अपना शहर चुनें

States

Obra Election Result 2020 Live: 22 हजार से ज्यादा वोटों से जीते राजद के ऋषि कुमार, लोजपा उम्मीदवार प्रकाश चंद्रा को हराया

Bihar Election Results: राष्ट्रीय जनता दल के ऋषि कुमार ने लोजपा उम्मीदवार को 22668 मतों से हराया है.
Bihar Election Results: राष्ट्रीय जनता दल के ऋषि कुमार ने लोजपा उम्मीदवार को 22668 मतों से हराया है.

Bihar Vidhan Sabha Chunav Result 2020 Live: बिहार के औरंगाबाद जिला की इस सीट से राष्ट्रीय जनता दल (Rashtriya Janta Dal) के ऋषि कुमार विजयी हुए हैं. उन्होंने 22 हजार वोट से ज्यादा के अंतर से लोजपा प्रत्याशी प्रकाश चंद्रा को हराया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 11, 2020, 12:33 AM IST
  • Share this:
औरंगाबाद.  बिहार की ओबरा सीट पर जनादेश  आ चुका है. शुरुआत से ओबरा सीट पर मजबूत प्रदर्शन कर रहे लोक जनशक्ति उम्मीदवार प्रकाश चंद्रा को हार का सामना करना पड़ा है. उनके नजदीकी राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार ऋषि कुमार ने उन्हें 22668 वोटों से हरा दिया है. ओबरा की अगर बात करें तो कुल 3,34,009 मतदाताओं वाले इस विधानसभा क्षेत्र के वोटरों का मिजाज परिवर्तनशील ही रहा है. यहां के मतदाताओं ने कभी प्रजा सोशलिस्ट पार्टी को अपना जनप्रतिनिधि बनाया तो कभी जनता दल तो कभी सीपीआई (एम एल) को अपना रहनुमा बनाया है.

बिहार चुनाव 2020: नतीजों से जुड़ी LIVE अपडेट्स यहां देखें 

ओबरा विधान सभा क्षेत्र समाजवादी और वामपंथियों का गढ़ माना जाता रहा है लेकिन कालांतर में इस मिथक को भी यहां के मतदाताओं ने तोड़ दिया है. यहां के लोगों ने लोकदल, कांग्रेस, भाजपा तथा निर्दलीय को भी मौका दिया है. 1962 में कांग्रेस ने यहां अपनी पैठ बनाई और दिलकेश्वर राम विधायक बने. 1967 में भी कांग्रेस के ही आरके सिंह विधायक बने. 1969 के चुनाव में एक बार फिर प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के पदारथ सिंह विधायक बने. शह-मात का खेल जारी रहा और 1972 में फिर कांग्रेस पार्टी के नारायण सिंह चुनाव जीते. 1977 में यहां की राजनीति में रामविलास सिंह का पदार्पण हुआ और वे तीन दफा विधायक बने, दो बार मंत्री भी रहे. 1977 में जनता पार्टी से, 1985 में लोक दल से और 1990 में जनता दल से वे विधायक चुने गए थे. इस बीच 1980 में भाजपा के वीरेंद्र सिंह भी विधायक बने.



वर्ष 2010 में यहां की राजनीति ने एक बार फिर करवट बदली और ओबरा थाना में पदस्थापित दरोगा सोमप्रकाश सिंह निर्दलीय चुनाव लड़कर विजयी घोषित हुए. सोमप्रकाश को 36816 मत हासिल हुए जबकि जदयू के प्रमोद सिंह चंद्रवंशी को 36014 मतों पर ही संतोष करना पड़ा. 2015 में राजद के वीरेंद्र कुमार सिन्हा ने 56042 मत प्राप्त कर चुनाव जीता जबकि रालोसपा के चंद्रभूषण वर्मा को 44,646 वोट मिले.
अब 2020 के चुनाव के लिए वर्तमान विधायक वीरेंद्र कुमार सिन्हा समेत अन्य कई राजनीतिक दलों के लोग यहां से चुनावी ताल ठोंकने को प्रयासरत हैं लेकिन 2015 की तुलना में इस बार के हालात थोड़े अलग हैं. एनडीए के कुनबा एक बार फिर से एकजुट है. ऐसी परिस्थिति में क्या आरजेडी अपनी शाख बचा पायेगी,यह एक यक्ष प्रश्न है? कुछ मुद्दे जो हर बार चुनाव के समय उभरते हैं और फिर 5 सालों के लिये ठंडे बस्ते में डाल दिये जाते हैं उनमें दाउदनगर को जिला बनाने की मांग, ऐतिहासिक महत्व वाले दाऊद खां के किले को पर्यटकीय दृष्टिकोण से विकसित किये जाने की मांग समेत यहां के कांसा-पीतल उद्योग को बढ़ावा दिए जाने की मांग भी शामिल है.

रिपोर्ट- संजय कुमार सिन्हा
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज