Kutumba Election Result Live: कांग्रेस के राजेश कुमार जीते, 16,653 वोट से हारे श्रवण भुईयां

Kutumba Chunav Result: पिछले चुनाव में कांग्रेस के राजेश कुमार ने हम के संतोष कुमार को मात दी थी.
Kutumba Chunav Result: पिछले चुनाव में कांग्रेस के राजेश कुमार ने हम के संतोष कुमार को मात दी थी.

Kutumba Bihar Vidhan Sabha Chunav Result 2020 Live: कांग्रेस के राजेश कुमार ने 16,653 के बड़े अंतर से हम के श्रवण भुईयां को हरा दिया है. राजेश कुमार को 50,424 वोट मिले, वहीं श्रवण भुईयां को 34,094 वोट हासिल हुए.

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कुटुंबा. कुटुंबा विधानसभा सीट (Kutumba Vidhan Sabha constituency) पर कांग्रेस ने अपना दबदबा बना लिया है. कांग्रेस के राजेश कुमार ने 16,653 के बड़े अंतर से हम के श्रवण भुईयां को हरा दिया है. राजेश कुमार को 50,822 वोट मिले, वहीं श्रवण भुईयां को 34,169 वोट हासिल हुए. 2008 में परिसीमन के बाद कुटुंबा विधानसभा क्षेत्र (Kutumba) अस्तित्व में आया. नबीनगर प्रखंड के 10 तथा देव प्रखंड के 4 ग्राम पंचायतों को मिलाकर इस क्षेत्र का गठन किया गया और इसे सुरक्षित सीट की श्रेणी में डाल दिया गया. अस्तित्व में आने के बाद इस सीट के लिए 2010 में विधानसभा का पहला चुनाव हुआ जिसमें जदयू (JDU) के ललन राम ने बाजी मारी थी. जबकि राजद (RJD) के सुरेश पासवान को हार का सामना करना पड़ा था.

लेकिन तब बीजेपी और जदयू साथ थी और ऐसा माना गया कि एनडीए अलायन्स की वजह से जदयू प्रत्याशी का पलड़ा भारी रहा और ललन राम चुन लिए गए. लेकिन 2015 में परिस्थितियां बिल्कुल ही विपरीत हो गयीं. जदयू एनडीए से अलग हो गया था जबकि महागठबंधन ने यह सीट कांग्रेस को दे दिया और एनडीए ने हम की झोली में यह सीट डाल दिया. बदले हुए हालात में कांग्रेस ने राजेश कुमार को यहां से अपना प्रत्याशी बनाया तो हम ने संतोष कुमार सुमन में अपना विश्वास जताते हुए उन्हें यहां का उम्मीदवार बनाया. नतीजतन इस चुनाव में 10 हज़ार से भी अधिक मतों से कांग्रेस के राजेश कुमार ने जीत हासिल की. राजेश को कुल 51303 मत मिले थे, जबकि संतोष को 41205 मतों पर ही संतोष करना पड़ा था.

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तो क्या बदल गया है परिदृश्य?
वैसे इस बार का परिदृश्य भी थोड़ा बदला-बदला सा है. एनडीए का कुनबा पूरी तरह से एकजुट है. देखना यह है कि एनडीए किसके खाते में यह सीट डालती है और एनडीए का वह घटक दल किसे अपना उम्मीदवार बनाता है. हालांकि, कांग्रेस भी इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखने की जी तोड़ कोशिश करेगी. मगर जो हालात हैं उसमें हल्का सा ढीलापन भी कांग्रेस के लिए भारी पड़ सकता है और यह सीट उसके लिए टेढ़ी खीर साबित हो सकती है. ऐसे में लोगों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या कांग्रेस अपना दबदबा कायम रख पाएगा या उसे हार का सामना करना पड़ेगा. 2.57 लाख मतदाता वाले इस क्षेत्र में पुरुष मतदाताओं की संख्या जहां 1,24,164 है वहीं महिला मतदाताओं की संख्या 1,02353 है. पिछले चुनाव परिणामों को ध्यान में रखते हुए यदि यहां के वोटरों के मिज़ाज़ की बात करें तो इनका मूड बदलाव वाला ही नज़र आता है. वैसे इस क्षेत्र में एनडीए तथा महागठबंधन के प्रत्याशियों के अलावा निर्दलियों की भूमिका भी अहम हो सकती हैं. लेकिन सब कुछ निर्भर करता है उम्मीदवारी पर कि कौन सी पार्टी ने किसे अपना उम्मीदवार बनाया है.
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