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पुलवामा हमला बरसी: फौजी बनना चाहता है शहीद रतन ठाकुर का 5 साल का बेटा
Bhagalpur News in Hindi

Rahul Thakur | News18 Bihar
Updated: February 14, 2020, 9:41 AM IST
पुलवामा हमला बरसी: फौजी बनना चाहता है शहीद रतन ठाकुर का 5 साल का बेटा
शहीद रतन कुमार ठाकुर का 5 साल का बेटा कृष्णा फौज में जाना चाहता है.

शहीद रतन कुमार ठाकुर के बड़े बेटे कृष्णा ने न्यूज़ 18 से कहा कि वो भी बड़ा होकर अपने पिता की तरह फौजी बनना चाहता है. कृष्णा महज पांच साल का है और केजी में पढ़ता है

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भागलपुर. पुलवामा हमले (Pulwama Attack) की आज यानी शुक्रवार को पहली बरसी है. पिछले साल आज ही के दिन यानी 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ (CRPF) के काफिले पर हुए आतंकी हमले में 40 से ज्यादा जवान शहीद हो गये थे. आतंकी हमले में शहादत प्राप्त करने वाले शहीद जवानों में भागलपुर के लाल रतन कुमार ठाकुर (Ratan Kumar Thakur) भी शामिल थे. आतंकियों की कायराना हरकत से शहीद हुए रतन कुमार ठाकुर का बेटा कृष्णा भागलपुर के एक निजी स्कूल में पढ़ता है. वो बड़ा होकर अपने पिता के समान बहादुर फौजी बनने की चाहत रखता है.

शहीद रतन कुमार ठाकुर का बड़ा बेटा कृष्णा ने न्यूज़ 18 से कहा कि वो भी बड़ा होकर फौजी बनना चाहता है. कृष्णा महज पांच साल का है और केजी में पढ़ता है. बता दें कि भागलपुर के सन्हौला के मदारगंज गांव के रतन कुमार ठाकुर सीआरपीएफ 45वें बटालियन में थे. 14 फरवरी, 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में वो वीरगति को प्राप्त हुए थे.

प्रतिमा लगवाने की घोषणा आज तक नहीं हुई पूरी

इसके बाद सन्हौला प्रखंड के मदारगंज रतनपुर चौक के बगल में शहीद रतन ठाकुर की प्रतिमा लगाने की घोषणा हुई थी लेकिन आज तक वो पूरी नहीं हुई है. हालांकि चौक पर लगी उनकी तस्वीर शहादत और बलिदान की कथा को बयां करती है.



मदारगंज चौक पर लगाई गई शहीद रतन कुमार ठाकुर की तस्वीर


बता दें कि शहीद रतन कुमार ठाकुर ने वर्ष 2011 में सीआरपीएफ जॉइन किया था. इसके बाद वर्ष 2014 में उनकी शादी बांका के बौसी में राजनंदनी से हुई थी. शहीद के पिता रामनिरंजन ठाकुर के मुताबिक शहीद रतन के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेवारी माउंट एसीसी स्कूल प्रबंधन ने ली है और उनके बड़े बेटे की पढ़ाई वहां हो रही है. उन्होंने पुलवामा हमले की सरकार की ओर से करायी जा रही जांच को जल्द पूरा करने की मांग की. उन्होंने स्मारक सहित द्वार निर्माण सहित गांव के उत्थान को लेकर किये वादे पूरे नहीं होने पर भी नाराजगी व्यक्त की.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शहीद रतन कुमार ठाकुर को श्रद्धांजलि दी थी


शहीद की पत्नी और भाई ने वादे पूरे होने पर जताई संतुष्टि

शहीद की पत्नी राजनंदिनी ने सरकार की ओर से किये गये वादों के पूरे होने पर संतुष्टि व्यक्त की. राज्य सरकार की ओर से शहीद के भाई मिलन कुमार ठाकुर को समाहरणालय में ग्रुप सी में लिपिक वर्ग में नौकरी दी गयी है. शहीद के भाई ने सरकार और सेना की ओर से किये गये वादों के पूरे होने की बात करते हए कहा कि गांव के चौक पर स्मारक लगना चाहिए. साथ ही स्कूल का नामकरण शहीद भाई के नाम पर किये जाने की आवश्यकता है.

शहीद रतन ठाकुर के शहादत के बाद गांव में मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री और अधिकारी तक पहुंचे थे और शहादत को श्रद्धांजलि दी गई थी. इस दौरान गांव और परिवार को लेकर सरकार की तरफ से कई वादे और आश्वासन भी दिये गये. इनमें से कुछ पूरे हुए और कुछ आज भी अधूरे हैं, इसका परिवार सहित स्थानीय लोगों को मलाल है.

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First published: February 14, 2020, 8:34 AM IST
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