Lockdown Diary: बेटे की मौत की खबर सुन घर के लिए निकला, दिल्ली में बदमाशों ने लूटे 5000 रुपए
Patna News in Hindi

Lockdown Diary: बेटे की मौत की खबर सुन घर के लिए निकला, दिल्ली में बदमाशों ने लूटे 5000 रुपए
बेटे की मौत के बाद लॉकडाउन में फंसे पिता की वायरल हुई थी तस्वीर.

बिहार के बेगूसराय निवासी रामपुकार पंडित दिल्ली में रहकर मजदूरी करते थे. Lockdown के दौरान बेटे की मौत की खबर से परेशान पैदल ही घर को रवाना हुए तो मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा. पढ़िए प्रवासी मजदूर के पोस्टरब्वॉय बने रामपुकार पंडित की कहानी...

  • Share this:
नई दिल्ली. पिछले दिनों सोशल साइट्स पर एक तस्वीर वायरल (Viral Photo) हुई थी. इस तस्वीर में एक रोता हुआ शख्स किसी से फोन पर बात करते हुए नजर आया था. इस तस्वीर को बाद में लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान प्रवासी मजदूरों (Migrant Workers) का पोस्टरब्वॉय करार दिया जाने लगा. इस तस्वीर में जो शख्स दिखा था, उसका नाम रामपुकार पंडित है. पंडित बिहार के बेगूसराय (Begusarai) जिले के खोदाबंदपुर प्रखंड का रहने वाला है, जो दिल्ली के नजफगढ़ में दिहाड़ी मजदूरी का काम करता है.

बच्चे की मौत, ऊपर से 5000 रुपए की छिनैती

बीते 10 मई को पंडित को खबर मिली थी कि उसका एक साल का इकलौता बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा. इसके बाद ही पंडित ने लॉकडाउन के बीच में पैदल ही घर जाने का फैसला कर लिया. बीते 11 मई को वह नजफगढ़ से पैदल बेगूसराय के लिए निकल पड़ा, लेकिन परेशानियों ने रास्ते में भी उसका पीछा करना नहीं छोड़ा. न्यूज 18 हिंदी से बातचीत में रामपुकार ने बताया कि दिल्ली में यमुना नदी से पहले एक पुल पड़ता है, वहां पर कुछ लोगों ने उसे मारुति गाड़ी में बैठा कर उसकी जेब से 5000 रुपए छीन लिए.



Migrant Laboures, Rampukar Pandit, Viral Picture, Migrant Worker, PTI, Crying Over Phone, Lockdown, COVID-19, viral picture, migrant worker, crying on phone story, Begusarai, bihar, Coronavirus, Rampukar Pandit, ram pukar pandit, khodabandpur, laloo prasad yadav, tejasvi yadav, rampukar Pandit, Bihar migrant,Coronavirus, कोरोना वायरस, रामपुकार पंडित, प्रवासी कामगार, बेगूसराय, बिहार प्रवासी मजदूर, salma francis, सलमा फ्रांसिस rampukar pandit Migrant Labour begusarai ground reporting Behind Viral Picture Of Crying on Phone in lockdown nodrss
10 मई को खबर मिली थी की उसका एक साल का इकलौता बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा.




रामपुकार ने बताया, ‘अब मेरे पास कुछ नहीं बचा था. मैंने रास्ते में एक पुलिस वाले को सारी बात बताई. पुलिस वाले ने एक बस में बैठा कर ड्राइवर को आगे छोड़ देने को बोल दिया. बस ड्राइवर ने मुझे दिल्ली के गाजीपुर सब्जी मंडी के पास छोड़ दिया.' पंडित कहते हैं, 'एक साल के बेटे की मौत से मैं परेशान था, ऊपर से मेरे पैसे भी छीन लिए. मैं अंदर से पूरी तरह टूट चुका था.'

सलमा दीदी ने 5500 रुपए दे कर भेज दिया घरॉ

इस बीच सब्जी मंडी के फ्लाईओवर के पास सलमा दीदी (सलमा फ्रांसिस, समाज सेविका) की मुझ पर नजर गई. सलमा दीदी को मैंने अपनी पूरी बात बताई. सलमा दीदी ने तीन दिनों तक मुझे खाना खिलाया और 14 मई को मेरा टिकट करवा कर मुझको भेज दिया. दीदी ने अपनी गाड़ी से मुझे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन तक छोड़ा और 5500 रुपए भी दिए.’

Migrant Laboures, Rampukar Pandit, Viral Picture, Migrant Worker, PTI, Crying Over Phone, Lockdown, COVID-19, viral picture, migrant worker, crying on phone story, Begusarai, bihar, Coronavirus, Rampukar Pandit, ram pukar pandit, khodabandpur, laloo prasad yadav, tejasvi yadav, rampukar Pandit, Bihar migrant,Coronavirus, कोरोना वायरस, रामपुकार पंडित, प्रवासी कामगार, बेगूसराय, बिहार प्रवासी मजदूर, salma francis, सलमा फ्रांसिस rampukar pandit Migrant Labour begusarai ground reporting Behind Viral Picture Of Crying on Phone in lockdown nodrss
रामपुकार पंडित ने कहा है कि लालू जी के लड़के ने 1 लाख रुपए दिए हैं.


पंडित कहते हैं, 'मेरा सब कुछ उजड़ गया. कमाते हैं तो खाते हैं. खेत वगैरह भी हमारे पास नहीं है. लालू जी (लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव) के लड़के ने 1 लाख रुपए दिए हैं. वीडियो पर उन्होंने बात भी की थी. कुछ और स्थानीय लोगों के जरिए 5-10 हजार रुपए मिले हैं, लेकिन अभी तक स्थानीय प्रशासन की तरफ से किसी तरह का कोई मदद नहीं मिली है.'

तेजस्वी यादव ने दिए एक लाख रुपए

रामपुकार की तीन बेटियां हैं. बड़ी बेटी पुनम आंगनबाड़ी केंद्र की स्कूल में पढ़ती है, जबकि पत्नी गृहस्थी करती है. भूख और बेबसी के बीच लोगों की मेहरबानी से रामपुकार पंडित की दो जून की रोटी भले ही चल पा रही हो, पर अपने एक मात्र लड़के की मौत के सदमे से पंडित अभी तक नही उबर नहीं पा रहा है. बार-बार बच्चे को लेकर रोने लगता है.

 

ये भी पढ़ें: 

रेलवे की एक और बड़ी लापरवाही, 342 प्रवासी मजदूरों को बीच रास्ते में ही छोड़ कर ट्रेन आगे बढ़ गई
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading