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एमएलसी से केंद्रीय मंत्री तक: फायरब्रांड नेता गिरिराज सिंह का राजनीतिक करियर

गिरिराज सिंह

गिरिराज सिंह

बीजेपी के फायर ब्रांड नेता गिरिराज सिंह की गिनती मोदी कैबिनेट के उन मंत्रियों के तौर पर होती रही है जो अपने काम से ज्यादा बयानों के लिए जाने जाते हैं.

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बिहार की हाईप्रोफाइल सीट बेगूसराय से बीजेपी प्रत्याशी और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह चुनाव जीत गए हैं. गिरिराज सिंह ने यह चुनाव बड़े अंतर से जीता से जीता है. हालांकि पहले यह कहा जा रहा था कि कन्हैया कुमार और तनवीर हसन कड़ी टक्कर दे रहे हैं लेकिन चुनावी नतीजों में कहीं कोई टक्कर नहीं दिखाई दी. गिरिराज सिंह को 687577, कन्हैया कुमार को 269976 और तनवीर हसन 196800 वोट मिले.

बीजेपी के फायर ब्रांड नेता गिरिराज सिंह की गिनती मोदी कैबिनेट के उन मंत्रियों के तौर पर होती रही है जो अपने काम से ज्यादा बयानों के लिए जाने जाते हैं. हिन्‍दुत्‍व से लेकर आतंकवाद और राम मंदिर तक पर अपनी बेबाक राय रखने वाले गिरिराज सिंह ने इस बार बिहार की बेगूसराय सीट से चुनाव मैदान में थे.

कौन हैं गिरिराज सिंह



एमएलसी से लेकर मोदी कैबिनेट तक कैसा है गिरिराज सिंह का सियासी सफर ये आपको न्यूज 18 बता रहा है. गिरिराज सिंह का जन्म लखीसराय जिले के बड़हिया में भूमिहार ब्राह्मण परिवार में हुआ था. यही कारण है कि इस बार के चुनाव में उन पर बाहरी प्रत्‍याशी होने का आरोप लगा. हालांकि, केंद्रीय मंत्री लगातार इन आरोपों को खारिज करते रहे. गिरिराज सिंह की शिक्षा की बात की जाए तो उन्होंने बिहार के ही मगध यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है. गिरिराज सिंह की पत्नी का नाम उमा सिन्हा है और उनकी एकमात्र बेटी है.
गिरिराज सिंह वर्ष 2002 में पहली बार बिहार विधानपरिषद के सदस्य यानि एमएलसी चुने गए थे. वह शुरू से ही पीएम नरेंद्र मोदी के मुरीद रहे हैं. वह 2008 से 2010 के बीच नीतीश कुमार की सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे. गिरिराज सिंह नीतीश सरकार में 2010 से 2013 तक पशुपालन और डेयरी मंत्री रहे. साल 2014 में वह केंद्र की राजनीति में आ गए. यह वो समय था जब उनके बयान अखबारों के साथ ही मीडिया में सुर्खियां बनती थीं. गिरिराज को बीजेपी ने नवादा सीट से लोकसभा चुनाव में उतारा और उन्होंने राजद के प्रत्याशी को हराकर जीत हासिल की. मोदी सरकार के 2 साल बीतने के बाद गिरिराज को मोदी सरकार में राज्य मंत्री बनाया गया था.

बयान के कारण विवादों से नाता

गिरिराज सिंह का नाम हमेशा से विवादित बयानों से जुड़ता रहा है. चाहे बात किसी को पाकिस्तान परस्त कहने की हो या फिर पाकिस्तान भेजने की, वहां पटाखे जलाने की हर बार ऐसे बयानों से गिरिराज सिंह का नाम जुड़ता रहा है. गिरिराज सिंह कई बार अपने बयानों की वजह से ही पार्टी की नाराजगी का शिकार हो चुके हैं. हाल के दौर में गिरिराज सिंह के बयान को लेकर आचार संहिता उल्लंघन के मामले भी दर्ज हुए थे.

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