Banka Blast: विस्फोट के बाद भागने की फिराक में था इमाम, सामने आया बंगाल कनेक्शन

बांका के मदरसा में हुए ब्लास्ट के बाद बिखरा पड़ा मलवा

Banka Blast: बिहार के बांका स्थित मदरसा में मंगलवार को हुए विस्फोट के बाद पुलिस समेत कई जांच एजेंसियां मामले की तहकीकात कर रही हैं. मृतक इमाम मूल रूप से झारखंड का रहने वाले थे और कुछ दिन पहले ही मदरसा में आए थे.

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बांका. जिले के नवटोलिया में हुए ब्लास्ट मामले में जांच का दायरा बढ़ने के साथ ही यह उलझता भी जा रहा है. जांच एजेंसियां कुछ न कुछ रहस्य को सामने लाने की कोशिश में जुटी हुई हैं. मंगलवार की सुबह मदरसा में हुए विस्फोट (Banka Blast Case) के बाद से ही मदरसा से जुड़े लोग या गांव के हर घर से मर्द घर छोड़ चुके हैं. गांव के घरों में जो भी महिलाएं मौजूद हैं, वो पुलिस समेत अन्य एजेंसियों का सामना करने से परहेज कर रही हैं. बताया जा रहा है कि दुर्घटना के समय मदरसा का इमाम अब्दुल सत्तार मोमिन कुछ अन्य लोगों के साथ स्वयं मदरसा में था और घटना बम के विस्फोट के कारण हुई थी. अब तक पुलिस या अन्य एजेंसी यह पता लगाने में जुटी हुई है कि दुर्घटना के समय बम बनाया जा रहा था या बम पहले से जमा कर रखा गया था.

पहले दिन जरूर कुछ महिलाएं सामने आकर मदरसा में हुए विस्फोट को सिलेंडर ब्लास्ट या इसके पीछे साजिश की आशंका जता रही थीं. ग्रामीणों ने मदरसा में विस्फोट के बाद उसमें छोटा सिलेंडर रखकर इसको साबित करने का प्रयास भी किया था. लेकिन, वह सिलेंडर सही सलामत था. पुलिस, SFSL और ATS की टीम प्रथमदृष्टया विस्फोटक से धमाका होना मान रही है. जांच का दायरा बढ़ने के साथ ही कुछ युवा और महिलाएं अपना नाम नहीं बताने की शर्त पर यह बता रहे हैं कि विस्फोट के वक्त इमाम के साथ भी कुछ लोग मदरसा में मौजूद थे.

मदरसा में रखा था पैसा
घटना के बाद जख्मी इमाम और कुछ लोगों को ग्रामीणों के सहयोग से इलाज के लिये चार पहिया वाहन से ले जाने की बात कही जा रही है. ब्लास्ट में जख्मी हुए इमाम ने वहां मौजूद लोगों से मदरसा के अंदर मौजूद आलमारी में पैसे होने का इशारा भी किया था. बाद में उस पैसे को निकालकर वहां पहुंचे उनके रिश्तेदारों को दे दिया गया था.

बांका के मदरसा में हुए ब्लास्ट


बाइक से मिले सुराग
सूत्रों के मुताबिक, ब्लास्ट के बाद मदरसा में ही दूसरे कोने में एक पल्सर बाइक पड़ी थी जिससे कुछ कागजात बरामद हुए थे. इसके आधार पर कागजात में मोबाइल का नंबर भी बरामद हुआ. भागने के दौरान पुलिस को सुराग मिला और दबिश के बाद इमाम को झारखंड लेकर भागने की मंशा कामयाब नहीं हो पाई. मृतक के चाचा यूसुफ मियां ने बताया कि मृतक इमाम झारखंड का रहने वाला था जो पूर्व में नवटोलिया मदरसा में करीब दस वर्ष रहने के बाद कुछ महीने तक मिहिजाम के किसी मदरसा में भी रहा था. बाद में वो यहीं रहने लगा था. कुछ ग्रमीणों ने गुप्त रूप से बताया कि इमाम को हमेशा बाहर जाना होता था, जिसमें बंगाल का भी दौरा होता था, लेकिन इस बाबत पुलिस कुछ भी बताने से साफ बचती नज़र आ रही है.

DIG और ATS की टीम भी पहुंची
घटना के बाद से अब तक भागलपुर क्षेत्र के डीआईजी सुजीत कुमार, FSL के असिस्टेंट डायरेक्टर श्र्वेष्ठम कुमार और पटना से भी ATS की सात सदस्यीय टीम मौके पहुंच चुकी है. FSL ने प्रथम दृष्टया जांच में बारूद के अंश मिलने की पुष्टि करते हुए कुछ बड़ा होने का संकेत दिया है और नमूने को फोरेंसिक जांच के लिये भेजने की बात कही. बुधवार को भागलपुर से पहुंचे DIG सुजीत कुमार ने भी मामले को गंभीर बताते हुए अब तक ग्रामीणों या मदरसा से जुड़े लोगों के सामने नहीं आने पर आश्चर्य व्यक्त किया. पुलिस सहित जांच एजेंसी मुख्य रूप से विस्फोट का मंशा, इसके पीछे का मोड्यूल या विस्फोटक के प्रकार या इसके मैकेनिज्म का जांच करने में लगी है.