Home /News /bihar /

Video: बांका सांसद बता पीएम मोदी को फोन करने की धमकी देती रही महिला, भागलपुर स्टेशन कर्मियों की सिट्टी-पिट्टी हुई गुम, जानें मामला

Video: बांका सांसद बता पीएम मोदी को फोन करने की धमकी देती रही महिला, भागलपुर स्टेशन कर्मियों की सिट्टी-पिट्टी हुई गुम, जानें मामला

खुद को बांका का सांसद बताकर महिला ने भागलपुर स्टेशन पर हंगामा किया.

खुद को बांका का सांसद बताकर महिला ने भागलपुर स्टेशन पर हंगामा किया.

Bhagalpur News: आयशा खातून नाम की महिला खुद को बांका की सांसद बताते हुए बाकायदा वह अपना आइकार्ड भी दिखा रही थीं. यह महिला संदेह के घेरे में थी, क्योंकि बांका के सांसद गिरधारी यादव हैं. बावजूद इसके रेलकर्मियों ने न सिर्फ उनकी बात पर विश्वास कर लिया बल्कि वीआइपी रूम भी खोल दिया. बताया जा रहा है कि रेलकर्मियों ने झमेले के डर से वीआइपी रूम खोल दिया, क्योंकि वह महिला वीआइपी रूम नहीं देने पर सीधे प्रधानमंत्री को फोन लगाने की धमकी दे रही थीं.

अधिक पढ़ें ...

    भागलपुर. रेलवे स्टेशन परिसर में उस वक्त हलचल मच गई जब एक महिला खुद को बांका का सांसद बताते हुए स्टेशन मास्टर के चेंबर में घुस गईं. इसके बाद वह पूरे रौब में वहां मौजूद कर्मियों से सवाल-जवाब करने लगीं. महिला स्टेशन मास्टर के कमरे में जाकर बैठ गयीं और कहने लगी वो बांका की सांसद है. महिला ने गले में आइडी कार्ड लटका रखा था और पास में एक रबर मुहर भी दिखा रही थीं. इस मुहर में नाम के साथ मेम्बर ऑफ पार्लियामेंट लिखा था. महिला ने यहां तक कह दिया कि उसे जेपी नड्डा और अमित शाह ने उसे सांसद बनाया है. उसने बॉडी गार्ड के लिए भागलपुर डीएम को भी पत्र लिखा है. महिला की बात सुनकर कुछ देर के लिए रेलवे कर्मी सकते में आ गए! आयशा खातून नाम की यह महिला रेलवे स्टेशन के वीआइपी रूम में रातभर डेरा डाली रहीं.

    आयशा खातून नाम की महिला खुद को बांका की सांसद बताते हुए बाकायदा वह अपना आइकार्ड भी दिखा रही थीं. वह महिला संदेह के घेरे में थी, क्योंकि बांका के सांसद गिरधारी यादव हैं. बावजूद इसके रेलकर्मियों ने न सिर्फ उनकी बात पर विश्वास कर लिया बल्कि वीआइपी रूम भी खोल दिया. बताया जा रहा है कि रेलकर्मियों ने झमेले के डर से वीआइपी रूम खोल दिया, क्योंकि वह महिला वीआइपी रूम नहीं देने पर सीधे प्रधानमंत्री को फोन लगाने की धमकी दे रही थीं.

    हालांकि बाद में स्टेशन मास्टर ने इसकी सूचना आरपीएफ इंस्पेक्टर और एसीएम को भी दी, लेकिन पूरी रात उसकी तहकीकात करने कोई नहीं आया. महिला को वीआइपी रूम में रहने दिया गया. जाहिर है यह रेलकर्मियों की कम जानकारी, लापरवाही और सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल है.महिला झूठा परिचय देकर रेलवे संसाधनों का उपयोग कर रही थी बावजूद इसके इस तरह की लापरवाही हुई. यह वाकया मंगलवार का है जो बुधवार तक जारी रहा.

    रेल पुलिस की यह सुस्ती तब सामने आयी है, जब भागलपुर स्टेशन पर आतंकी और नक्सलियों द्वारा निशाना बनाये जाने का इनपुट पहले मिलता रहा है. बता दें कि वीआइपी रूम वीआईपी यात्रियों के बैठने की जगह है, लेकिन खुद को सांसद बताने वाली वह महिला रातभर वीआइपी रूम में सोयी रही. महिला बुधवार को दिन भर बाहर रही और रात में 9.30 बजे फिर स्टेशन आकर वीआइपी रूम खोलने का दबाव बनाने लगी. फिर आरपीएफ को सूचना दी गई.

    बहरहाल, दूसरे दिन यानी बुधवार को महिला को वीआइपी रूम नहीं दिया गया. इस मामले में आरपीएफ इंस्पेक्टर रणधीर कुमार ने बताया कि ऐसी सूचना उन्हें मिली थी, लेकिन बाद में सबकुछ शांत हो गया था, इसलिए उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की. उनका कहना था कि यह स्टेशन मास्टर की गलती है कि वीआइपी रूम परिचय से बिना संतुष्ट हुए खोल दिया गया. नियम यह है कि वीआइपी रूम में आने वाले हर व्यक्ति की पहले तककीकात की जानी है. इसके बाद रूम खोला जाता है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया.

    Tags: Bhagalpur news, Bihar News

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर