रामीणों के विरोध का सामना भी करना पड़ा.
एसडीपीओ राजकुमार तिवारी ने बताया कि मामला अभी अनुसंधान अंतर्गत है. उन्होंने घरेलू समेत कई बिन्दुओं पर जांच किये जाने की बात कही. ग्रामीणों के विरोध की सूचना पाकर दाउदनगर के एसडीपीओ राजकुमार तिवारी उपहारा पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने बुझाने की भरसक कोशिश की मगर गांव वाले कुछ भी सुनने समझने को तैयार नहीं थे.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज