Corona Alert: भागलपुर में भी गहरा असर, सिल्क कारोबार हुआ चौपट
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Corona Alert: भागलपुर में भी गहरा असर, सिल्क कारोबार हुआ चौपट
चीन से माल नहीं आने के कारण महानगरों में बैठे स्टॉकिस्टों ने चाइनीज धागे की कीमत बढ़ा दी है और भागलपुर में धागे की कीमत में डेढ से दो हजार रुपये प्रति किलो का उछाल आया है. (प्रतीकात्मक फोटो)

चीन से बड़े पैमाने पर सिल्क धागे की आपूर्ति भागलपुर के सिल्क कारोबार में होती है लेकिन चीन में कोरोना वायरस के फैलाव के कारण इन दिनों चीन से आपूर्ति किए जाने वाले सिल्क धागे का आना ठप्प है

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 20, 2020, 10:36 PM IST
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भागलपुर. चीन में कोरोना वायरस फैलने का असर भागलपुर के सिल्क बाजार पर भी दिखने लगा है. चीन में फैले कोरोना वायरस के चलते अब वहां से सिल्क धागे की आपूर्ति नहीं होने के कारण स्टॉकिस्टों ने चाइनीज धागे की कीमत बढ़ा दी है. जिससे सिल्क धागे की आपूर्ति में बीस फिसदी से अधिक की कमी आ गई है. सिल्क सिटी के तौर पर पहचान रखने वाले भागलपुर को यह पहचान दिलाने में चीन का अहम योगदान है. चीन से बड़े पैमाने पर सिल्क धागे की आपूर्ति भागलपुर के सिल्क कारोबार में होती है लेकिन चीन में कोरोना वायरस के फैलाव के कारण इन दिनों चीन से आपूर्ति किए जाने वाले सिल्क धागे का आना ठप्प है

दो हजार रुपये का उछाल
चीन से माल नहीं आने के कारण महानगरों में बैठे स्टॉकिस्टों ने चाइनीज धागे की कीमत बढ़ा दी है और भागलपुर में धागे की कीमत में डेढ से दो हजार रुपये प्रति किलो का उछाल आया है. अब सिल्क के उत्पादन से लेकर मजदूरों के हाथों को मिलने वाले कामों में कमी आ गई है. सिल्क के कारोबार करने वाले जियाउर्रहमान ने बताया कि भागलपुर के सिल्क वस्त्र निर्माण में साठ फिसदी चीन से आयातित धागे का उपयोग होता है जबकि चालीस फिसदी देशी तसर सिल्क का उपयोग होता है. मुख्य रूप से सिल्क कपड़े के निर्माण में भागलपुर में पावरलूम का उपयोग होता है और चाइनीज धागा पतला और लचीला होने के कारण काम करने में आसानी होगी है. वहीं तसर सिल्क निर्माण में हैंडलूम पर कपड़े तैयार किए जाते हैं और इसमें देशी धागों का उपयोग ज्यादा होता है. वहीं कारोबारी मो. इकबाल अंसारी ने चीन से यान और थ्रेड की कमी का असर कारोबार पर पड़ने की बात कही. उन्होंने कहा कि चीन के धागों के स्टॉक कर रखने वाले कारोबारियों ने दाम में काफी इजाफा कर दिया है, जिसके कारण सिल्क कपड़े का निर्माण कम हो गया है. विदेशों से मिले ऑर्डर को पूरा करने के लिए ऊंची कीमतों पर धागा लेकर माल को तैयार किया जा रहा है.

इसलिए हैं मांग ज्यादा



दरअसल भागलपुर में पावरलूम की संख्या अधिक होने के कारण चाइनीज धागों की मांग अधिक है. चाइनीज धागा पतला होने के साथ अधिक लचीला होता है. जबकि देसी तसर हस्तकरघा पर चलता है और इसमें पहले कोकुन से धागा निकाला जाता है. धागा निकालने में भी व्यापारियों को अधिक राशि खर्च करनी पड़ती है. जबकि चाइनीज धागे बना बनाया मिल जाता है. इसमें कारोबारियों को मजदूरी भी बच जाती है. यही कारण है कि सिल्क कपड़ों के निर्माण में साठ फिसदी तक चाइनीज धागों का इस्तेमाल होता है. धागों के आवक में कमी और ऊंची कीमतों पर मिलने के कारण सिल्क कपड़ों की कीमत में उछाल के साथ कारोबार में गिरावट की संभावना तेज हो गई है.
First published: February 20, 2020, 10:36 PM IST
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