लाइव टीवी

शहीद रमेश रंजन को दी गई अंतिम विदाई, फिर दगा दे गईं बिहार पुलिस की बंदूकें!
Bhojpur News in Hindi

Amrendra Kumar | News18 Bihar
Updated: February 6, 2020, 6:13 PM IST
शहीद रमेश रंजन को दी गई अंतिम विदाई, फिर दगा दे गईं बिहार पुलिस की बंदूकें!
शहीद रमेश रंजन को सीआरपीएफ के जवानों ने 5 बार इंसास रायफल से ट्रिगर दबा कर फायरिंग की और श्रद्धांजलि दी.

शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए भारी संख्या में सीआरपीएफ के अलावा बिहार पुलिस (Bihar Police) के जवान भी मौजूद थे. इस दौरान जब फायरिंग कर शहीद को श्रद्धांजलि देने की बारी आई तो बिहार पुलिस की बंदूकें गोलियां उगलने में नाकामयाब रहीं.

  • Share this:
आरा. जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से लोहा लेते शहीद हुए सीआरपीएफ (CRPF) के जवान रमेश रंजन (Ramesh Ranjan) को अंतिम विदाई देने के वक्त एक बार फिर बिहार पुलिस (Bihar Police) की बंदूक दगा दे गई. गुरुवार दोपहर को रमेश रंजन का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव भोजपुर जिला के जगदीशपुर इलाके में किया गया. शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए भारी संख्या में सीआरपीएफ के अलावा बिहार पुलिस के जवान भी मौजूद थे. इस दौरान जब फायरिंग कर शहीद को श्रद्धांजलि देने की बारी आई तो बिहार पुलिस की बंदूकें गोलियां उगलने में नाकामयाब रहीं.

सीआरपीएफ के जवानों ने की 5 बार फायरिंग
रमेश रंजन को श्रद्धांजलि देने के लिए आरपीएफ के जवानों ने 5 बार इंसास रायफल से ट्रिगर दबा कर फायरिंग की. लेकिन इस दौरान बिहार पुलिस के जवान कंधे पर बंदूक लेकर मूकदर्शक बने रहे. बिहार पुलिस के जवानों ने केवल एक राउंड फायरिंग की. इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें सीआरपीएफ के जवान जहां बंदूक से फायरिंग करते दिख रहे हैं, वहीं बिहार पुलिस के जवान कंधे पर बंदूक रखे खड़े हैं. बिहार पुलिस के इस कारनामे की एक बार फिर चारों ओर चर्चा होने लगी है.

पुलिस ने कुछ भी कहने से मना किया

इस मामले में जब न्यूज़ 18 ने स्थानीय पुलिस अधिकारी से बात करने की कोशिश की तो किसी भी अधिकारी ने व्यस्तता का हवाला देते हुए कुछ कहने से मना किया. इस दौरान भारत माता की जय, शहीद रमेश अमर रहें के साथ-साथ पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे भी लगते रहे. हालांकि बाद में इस मामले पर एडीजी मुख्यालय जितेंद्र कुमार ने विभाग का पक्ष रखते हुए कहा कि पुलिस मैनुअल के हिसाब से किसी भी शहीद को एक राउंड फायरिंग कर ही सलामी देने का प्रावधान है. अगर शहीद को सलामी देने के दौरान किसी सिपाही या फिर उसके राइफल से फायरिंग नहीं हुई होगी, तो यह जांच का विषय है. इस पूरे मामले की जांच संबंधित जिले के एसपी से कहकर करवाई जाएगी.

सीआरपीएफ ने शहीद होने की सूचना दी
इससे पहले शहीद रमेश रंजन के शव को उनके पैतृक गांव देव टोला में ही अंतिम विदाई दी गई. शहीद के शव को उनके पिता ने मुखाग्नि दी. आपको बता दें कि बुधवार को श्रीनगर में CRPF पर हुए आतंकवादी हमले में रमेश रंजन शहीद हो गए थे. वो सीआरपीएफ की 73वीं बटालियन में पदस्थापित थे. रमेश रंजन मूल रूप से भोजपुर जिले के जगदीशपुर थाना इलाके के इसाढ़ी के देव टोला के रहने वाले थे. शहीद रमेश का परिवार फिलहाल आरा शहर के गोढ़ना रोड स्थित मोहल्ले में रहता है. रमेश के दोस्तों ने बताया कि उनके परिवार को सीआरपीएफ ने शहीद होने की सूचना दी जिसके बाद पूरे घर में कोहराम मच गया. जानकारी के मुताबिक, रमेश नवंबर महीने में घर आए थे और कुछ दिन पहले ही वो वापस ड्यूटी पर गए थे.ये भी पढ़ें :- 

नगर निगम के हड़ताली कर्मचारियों पर प्रशासन ने कसा शिकंजा, 6 बड़े नेताओं पर FIR

CPI नेता कन्‍हैया कुमार पर सुपौल में युवक से मारपीट का आरोप,थाने पहुंचा पीड़ित

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए भोजपुर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 6, 2020, 4:07 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर