विषम परिस्थितियों में कोरोना वॉरियर्स ने कराया महिला का प्रसव, क्वारेंटीन सेंटर में गूंजी बच्चे की किलकारी
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विषम परिस्थितियों में कोरोना वॉरियर्स ने कराया महिला का प्रसव, क्वारेंटीन सेंटर में गूंजी बच्चे की किलकारी
बांका में महिला का प्रसव करातीं स्वास्थ्यकर्मी

घटना बिहार के बांका (Banka) जिला के कटोरिया रेफ़रल अस्पताल की है. दो दिन पहले गुजरात से रिज़र्व बस से एक महिला समेत तीन दर्जन लोग जयपुर थाना के नारायणपुर पहुंचे थे जिनकों क्वारेंटाइन (Quarantine) किया गया था.

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बांका. बिहार के बांका स्थित कटोरिया रेफ़रल अस्पताल (Hospital) के कोरोना योद्धाओं (Corona Warriors) ने क्वारेंटिंन सेंटर में मौजूद एक गर्भवती महिला का विषम परिस्थितियों में प्रसव कार्य कराया. घटना कटोरिया रेफ़रल अस्पताल की है. दरअसल दो दिन पहले गुजरात (Gujarat) से रिज़र्व बस से एक महिला समेत तीन दर्जन लोग जयपुर थाना के नारायणपुर पहुंचे थे जिसके बाद स्थानीय प्रशासन की ओर से सभी लोगों को कटोरिया के कवारियां धर्मशाला में क्वारेंटीन किया गया था.

सदर अस्पताल ने वापस लौटाया

क्वारेंटीन सेंटर में रह रही महिला गर्भवती थी जिसको अहले सुबह प्रसव पीड़ा होने पर मेडिकल टीम द्वारा जांच कर बांका सदर अस्पताल भेजा गया लेकिन वहां कोरोना को लेकर कोई सुविधा नहीं मिलने से वापस कटोरिया लौटा दिया गया. लौटने के कुछ देर बाद फिर से प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों द्वारा सेंटर में ही हंगामा शुरू किया गया जिसको लेकर स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना दी गई.



एंबुलेंस की बजाय पीएचईडी की गाड़ी से पहुंची अस्पताल
इस सूचना के बाद एम्बुलेंस की जगह पीएचईडी के गैंगमैन की गाड़ी जिस पर पाइप लदा हाउस था लाने के लिये भेजा गया. गाड़ी से जैसे ही महिला अस्पताल के मुख्य गेट पर पहुंची तब तक उतरने के दौरान ही उसका प्रसव हो गया. इसके बावजूद स्वास्थकर्मियों ने मामले को किसी तरह संभाला. इस दौरान स्वास्थ्यकर्मियों ने जीप में ही विपरीत परिस्थिति में प्रसव प्रक्रिया को सम्पन्न कराया. बाद में जच्चा-बच्चा की जांच करने के लिए बांका सदर अस्पताल भेज दिया गया है जहां कुछ दिनों तक दोनों को ऑब्जर्वेशन में रखा जाएगा.प्रसव के बाद कटोरिया अस्पताल प्रबंधन द्वारा जच्चा-बच्चा के स्वस्थ होने की बात कही गई है.

पति के साथ ही गुजरात रहती थी महिला  

विपरीत परिस्थिति में भी प्रसव सम्पन्न होने पर नवजात के पिता स्वास्थकर्मियों के प्रति काफी खुशी व्यक्त कर रहे हैं. पति की मानें तो गाँव के दर्जनों लोग गुजरात के नवसारी में रहते हैं जो मजदूरी सहित अन्य कार्य करते हैं लेकिन लॉकडाउन के चलते सारा कामकाज बंद होने के चलते दिक्कत होने पर वहां से सभी ते सहयोग से रिज़र्व बस से नारायणपुर पहुंचने.

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