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बांका के सरकारी स्कूल में शिक्षकों और बच्चों ने बनाई हैंगिंग लाइब्रेरी, मस्ती और पढ़ाई होती है साथ-साथ

Book Lover: यह हैंगिग लाइब्रेरी बाराहाट प्रखंड के बेसिक स्कूल मोहनपुर में है. जब आप इस लाइब्रेरी में पहुंचेंगे, तो स्कू ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट : अभिषेक कुमार

बांका. अक्सर सरकारी स्कूलों में संसाधनों और शिक्षकों की कमी की बात कही जाती है. पर कभी-कभी यही कमी कुछ नया अविष्कार भी करवा जाती है. ऐसा ही एक मामला बांका से सामने आया है. यहां पर संसाधानों की कमी के कारण स्कूल के शिक्षकों ने पिरामल फाउंडेशन के सहयोग से हैंगिंग लाइब्रेरी तैयार की है.

यह हैंगिग लाइब्रेरी बाराहाट प्रखंड के बेसिक स्कूल मोहनपुर में है. यह बांका का पहला सरकारी स्कूल है. हैंगिंग लाइब्रेरी के बारे में स्कूल के शिक्षक रवि ने कहा कि यहां पर किताबें तो थीं, लेकिन लाइब्रेरी नहीं होने के कारण बच्चों को काफी परेशानी होती थी. इसको देखते हुए यहां पर रस्सी के सहारे दीवार पर किताबें टांगी गईं.

सुरुचि संपन्न लाइब्रेरी

जब आप इस लाइब्रेरी में पहुंचेंगे, तो स्कूल के बच्चों और शिक्षकों की सुरुचि संपन्नता से भी आपका परिचय होगा. आप देखेंगे कि यहां की दीवारों पर कागज से काटकर बनाई गई चिड़ियों की आकृति चिपकाई गई है. जाहिर है कि इससे दीवार की खूबसूरती तो बढ़ी ही. इनके बीच टंगे मैप भी आकर्षक लगने लगे. कक्षा की एक दीवार लाइब्रेरी के काम भी आई. गांव-देहातों में कपड़े सुखाने के लिए जिस तरह तार या रस्सी दीवार के एक किनारे से दूसरे किनारे तक कील की सहायता से बांधे जाते हैं. ठीक वही काम हैंगिंग लाइब्रेरी के लिए भी किया गया है. दीवार पर कीलें ठोककर उनके बीच रस्सियां बांधी गई हैं और उन रस्सियों पर किताबें लटका दी गई हैं.

बच्चों को खूब भा रहा है लाइब्रेरी

स्कूल के बच्चों ने News18 Local से बताया कि वे लोग इस लाइब्रेरी में बैठकर पढ़ाई करते रहते हैं. इसमें शिक्षकों का भी सहयोग मिलता है. अगर बच्चों को किसी पुस्तक की जरूरत होती है, तो उसे यहां से घर भी ले जा सकते हैं. स्कूल के शिक्षकों ने बताया कि यहां पर पहली से पांचवीं कक्षा के छात्रों की पढ़ाई होती है.

पिरामल फाउंडेशन का सहयोग

स्कूल में हैंगिग लाइब्रेरी स्थापित करने में पिरामल फाउंडेशन का बड़ा योगदान रहा. पिरामल फाउंडेशन की आस्था गुप्ता ने बताया कि मोहनपुर स्कूल से इसकी शुरुआत की गई है. इससे बच्चे काफी प्रभावित हैं. अब दूसरे प्रखंडों में भी इस तरह की पहल की जाएगी. इसमें स्कूल के शिक्षकों का भी काफी सहयोग रहता है. साथ ही खेल-खेल के दौरान यानी मस्ती के साथ बच्चे स्कूल में पठन-पाठन करते हैं.

Tags: Banka News, Bihar News, Government School

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