होम /न्यूज /बिहार /नौकरी की मनौती के लिए चर्चित है बेगूसराय का दुर्गा मंदिर, हर साल पूजा का सारा खर्च वहन करता है कोई न कोई भक्त

नौकरी की मनौती के लिए चर्चित है बेगूसराय का दुर्गा मंदिर, हर साल पूजा का सारा खर्च वहन करता है कोई न कोई भक्त

Tradition and Belief: आज इस मंदिर में जिले के अलावा समस्तीपुर से भी मां दुर्गे के भक्त अपनी मुराद लेकर आते हैं. कहा जात ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

नौकरी के लिए चर्चित यह दुर्गा मंदिर बेगूसराय से तकरीबन 50 किलोमीटर दूर इब्राहिमपुर गांव में है.
भक्त यहां अच्छी नौकरी लग जाने की कामना करते हैं और मुराद पूरी होने पर पूजा का खर्च उठाते हैं.

रिपोर्ट: नीरज कुमार

बेगूसराय. शारदीय नवरात्र को लेकर जिले में भक्ति के साथ उत्सवी माहौल है. हर दुर्गा मंदिर में कई श्रद्धालु पूजा-अर्चना के साथ मनौती मांग रहे हैं और कई ऐसे भी हैं जो मनोकामना पूरी होने के बाद अपनी श्रद्धा अर्पित कर रहे हैं. कोई भगवती को लाखों रुपयों की माला चढ़ा रहा है, तो कोई छाग की बलि दे रहा है. ऐसे मंदिरों में बिहार के बेगूसराय जिला मुख्यालय के मां दुर्गा मंदिर की पहचान थोड़ी अलग है. यह दुर्गा मंदिर बेगूसराय से तकरीबन 50 किलोमीटर दूर इब्राहिमपुर गांव में है. मां दुर्गा के इस मंदिर में आनेवाले छात्र सरकारी या कोई अन्य अच्छी नौकरी लग जाने की कामना करते हैं और मुराद पूरी होने के बाद पूजा का पूरा खर्च उठाते हैं. इस वर्ष इब्राहिमपुर के रहनेवाले बिहार पुलिस सेवा से अवकाश प्राप्त जनार्दन सिंह के बेटे और बेगूसराय के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. रूपक कुमार ने मां वैष्णवी मंदिर के भव्य पंडाल का सारा खर्च उठाया है.

स्थानीय लोगों के मुताबिक, गांव के जनार्दन सिंह को बिहार पुलिस की नौकरी लगी. इसके बाद स्थानीय ग्रामीण प्रेमचंद्र सदा को एफसीआई में अकाउंटेंट की नौकरी लगी. यहीं से गांव में मंदिर निर्माण की बात आगे बढ़ी. साल 1997 से इस मंदिर का निर्माण शुरू हुआ. धीरे-धीरे जिनकी भी मुराद पूरी होती गई, वे यहां मंदिर को स्वरूप देते गए. आज इस मंदिर में जिले के अलावा समस्तीपुर से भी मां दुर्गे के भक्त अपनी मुराद लेकर आते हैं. कहा जाता है कि यह मंदिर खास तौर से पुलिस की नौकरी की चाहत रखनेवाले छात्रों के बीच चर्चित है. अष्टमी के बाद मैया मंदिर का पट खुलते ही प्रतिमा की पूजा शुरू हो चुकी है. यहां पिछले 25 वर्षों से तीन दिवसीय मेले का भी आयोजन किया जा रहा है.

पूजा का खर्च उठाने की परंपरा

इस मंदिर में नवरात्र की पूजा का खर्च वही लोग उठाते हैं, जिनकी नौकरी लगती है. इस व्यवस्था को बनाए रखने के लिए एक कमेटी भी बनाई गई है. दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष नीरज कुमार, कोषाध्यक्ष कुंदन सिंह, सचिव दुर्गा प्रसाद ने बताया कि जिनकी नौकरी लगती है, वे तो पूजा का खर्च उठाते ही हैं. इसके अलावा पूजा में पूरे गांव का भी सहयोग रहता है. हर वर्ष ग्रामीण भक्ति भाव से माता वैष्णवी की आराधना करते हैं. जबकि, मनोकामना पूर्ण होने पर सदर प्रखंड के मोहनपुर गांव के रहनेवाले चन्द्रशेखर सिंह के पुत्र सुनील माधव प्रतिवर्ष कुछ न कुछ चढ़ावा चढ़ाते आ रहे हैं.

Tags: Begusarai news, Bihar News, Durga Pooja

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें