पुलिस फायरिंग में दो की मौत, भाजपा ने मांगा 10-10 लाख का मुआवजा
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पुलिस फायरिंग में दो की मौत, भाजपा ने मांगा 10-10 लाख का मुआवजा
औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना मुख्यालय में शनिवार को पुलिस फायरिंग में एक महिला समेत दो ग्रामीणों की मौत हो गई जबकि चार के घायल होने की खबर है। पूरे क्षेत्र में तनाव व्याप्त है तथा अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मृतक के परिजनों को 10-10 लाख रुपये बतौर मुआवजा देने की मांग की है। पुलिस के अनुसार मदनपुर के सहजपुर क्षेत्र से पुलिस ने एक युवक को नक्सली होने के संदेह में गिरफ्तार किया था, जिससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए और राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-2 को जाम कर दिया। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। पुलिस पर ग्रामीणों ने पथराव किया। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ फायरिंग की जिसमें दो लोगों की मौत हो गई जबकि चार लोग घायल हो गए।

औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना मुख्यालय में शनिवार को पुलिस फायरिंग में एक महिला समेत दो ग्रामीणों की मौत हो गई जबकि चार के घायल होने की खबर है। पूरे क्षेत्र में तनाव व्याप्त है तथा अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मृतक के परिजनों को 10-10 लाख रुपये बतौर मुआवजा देने की मांग की है। पुलिस के अनुसार मदनपुर के सहजपुर क्षेत्र से पुलिस ने एक युवक को नक्सली होने के संदेह में गिरफ्तार किया था, जिससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए और राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-2 को जाम कर दिया। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। पुलिस पर ग्रामीणों ने पथराव किया। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ फायरिंग की जिसमें दो लोगों की मौत हो गई जबकि चार लोग घायल हो गए।

  • Agencies
  • Last Updated: July 20, 2014, 2:54 PM IST
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औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना मुख्यालय में शनिवार को पुलिस फायरिंग में एक महिला समेत दो ग्रामीणों की मौत हो गई जबकि चार के घायल होने की खबर है। पूरे क्षेत्र में तनाव व्याप्त है तथा अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मृतक के परिजनों को 10-10 लाख रुपये बतौर मुआवजा देने की मांग की है। पुलिस के अनुसार मदनपुर के सहजपुर क्षेत्र से पुलिस ने एक युवक को नक्सली होने के संदेह में गिरफ्तार किया था, जिससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए और राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-2 को जाम कर दिया। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। पुलिस पर ग्रामीणों ने पथराव किया। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ फायरिंग की जिसमें दो लोगों की मौत हो गई जबकि चार लोग घायल हो गए।

मृतकों में मदनपुर थाना के कनौदी गांव के सत्येन्द्र भोक्ता की पत्नी कलावती देवी (30 वर्ष) तथा मदनपुर निवासी दीनानाथ रिकियासन का 12 वर्षीय पुत्र रामध्यान कुमार शामिल हैं। सभी घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

आक्रोषित लोगों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी के कार्यालय को निशाना बनाया और उसमें तोड़फोड़ की और बाद में आग लगा दी। लोगों ने पुलिस के एक वाहन को भी फूंक दिया तथा पुलिस निरीक्षक कार्यालय में भी तोड़फोड़ की। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने अंचल कार्यालय में तैनात पुलिसकर्मी की भी जमकर पिटाई कर दी।



मगध प्रक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस पूरे मामले पर नजर रखे हुए है। पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है।
पुलिस की माने तो भीड़ से भी फायरिंग एवं बमबारी की गई है। इस कारण यह जांच के बाद ही पता चलेगा कि ग्रामीणों की मौत पुलिस की गोली से हुई है या नहीं।

पुलिस सूत्रों का मानना है कि ग्रामीणों की भीड़ में नक्सली भी शामिल थे। इधर, भाजपा के नेता और बिहार के पूर्व मंत्री रामाधार सिंह ने पूरे मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि सभी मृतक और घायल महादलित परिवार से आते हैं। जब बिहार का मुख्यमंत्री महादलित परिवार से हो और पुलिस द्वारा ऐसी बर्बर कारवाई उसी जाति के लोगों पर की जा रही हो तो सरकार की स्थिति समझी जा सकती है। उन्होंने सरकार से तत्काल मृतक के परिजनों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की।

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों रोहतास जिले में भी पुलिस फायरिंग में दो ग्रामीणों की मौत हो गई थी। जिसे लेकर बिहार विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ था।
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