Video: जब धोनी को मैदान से 5 बार गेंद बाहर मारने पर मिला था मैन ऑफ द सीरीज का खिताब
Cricket News in Hindi

Video: जब धोनी को मैदान से 5 बार गेंद बाहर मारने पर मिला था मैन ऑफ द सीरीज का खिताब
एमएस धोनी को वर्ल्‍ड कप सेमीफाइनल में डाइव न लगाने का मलाल है (फाइल फोटो)

MS Dhoni Retirement: धोनी की भागलपुर (Bhagalput) में खेली पारी आज भी वहां के लोगों के जेहन में बसी है. ये मैच धोनी (MS Dhoni) के लिए लक्की साबित हुआ था, क्योंकि इसी के बाद उनको टीम इंडिया ए और फिर बांग्लादेश दौरे के लिए चुना गया था.

  • Share this:
भागलपुर. भारतीय क्रिकेट टीम के सफल कप्तानों में से एक महेन्द्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) उर्फ माही ने शनिवार को अचानक से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी. माही के नाम से मशहूर इस खिलाड़ी का कनेक्शन भागलपुर से भी रहा है. 2004 में धोनी ने भागलपुर के सैंडिस कम्पाउंड में हेलिकॉप्टर शॉट लगाकर प्रशंसकों का मन जीता था और बतौर मैन ऑफ दी सीरीज 45 हजार रुपये की नगद राशि और मोमेंटो भी प्राप्त किया था. माही के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा से प्रशंसकों में काफी निराशा है.

2004 में भागलपुर के सैंडिस कम्पाउंड मैदान में जिला क्रिकेट एसोसियेशन की ओर से आयोजित सद्भावना कप क्रिकेट टूर्नामेंट में दिल्ली-एनसीआर की ओर से क्रिकेट टूर्नामेंट खेलने के लिए आये थे. इस टूर्नामेंट में राजेश चौहान, देवाशीष मोहंती, विजय दाहिया, गगनदीप सिंह जैसे कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने भी अलग-अलग टीमों की ओर से शिरकत किया था. उस समय धोनी का संघर्ष का दौर था और सैंडिस कम्पाउंड मैदान में आयोजित सद्भावना कप में अपने जौहर का प्रदर्शन करते हुए ताबड़तोड़ सिक्स लगाते हुए टूर्नामेंट के सबसे बेस्ट खेलाड़ी चुने गये थे.

टूर्नामेंट के दौरान उन्होंने लंबा सिक्स लगाकर पांच गेंदों को बाहर पहुंचा दिया था और वहां अपना लोहा मनवाया था. टूर्नामेंट में उनकी टीम रनर रही थी, लेकिन उन्होंने बड़े-बड़े खिलाड़ियों के बीच अपने खेल का जौहर मनवाया था. धोनी के साथ क्रिकेट खेल चुके बिहार क्रिकेट टीम के कप्तान रहमतउल्लाह और रणजी खिलाड़ी बासुकीनाथ मिश्रा ने बताया कि माही जब भागलपुर में खेल रहे थे तो उस समय भी वे बाइक के शौकीन थे और शहर में रहमतउल्लाह के भाई के पल्सर गाड़ी को लेकर तेज ड्राइव करते थे.



टूर्नामेंट आयोजन समिति के सदस्य सुबिर मुखर्जी और विजय शंकर ने बताया कि धोनी के लिए भागलपुर लक्की साबित हुआ, क्योंकि यहीं के बाद उनका सलेक्शन भारतीय ए टीम और फिर बांग्लादेश दौरे के लिए भारतीय क्रिकेट टीम में हुआ था. भागलपुर के कोच नवीनभूषण शर्मा, क्रिकेटर देवीशंकर, आलोक कुमार, संजय कुमार, मनोज गुप्ता, विपीन शर्मा ने बताया कि माही भागलपुर में काफी सादगी से रहते थे और मैच के बाद भी नेट पर घंटों प्रैक्टिस करते थे. सुबह-सुबह मैदान पहुंच कर नेट प्रैक्टिस के साथ फिटनेस के लिए घंटों एक्सरसाइज किया करते थे. इतना ही नहीं होटल में खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था की गयी थी और धोनी कभी-कभी अकेले छत पर जाकर सो जाया करते थे.


सद्भावना कप में माही अपने अंदाज से सबके नजरों के बीच आकर्षण का केंद्र बने. उस समय उनकी कोई इंटरनेशनल पहचान नहीं हुआ करती थी, लेकिन आगे चलकर कैप्टन कूल के नाम से जाना जाने वाले माही ने विश्व ने उसे ही सबसे बेहरीन कप्तान माना. टूर्नामेंट का हिस्सा बनने भागलपुर आए तमाम इंटरनेश्नल क्रिकेटरों के बीच धोनी का खेल चर्चा का विषय बन चुका था. माही ने अपनी कप्तानी में भारत को आईसीसी की तीन बड़े टूर्नामेंट में जीत दिलायी, जिसमें 2007 में आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप, 2011 में क्रिकेट विश्व कप और 2013 में आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी शामिल है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज