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Bihar Election Result 2020 Live: बिहपुर विधानसभा सीट से BJP को मिली जीत

Bihar Election Result: बिहपुर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी जीती.
Bihar Election Result: बिहपुर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी जीती.

Bihar Assembly Election Result 2020 Live Updates: बिहपुर से पूर्व सांसद बुलो मंडल (Bulo Mandal) तीन बार जीत की हैट्रिक लगा चुके हैं. उन्होंने 2000, 2005 के फरवरी और 2005 के अक्टूबर के चुनाव में जीत दर्ज की.

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भागलपुर. बिहपुर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के कुमार शैलेंद्र ने राष्ट्रीय जनता दल के शैलेश कुमार को 6,129 मतों से हराया. बिहपुर (Bihpur) आजादी के आन्दोलन के दीवानों के रूप में जाना जाता है, लेकिन कालान्तर में अपराध और आपराधिक वारदातों के कारण सूबे में सुर्खियों में रहा.सियासत की बात करे तो भागलपुर जिले का बिहपुर विधानसभा क्षेत्र राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है. आजादी के बाद बिहपुर की धरती कम्युनिस्टों की धरती रही है. चार बार सीपीआई (CPI) ने बिहपुर से जीत दर्ज करायी है, लेकिन बीस सालों से राजद और भाजपा (RJD and BJP) के बीच कड़ा मुकाबला होता रहा है और इस कड़े मुकाबले में राजद ने भी चार बार जीत दर्ज किया है.

बिहपुर भागलपुर जिले की पहली विधानसभा सीट है, 2000 से लगातार तीन बार शैलेस कुमार उर्फ बुलो मंडल ने इस सीट से हैट्रिक लगाई. 2014 से 2019 तक युवा राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल भागलपुर के सांसद बने और 2015 में उनकी पत्नी वर्षा रानी बिहपुर की विधायक बनीं. जबकि भाजपा ने इंजीनियर कुमार शैलेन्द्र के रूप में 2010 में केवल एक बार जीत का स्वाद चखा. यूं तो बिहपुर में भाजपा की इंट्री 1980 में ही हो गयी थी, लेकिन सफलता 2010 में मिली. भाजपा और राजद के प्रत्याशियों के बीच कांटे का मुकाबला होता रहा.

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जीत की हैट्रिक लगा चुके हैं शैलेश
पूर्व सांसद बुलो मंडल तीन बार जीत की हैट्रिक लगा चुके हैं. उन्होंने 2000, 2005 के फरवरी और 2005 के अक्टूबर के चुनाव में जीत दर्ज की. चार बार सीपीआई ने बिहपुर से जीत दर्ज की है. तीन बार प्रभुनारायण राय और एक बार सीताराम सिंह आजाद चुनाव जीते थे. 1977 के जेपी आन्दोलन के दौरान जिले की पीरपैंती, गोपालपुर और बिहपुर विधानसभा सीट पर सीपीआई ने जीत दर्ज की थी. कांग्रेस ने तीन बार और बीजेएस, जनता दल तथा जेएनपी (जेपी) के प्रत्याशियों ने एक बार क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया. राजेन्द्र प्रसाद शर्मा कांग्रेस के टिकट पर 1980 और 1985 में लगातार जीत दर्ज की. इस सीट पर जदयू का खाता अभी तक नहीं खुला है.



आजादी की लड़ाई का केंद्र रहा बिहपुर
बिहपुर का स्वराज आश्रम स्वतंत्रता आन्दोलन का केन्द्र रहा.  स्व. डॉ. राजेन्द्र प्रसाद सिंह सहित अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के नेतृत्व में आजादी की लड़ाई लड़ी गयी.अंग्रेजों ने आन्दोलन कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज भी किया था. क्षेत्र का भ्रमरपुर स्थित दुर्गा मंदिर, मड़वा स्थित बाबा ब्रजलेश्वर धाम और दाता मांगनसाह रहहमतूल्ला अलैह आस्था का केन्द्र है.

सामाजिक-आर्थिक समीकरण जानें
बिहपुर विधानसभा क्षेत्र गंगा और कोसी के बीच में बसा हुआ है. अधिकतर ग्रामीण आबादी है. क्षेत्र के किसान बड़े पैमाने पर केला, मक्का और लीची की खेती करते हैं। केला और मक्का देश के दूसरे राज्यों में भी जाता है. हालांकि यहां केला और मक्का आधारित उद्योग नहीं होने से किसानों को फसल की उचित कीमत नहीं मिल पाती. बिहपुर विधानसभा भूमिहार-गंगौता बहुल क्षेत्र माना जाता है. इसके बाद यादव और मुस्लिम मतदाताओं की संख्या है. नागर, वैश्य, ब्राह्मण और अनुसूचित जाति जनजाति मतदाताओं की संख्या भी अच्छी है.

बिहपुर विधानसभा में कुल मतदाता 257242,जिसमें पुरुष - 135383 और महिला मतदाताओं की संख्या 121849 और अन्य 10 हैं. बिहपुर विधानसभा में बिहपुर, नारायणपुर और खरीक प्रखंड आता है और कृषि ही लोगों के जीविका मुख्य साधन है. इस क्षेत्र में गंगा और कोसी नदी बाढ़ के रूप में हरेक साल तबाही का मंजर रचती है.
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