Bihar Assembly Elections: जीत की हैट्रिक लगा चुके हैं JDU के नरेन्द्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल

गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र से तीन बार लगातार जीत चुके जेडीयू उम्मीदवार के लिए चुनौती.
गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र से तीन बार लगातार जीत चुके जेडीयू उम्मीदवार के लिए चुनौती.

गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र (Gopalpur Assembly Constituency) में कुल मतदाता 253680 हैं जिनमें पुरुष मतदाता 133975, महिला मतदाता 119694 एवं अन्य 11 हैं. 

  • News18 Bihar
  • Last Updated: September 19, 2020, 2:08 PM IST
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भागलपुर. गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र (Gopalpur Assembly Constituency) के वर्तमान में जनता दल यूनाइटेड के नरेन्द्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल हैट्रिक लगाते हुए लगातार तीन बार से प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. भाजपा की बात करें तो अब तक केवल 1990 में भाजपा के ज्ञानेश्वर यादव (Gyaneshwar Yadav of BJP) जीत दर्ज कर पाये. कांग्रेस के मदन प्रसाद सिंह 1969, 1972, 1980 और 1985 में चुनाव जीतकर चार बार गोपालपुर का प्रतिनिधित्व किये हैं. वहीं जदयू के नरेन्द्र कुमार नीरज 2005 से ही लगातार हैट्रिक लगाते हुए जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंच रहे हैं. सीपीआई के मणिराम सिंह तीन बार 1957, 1967 और 1977 में जीत दर्ज की है. वहीं आर.के.राणा 1995 में जनता दल और 2000 में राजद के टिकट से विधानसभा पहुंचने में कामयाब रहे. फरवरी 2005 के मध्यावधि चुनाव में अमित राणा भी सात महीनों के लिए विधायक चुने गये. वर्तमान परिपेक्ष्य में बात करें तो मुख्य मुकाबला जदयू और राजद से ही है.

अपराध ने बाधित किया विकास

गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र नवगछिया पुलिस जिला का प्रमुख विधानसभा क्षेत्र है. इस क्षेत्र में आने वाला नवगछिया अनुमंडल सालों से जिला बनने की बाट जोह रहा है. अपराध और आपराधिक वारदातों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सन् 1972 में ही नवगछिया पुलिस जिला बना, बावजूद इसके अपराध नवगछिया और गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या है. पिछले दो-तीन दशक से यह क्षेत्र अपराधियों का शरणस्थली के रूप में जाना जाने लगा है. आये दिन लूट और हत्या की घटनाएं होती रहती हैं.



बाढ़-कटाव का निदान नहीं हो पाया
गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र में नवगछिया, इस्माइलपुर, रंगरा, गोपालपुर चार प्रखंड हैं जिनमें 36 पंचायत हैं. लेकिन अधिकांश पचायत पिछड़ेपन की शिकार हैं. बाढ़ और कटाव एक बड़ी समस्या के रूप में मुंह बाये हरेक साल खड़ी रहती है. विधानसभा क्षेत्र का करीबन 20 पंचायत कटाव की चपेट में हैं. कमलाकुंड, मदरौनी जैसे गांव तो कोसी नदी में विलीन हो चुके हैं.  कटाव निरोधी काम के नाम पर अबतक करोड़ों रुपये खर्च किये गये, लेकिन स्थायी निदान हो नहीं पाया.

सड़क-बिजली को तरसती जनता

गंगा और कोसी नदी के कारण बड़ा हिस्सा दियारा क्षेत्र है, जहां अपराध और आपराधिक वारदातें आम बात हो गयी है. कहा जाता है कि गंगा और कोसी के दियारा इलाकों में अपराधियों की मंडी सजती है. आज भी यह इलाका विकास से महरूम है. सड़क और बिजली की भारी कमी है. नवगछिया से इस्माइलपुर प्रखंड जाने के लिए अच्छी सड़क तक नहीं है. बरसात के मौसम में इस्माइलपुर प्रखंड अनुमंडल मुख्यालय समेत जिला मुख्यालय से पूरी तरह कटकर टापू बन जाता है.

फसलों को बेचने की उचित व्यवस्था नहीं

गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों के जीविका का प्रंमुख साधन कृषि है. मक्का और अगहनी फसलों के साथ दियारा क्षेत्र में उड़द ( स्थानीय भाषा में कलाय) की खेती मुख्य रूप से होती है. यह क्षेत्र केला और मकई की खेती के लिए भी जाना जाता है. दोनों फसलों पर आधारित प्रसंस्करण उद्योग लगाने की कई बार घोषणा हुई, लेकिन अमल नहीं हुआ.  बाहर ले जाने की सही व्यवस्था नहीं होने के कारण किसान अपने उत्पादों को कम कीमतों पर बिक्री करने को मजबूर होते हैं.

कटाव रोकने के लिए बांध का काम

विकास कार्यों की बातकरे तो पिछले पांच साल में नवगछिया स्टेशन को मॉडल स्टेशन बनाने का बड़ा काम दिख रहा है. राजधानी एक्सप्रेस समेत कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव हुआ है. इस विधानसभा क्षेत्र से गुजरने वाली एनएच 31 न केवल इस इलाके को पटना से बल्कि नार्थ ईस्ट राज्यों से भी जोड़ने का काम करती है.  विधानसभा क्षेत्र के सभी प्रखंडों में बिजली ग्रिड बनने से विधानसभा क्षेत्र के हरेक गांवों में बिजली पहुंच गयी है. कटाव रोकने के लिए बांध बनाने का काम भी चल रहा है.
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