फांसी से ठीक पहले निर्भया कांड के दोषी अक्षय की पत्नी ने कोर्ट में दी तलाक की अर्जी
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फांसी से ठीक पहले निर्भया कांड के दोषी अक्षय की पत्नी ने कोर्ट में दी तलाक की अर्जी
निर्भया कांड के दोषी अक्षय ने फिर से दया याचिका दाखिल की है. (फाइल फोटो)

निर्भया कांड के दोषियों में से एक अक्षय (Akshya) बिहार का रहने वाला है. उसकी पत्‍नी ने अब परिवार न्‍यायालय में तलाक की अर्जी दाखिल की है.

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औरंगाबाद. देश के बहुचर्चित निर्भया कांड (Nirbhaya Gangrape) में दोषी करार दिए गए नवीनगर प्रखंड के लहंग कर्मा गांव के रहने वाले अक्षय ठाकुर की पत्नी पुनिता ने तलाक (Divorce) की अर्जी दाखिल की है. पुनिता ने यह अर्जी औरंगाबाद परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश रामलाल शर्मा की अदालत में दी है. अक्षय की पत्नी ने अपनी अर्जी में कहा है कि उनके पति को रेप (Rape) के मामले में दोषी ठहराया गया है और उन्हें फांसी दिया जाना है. हालांकि, वह निर्दोष हैं ऐसे में वह उनकी विधवा बन कर नहीं रहना चाहती. इसलिए उन्‍हें पति से तलाक चाहिए. जानकारी के मुताबिक, इस मामले में 19 मार्च को सुनवाई की तिथि तय की गई है.

अक्षय ठाकुर की पत्नी के अधिवक्ता मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित महिला को कानूनी अधिकार है कि वह हिंदू विवाह अधिनियम 13(2)(II) के तहत कुछ खास मामलों में तलाक का अधिकार पा सकती है. इसमें रेप का मामला भी शामिल है. अगर रेप के मामले में किसी महिला के पति को दोषी ठहरा दिया जाता है, तो वह तलाक के लिए अर्जी दाखिल कर सकती है.

20 मार्च को होनी है फांसी
ज्ञात हो कि निर्भया कांड में जिन चार दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई है, उनमें बिहार के औरंगाबाद जिले के नबीनगर प्रखंड के गांव लहंग-कर्मा का अक्षय ठाकुर भी शामिल है. गौरतलब है कि निर्भया के सभी दोषियों विनय शर्मा, अक्षय सिंह ठाकुर, पवन गुप्ता और मुकेश को 20 मार्च की सुबह साढ़े पांच बजे फांसी दी जानी है. इससे पहले निर्भया गैंगरेप मामले में नया मोड़ तब आ गया था जब फांसी की सजा पाने वाले चारों दोषियों के परिजनों ने अब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी थी. इच्छा मृत्यु मांगने वालों में दोषियों के बुजुर्ग माता-पिता, भाई-बहन और उनके बच्चे शामिल थे.
सभी दोषियों की दया याचिका हो चुकी है खारिज


निर्भया के चारों दोषियों ने अपनी फांसी की सजा माफ कराने के लिए दया याचिका राष्ट्रपति के पास भेजी थी, जिसे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद खारिज कर चुके हैं. हालांकि, दोषी अक्षय सिंह ठाकुर ने नई दया याचिका दाखिल की है, जिसमें उसने कहा है कि राष्ट्रपति ने जो पुरानी दया याचिका दाखिल की थी उसमें सारे फैक्ट मौजूद नहीं थे.

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