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बालू माफिया सक्रिय, हाईकोर्ट के आदेशों का उड़ रहा उल्लंघन

भागलपुर में सक्रिय हैं बालू माफिया और इनके सक्रियता में सहयोगी हैं जिला का खनन विभाग. खनन विभाग की निष्क्रियता के कारण न केवल विभिन्न प्रतिबंधित बालू घाटों पर अवैध बालू के कारोबार को अंजाम दिया जाता है बल्कि पटना हाईकोर्ट के आदेशों का उल्लंघन भी खुलेआम किया जाता है और यह सब मामला उजागर हुआ आईजी के छापेमारी के बाद.

भागलपुर में सक्रिय हैं बालू माफिया और इनके सक्रियता में सहयोगी हैं जिला का खनन विभाग. खनन विभाग की निष्क्रियता के कारण न केवल विभिन्न प्रतिबंधित बालू घाटों पर अवैध बालू के कारोबार को अंजाम दिया जाता है बल्कि पटना हाईकोर्ट के आदेशों का उल्लंघन भी खुलेआम किया जाता है और यह सब मामला उजागर हुआ आईजी के छापेमारी के बाद.

भागलपुर में सक्रिय हैं बालू माफिया और इनके सक्रियता में सहयोगी हैं जिला का खनन विभाग. खनन विभाग की निष्क्रियता के कारण ...अधिक पढ़ें

    भागलपुर में सक्रिय हैं बालू माफिया और इनके सक्रियता में सहयोगी हैं जिला का खनन विभाग. खनन विभाग की निष्क्रियता के कारण न केवल विभिन्न प्रतिबंधित बालू घाटों पर अवैध बालू के कारोबार को अंजाम दिया जाता है बल्कि पटना हाईकोर्ट के आदेशों का उल्लंघन भी खुलेआम किया जाता है और यह सब मामला उजागर हुआ आईजी के छापेमारी के बाद.

    भागलपुर में इस साल अब तक बालू घाटों की बंदोबस्ती नहीं हो पायी है, जबकि दिसम्बर माह में ही बंदोबस्ती की प्रक्रिया पूरी हो जानी चाहिए लेकिन खनन विभाग की शिथिलता के कारण अभी तक बंदोबस्ती नहीं हो पायी है जिसके कारण करोडों रूपयों के राजस्व का नुकसान हो रहा है.

    बालू घाटों की बंदोबस्ती नहीं होने के कारण बालू का अवैध कारोबार बदस्तूर जारी है. जिले के दर्जनों बालू घाटों पर बालू माफियाओं का अवैध कब्जा है और धड़ल्ले से वे अपने कारोबार को अंजाम देते हैं.

    बालू के इस अवैध कारोबार का खुलासा तब हुआ जब बार-बार मिली शिकायत के आधार पर आईजी बच्चू सिंह मीणा ने एसएसपी, एएसपी के साथ विभिन्न बालू घाटों पर छापेमारी की.

    पुलिस ने जिन घाटों पर भी छापेमारी की उन घाटों पर धडल्ले से बालू का अवैध उठाव किया जा रहा था. पटना हाईकोर्ट द्वारा खनन पर रोक लगाये गये जगदीशपुर के कई घाटों पर से भी बालू के खनन का काम जारी था. पूरे मामले में खनन विभाग की भूमिका संदेह के घेरे में है और मामले में जिला खनन पदाधिकारी कुछ भी कहने से इंकार किया. वहीं खनन विभाग के कर्मचारी बालू माफियाओं के सक्रियता की बात स्वीकारते हैं.

    बता दें कि इसी साल 09 अप्रैल को जिला खनन पदाधिकारियों और अन्य पर बालू माफियाओं ने जानलेवा हमला किया था.

    मामले में आईजी बच्चू सिंह मीणा का कहना है कि घाटों की बंदोबस्ती नहीं होने से इन इलाकों में ज्यादा पैए की चाहत में अपराध एवं अपराधियों की नई पौधशाला तैयार हो रही है, जो आये दिन पुलिस के लिए परेशानी का सबब बनती है. घाटों की बंदोबस्ती नहीं होने के कारण अलग-अलग गुट इन घाटों पर अवैध कब्जा जमाये हुए हैं. आईजी ने खनन विभाग को इस गोरखधंधे को रोकने की दिशा में पुलिस का हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया.

    Tags: बिहार

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