बिहारः मिलिए मोती की खेती करने वाले से, जिसकी PM नरेंद्र मोदी भी कर चुके हैं तारीफ
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बिहारः मिलिए मोती की खेती करने वाले से, जिसकी PM नरेंद्र मोदी भी कर चुके हैं तारीफ
स्थानीय लोग भी जयशंकर सिंह की भूरी भूरी प्रशंसा करते नहीं थक रहे हैं.

बेगूसराय जिला मुख्यालय से तकरीबन 50 किलोमीटर दूर डंडारी प्रखंड (Dandari Block) का तेतरी गांव आज एक बार फिर पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है. साथ ही यह गांव मोती की खेती के लिए प्रसिद्धि की ओर अग्रसर है

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बेगूसराय. कहते हैं दिल में कुछ करने की चाह और हौसलों में उड़ान हो तो मंजिल के रास्ते भी धीरे-धीरे छोटे पड़ने लगते हैं. ऐसा ही एक कारनामा कर दिखाया है बेगूसराय (Begusarai) जिले के तेतरी निवासी जयशंकर सिंह (Jaishankar Singh) ने. इन्होंने सीप पालन से उत्कृष्ट किस्म के मोती तैयार कर ग्रामीण कुटीर उद्योग को एक नई दिशा दी है. यही वजह है कि रविवार को मन की बात कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने जयशंकर सिंह की भूरी- भूरी प्रशंसा की. प्रधानमंत्री के द्वारा मन की बात कार्यक्रम में मोती की खेती का जिक्र आने के बाद तो जैसे जयशंकर सिंह के हौसलों की उड़ान एक बार फिर तेज हो गई है.

बेगूसराय जिला मुख्यालय से तकरीबन 50 किलोमीटर दूर डंडारी प्रखंड (Dandari Block) का तेतरी गांव (Tettri Village) आज एक बार फिर पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है. साथ ही यह गांव मोती की खेती के लिए प्रसिद्धि की ओर अग्रसर है. दरअसल, तेतरी निवासी जयशंकर सिंह वर्ष 2009 से ही सीप पालन कर मोती उत्पादन कर रहे हैं. यूं तो जयशंकर सिंह के जीवन काल में कई बाधाएं आईं लेकिन अपने हौसलों की वजह से उन्होंने सारी बाधाओं को दूर करते हुए यह मुकाम हासिल किया है. सीप पालन में बेहतर कार्य करने के लिए अब तक सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं के द्वारा कई बार जयशंकर सिंह को सम्मानित भी किया जा चुका है.

रसायन शास्त्र से एमए तक की पढ़ाई
दरअसल, जयशंकर सिंह ने रसायन शास्त्र से एमए तक की पढ़ाई की लेकिन जब उन्हें कोई रोजगार नहीं मिला तब उन्होंने स्वाबलंबी बनने की ठान ली. अपने सीमित भूभाग में तकरीबन एक बीघे खेत में तालाब का निर्माण करवाया. इसी क्रम में एक मासिक पत्रिका में उन्होंने मोती उत्पादन के बारे में एक लेख पढ़ा और इसी से उन्हें प्रेरणा मिली. साथ ही लगनशील होने की वजह से उन्होंने कुछ जलीय जीव शीप की व्यवस्था की और शीप पालन कर मोती उत्पादन से जुड़ गए.
देवी-देवताओं की शक्ल में भी करते हैं मोती का उत्पादन


धीरे- धीरे अन्य पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित सीप की खेती से संबंधित आलेख पढ़ने के बाद एवं इंटरनेट पर काफी खोजबीन के बाद जयशंकर सिंह ने सीप पालन को एक कुटीर उद्योग के रूप में विस्तारित करने की सोची. और फिर उन्होंने शीप से कई दुर्लभ तरीके के मोती का भी उत्पादन किया. आज जयशंकर सिंह के तालाब से भारतीय देवी-देवताओं के शक्ल की मोती उत्पादित होती है.

आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में जुटे जयशंकर सिंह
जयशंकर सिंह की माने तो बिहार में प्रतिभाओं की कमी नहीं है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने कार्यकाल में लगातार आत्मनिर्भरता की बात कहते हैं. अब जयशंकर सिंह ने प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को एक मुहिम के तौर पर लिया है और जोर शोर से मोती उत्पादन में जुट गए हैं. इसी कड़ी में जयशंकर सिंह के द्वारा ग्रामीण किसानों को भी प्रशिक्षित किया जा रहा है और उन्हें मोती की खेती करने के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है. प्रधानमंत्री के द्वारा मन की बात में सीप की खेती की चर्चा के बाद जयशंकर सिंह ने कहा कि आने वाले दिनों में सीप पालन एवं मोती उत्पादन को एक बड़ा सम्मान मिलने की संभावना है.

स्थानीय लोग भी जयशंकर सिंह की कर रहे प्रशंसा
स्थानीय लोग भी जयशंकर सिंह की भूरी भूरी प्रशंसा करते नहीं थक रहे हैं. स्थानीय लोगों ने बताया कि जयशंकर सिंह शुरू से ही लगनशील व्यक्ति रहे हैं और जीवन की कठिनाइयों को उन्होंने अपने हौसलों से छोटा कर दिखाया. भाजपा नेता अमरेंद्र कुमार अमर ने बताया कि बेगूसराय के सांसद गिरिराज सिंह वर्तमान में पशुपालन मंत्री हैं. ऐसे में गिरिराज सिंह के संज्ञान में भी जय शंकर सिंह के द्वारा मोती उत्पादन किए जाने की बात है. पशुपालन मंत्री होने के नाते आने वाले दिनों में गिरिराज सिंह के द्वारा बेगूसराय में इसे एक बड़े उद्योग के रूप में विस्तारित किया जाएगा.
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