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बिहार के इस बड़े अस्पताल में किडनी के मरीज की जगह टीबी मरीज की हुई डायलिसिस !

JLNMCH में किडनी पीडित उमेश यादव का बेड टीबी के मरीज दिनेश तांती के अगल-बगल में ही था. दिनेश बार-बार कह रहा था कि वह मरीज नहीं है, लेकिन अस्पताल में जबरदस्ती उनकी डायलिसिस करने की कोशिश की गई.

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पूर्वोत्तर बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पीटल (JLNMCH) का अजीब कारनामा सामने आया है. जब मामला उजागर हुआ तो अस्पताल प्रबंधन ने मामले को दबाने की भरपूर कोशिश की. दरअसल यहां किडनी के एक मरीज की जगह टीबी के मरीज की डायलिसिस को कोशिश की गई.

जानकारी के अनुसार बिहार में भागलपुर के JLNMCH में किडनी पीडित उमेश यादव का बेड टीबी के मरीज दिनेश तांती के अगल-बगल में ही था. टीबी बीमारी से ग्रसित दिनेश तांती बार-बार कह रहा था कि वह मरीज नहीं है, लेकिन अस्पताल में जबरदस्ती उनकी डायलिसिस करने की कोशिश की गई. इतना ही नहीं अस्पताल प्रबंधन ने अपनी इस गलती को छिपाने का भी हरसंभव प्रयास किया,लेकिन परिजनों के नहीं मानने पर मामले का खुलासा हो गया.

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हालांकि अस्पताल प्रबंधन मामले को गंभीर मामने से इंकार कर रहा है. अस्पताल के अधीक्षक डॉ आरसी मंडल ने कहा कि दोनों में किसी भी मरीज की डायलिसिस नहीं हुई. अस्पताल प्रशासन अपनी गलती छिपाने के लिए किसी भी जांच से भी इनकार भी कर रहा है.
आपको बता दें कि JLNMCH पूर्वोत्तर बिहार का सबसे बड़ा अस्पताल है जहां न केवल सीमांचल और कोशी क्षेत्र के मरीज इलाज कराने के लिए आते हैं,बल्कि बड़ी संख्या में झारखंड के भी मरीज आते हैं.

रिपोर्ट- आशीष नारायण

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