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इस मंदिर में होती है सामूहिक पूजा, 100 वर्षों से चल रही यही परंपरा, जानें वजह

बिहार के भागलपुर शहर के माशकचक स्थित दुर्गाबाड़ी मंदिर में मां दुर्गे की पूजा शक्तिपीठ की तर्ज पर की जाती है. यह इसलिए ...अधिक पढ़ें

    शिवम सिंह/भागलपुर. बिहार के भागलपुर में मां दुर्गा की पूजा विशेष विधि से की जाती है. शक्तिपीठ की तर्ज पर यहां पूजा की व्यवस्था है. दुर्गाबाड़ी के मुख्य पुरोहित विमल मुखोपाध्याय कोलकाता से आकर देवी का आह्वान करते हैं और पूजा की शुरुआत करते हैं. बंगाल के ही मूर्तिकार तरुण पाल जो कि दुर्गा बाड़ी की प्रतिमा बनाते हैं. इससे पहले तरुण पाल के वंशज ही यहां की प्रतिमा बनाते थे. बता दे कि मां के विराजते ही दुर्गा सप्तशती का पाठ महाआरती महाभोग में श्रद्धालु समर्पित हो जाते हैं. सप्तमी अष्टमी और नवमी को वैदिक मंत्र उच्चारण के बीच बंगाली पद्धति से भगवती की विशेष पूजा की जाती है.

    बेलूर मठ की तर्ज पर होती है दुर्गाबाड़ी में पूजा
    पूजा समिति के सचिव सुब्रतो मोइत्रा बताते हैं कि पश्चिम बंगाल के बेलूर मठ में जिस प्रकार से मां दुर्गा कि पूजा होती है ठीक उसी तर्ज दुर्गाबाड़ी मंदिर में पूजा करने की परंपरा रही है. 1918 से यहां सामूहिक पूजा हो रही है. यह स्थान शक्तिपीठ के तौर पर मना जाता है और पूर्वजों द्वारा स्थापित पूजा करने की परंपरा आज भी जारी है.

    सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्य करती है समिति
    पूजा समिति सदस्य एवं सचिव आगे बताते हैं कि पूजा के बाद यदि राशि बच जाती है तो उसे सोशल वेलफेयर में लगाया जाता है. समाजिक सरोकार से जुड़े कार्य जैसे गरीब बच्चों के पठन-पाठन मैं सहयोग करना, भारत सेवा संघ में योगदान देना आदि कार्य करते रहती है. साथ हीं बताया कि इस बार महाभोग सबसे पहले अनाथ बच्चों एवं वृद्ध आश्रम में जाएगा.

    10 लाख की लागत से तैयार हो रहा है शताब्दी द्वार
    दुर्गा बाड़ी मंदिर में 100 वर्ष से अधिक समय से पूजा-अर्चना हो रही है. समिति के सदस्य इसी खुशी में शताब्दी द्वार का निर्माण करवा रहें हैं. 10 लाख से अधिक की राशि से बनने वाले इस द्वार का काम लगभग पूरा हो चुका है. सचिव सुब्रतो मोइत्रा ने बताया कि शताब्दी द्वार का उद्घाटन 29 सितंबर को जिला अधिकारी सुब्रत कुमार सेन के द्वारा किया जाएगा. उद्घाटन के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाएगा. दुर्गाबाड़ी प्रबंधन ने 100 वर्ष पूरा होने पर शताब्दी द्वार का निर्माण कराया है. इस शारदीय नवरात्रा में यह शताब्दी द्वार श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण का केंद्र होगा.

    Tags: Bhagalpur news, Bihar News

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