UPSC Results: भागलपुर के श्रेष्ठ अनुपम को मिला 19वां रैंक, पिता बोले- मेरा अधूरा सपना पूरा हुआ
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UPSC Results: भागलपुर के श्रेष्ठ अनुपम को मिला 19वां रैंक, पिता बोले- मेरा अधूरा सपना पूरा हुआ
यूपीएससी परीक्षा पास करने वाले श्रेष्ठ अनुपम

UPSC Results: श्रेष्ठ अनुपम 2018 में पहली बार यूपीएससी की परीक्षा में शामिल हुए. लेकिन प्रारंभिक परीक्षा से आगे नहीं बढ़ पाये. अब दूसरी बार में उन्हें सफलता प्राप्त हुई है.

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भागलपुर. बिहार के भागलपुर (Bhagalpur) के रहने वाले श्रेष्ठ अनुपम ने यूपीएससी की परीक्षा (UPSC Results) में 19वां रैंक लाया है. बेटे की इस सफलता पर परिवार में खुशी का माहौल है. अनुपम ने बारहवीं तक की पढ़ाई भागलपुर में करने के बाद आईआईटी दिल्ली से केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की. अनुपम ने अपने दूसरे प्रयास में ये सफलता हासिल की है.

श्रेष्ठ अनुपम ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा भागलपुर में ही पूरी की. सेंट जोसेफ स्कूल से मैट्रिक पास करने के बाद बारहवीं की पढ़ाई भागलपुर में ही एसकेपी विद्या विहार स्कूल से की. जिसके बाद ट्रिपल आईटी की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद आईआईटी जेई दिल्ली से 2014-18 सत्र में बीटेक केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की. 2018 में पहली बार यूपीएससी की परीक्षा में शामिल हुए. लेकिन प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद आगे नहीं बढ़ पाये. अब दूसरी बार में उन्हें सफलता प्राप्त हुई है.

श्रेष्ठ अनुपम अपने माता-पिता और बहन के अलावा ननिहाल के लोगों को अपना आदर्श मानते हैं. उन्होंने बताया कि उनके मामा भी आईआरएस हैं और रांची में पोस्टेड हैं. अनुपम की बहन आईआईटी धनबाद से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर बैंगलुरु में एक कम्पनी में काम कर रही हैं.



श्रेष्ठ अनुपम के पिता दिलीप कुमार अमर दिल्ली यूनिवर्सिटी से एमए किये हैं और अपने छात्र जीवन में यूपीएससी की परीक्षा में शामिल हुए थे. बेटे की कामयाबी पर उन्होंने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि जो वो नहीं कर सके, उसे पुत्र ने कर दिखाया.
मांआशा देवी खुद मैथ्स से एमएससी की हुई हैं और लगातार पुत्र का हौसला आफजाई करती रहीं. परिवार में खुशी का ठिकाना नहीं है. श्रेष्ठ अनुपम ने यूपीएससी की तैयारी कर रहे छात्रों को हार्डवर्क और विश्वास के साथ तैयारी करने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि वो खुद छह से सात विषयों के स्टैण्डर्ड बुक के साथ मेंस की परीक्षा के लिए आठ से दस घंटे रोजाना पढ़ाई की.
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