Lockdown में घर का खाना रहा मजेदार, बिहार के 18 जिलों में LPG सिलेंडर की खपत बढ़ी
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Lockdown में घर का खाना रहा मजेदार, बिहार के 18 जिलों में LPG सिलेंडर की खपत बढ़ी
लॉकडाउन की अवधि के दौरान बिहार के बेगूसराय और उससे सटे 18 जिलों में रसोई गैस सिलेंडर की खपत में 40 फीसदी इजाफा दर्ज किया गया

बिहार के 18 जिलों में लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान अप्रैल में 18 लाख गैस सिलेंडर (LPG Cylinder) बांटे गए, जो पिछले साल के आंकड़ों के मुकाबले 6 लाख ज्यादा है.

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  • Last Updated: June 10, 2020, 10:33 AM IST
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बेगूसराय. कोरोना बंदी (COVID-19) के दौरान लॉकडाउन से देश-दुनिया के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा है. लेकिन इसी दौरान घर में परिवार के साथ रहने (Stay at Home) का लोगों ने आनंद भी उठाया. परिवार के साथ रहने का सबसे ज्यादा असर घर की रसोई, यानी आपके किचेन पर ही पड़ा है. जी हां, बिहार के 18 जिलों में लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान घरेलू गैस सिलेंडर की खपत से इसका अंदाजा लगा सकते हैं. औसत खपत के मुकाबले लॉकडाउन में 40 फीसदी अधिक गैस सिलेंडरों की खपत दर्ज की गई है. यह आंकड़ा सिर्फ बेगूसराय का नहीं, बल्कि बिहार के 18 जिलों का है. दरअसल, बेगूसराय क्षेत्र के तहत प्रदेश के 18 जिलों में गैस सिलेंडर (LPG cylinder) का वितरण होता है. इन जिलों में अप्रैल महीने में 18 लाख गैस सिलेंडर बांटे गए. साल 2019 में अप्रैल महीने में सिर्फ 11 लाख सिलेंडरों का वितरण हुआ था. यानी इस साल 40 फीसदी यानी 6 लाख ज्यादा सिलेंडर बांटे गए हैं.

बाजार बंद हुए तो घर की रसोई का काम बढ़ा

लॉकडाउन के दौरान बाजार बंद थे, जिसका असर घर की रसोई पर पड़ा और गैस खपत की मूल वजह यही है. गृहिणी रंजना कुमारी ने बताया कि बाजारों से बने-बनाए सामान लाने पर पाबंदी तो थी ही, लोग सुरक्षा की दृष्टि से भी घर का खाना खा रहे थे. इसलिए किचेन पर भार पड़ना ही था. गृहिणी सोनी देवी ने कहा कि घर में सब लोग साथ रहें तो सबकी पसंद का खाना बनाना ही पड़ता है, ऐसे में गैस की खपत बढ़नी ही थी. इन सबके बीच कोरोना वॉरियर्स बनकर उभरे गैस वेंडर्स, जिन्होंने इस संक्रमण काल में लोगों के घर-घर तक सिलेंडरों की डिलीवरी की. हालांकि गैस कंपनियों ने भी इन कोरोना वॉरियर्स की सुरक्षा का इंतजाम किया था. गैस वेंडरों की सेहत का बीमा भी कराया गया था.



लॉकडाउन के दौरान परिवार से लगभग सभी सदस्य घरों में ही रहे, इससे जिससे माना जा रहा है कि किचन में रसोई गैस सिलेंडर की खपत बढ़ी

घरेलू गैस की बढ़ी तो कॉमर्शियल की खपत घट गई

लॉकडाउन के दौरान जहां एक तरफ घरेलू गैस की खपत बढ़ गई, वहीं कॉमर्शियल सिलेंडर के वितरण में कमी दर्ज की गई है. बेगूसराय में इंडेन गैस के क्षेत्रीय प्रबंधक राजन रंजन ने कहा कि लॉकडाउन की वजह से बाजार बंद हो गए तो खाने-पीने की चीजों के लिए लोग घर की रसोई पर निर्भर हो गए. परिवारों में पुरुषों ने भी शौक से रसोई की कमान संभाली. लजीज व्यंजन का दौर लंबे समय तक चला, जिसके कारण घरेलू गैस की खपत में 40% से भी ज्यादा की वृद्धि दर्ज की गई है. इसके ठीक विपरीत कॉमर्शियल गैस की मांग 90% तक कम हो गई.

क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान गैस वितरण बड़ी चुनौती थी. एक तरफ लोगों की मांग बढ़ रही थी, तो वहीं सरकार के निर्देशों के मुताबिक हमें काम करना था. ऐसे में सिलेंडरों की निर्बाध सप्लाई होती रहे, इसके लिए कंपनी ने रिफाइनरी से लेकर बॉटलिंग प्लांट और वहां से संबंधित जिलों तक की सप्लाई चेन को दुरुस्त कर गैस सिलेंडरों की डिलीवरी जारी रखी. बिहार के सभी 18 जिलों के गैस वितरकों को सख्त हिदायत दी गई थी कि डोर टू डोर गैस सप्लाई ही करनी है, लेकिन कोरोना प्रोटोकॉल का हर हाल में पालन करना है.

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