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गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह का राजकीय सम्मान के साथ पैतृक गांव में आज अंतिम संस्कार

News18 Bihar
Updated: November 15, 2019, 10:23 AM IST
गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह का राजकीय सम्मान के साथ पैतृक गांव में आज अंतिम संस्कार
लंबे समय से बीमार चल रहे थे वशिष्ठ नारायण सिंह.

वशिष्ठ बाबू के परिजनों का कहना है कि गणितज्ञ सपूत की मदद तो दूर सरकार के नुमाइंदे उनका हाल-चाल तक नहीं ले रहे थे. परिवार के लोग और गांववाले वशिष्ठ नारायण सिंह को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग कर रहे हैं.

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  • Last Updated: November 15, 2019, 10:23 AM IST
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पटना/आरा. देश ने गुरुवार को जाने-माने गणितज्ञ और बिहार (Bihar) ने अपने रोल मॉडल को खो दिया. महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह (Mathematician Vashisht Narayan Singh) की मौत हो गई. शुक्रवार को उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव भोजपुर (Bhojpur) के बसंतपुर में राजकीय सम्मान (State Honor) के साथ होगा. पटना के कुल्हड़िया कॉम्प्लेक्स स्थित वशिष्ठ बाबू के भाई के आवास से उनके पार्थिव शरीर को लेकर परिजन गुरुवार शाम छह बजे गांव पहुंच गए थे. इस दौरान भारी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी और उन्हें श्रद्धांजलि दी.

दिवंगत विभूति को श्रद्धांजलि देने वालों में बिहार सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर मंत्री जयकुमार सिंह के साथ कई अन्य महत्वपूर्ण लोग शामिल रहे. वशिष्ठ नारायण सिंह को अपना आदर्श मानने वाले लोगों के बीच उनके निधन से शोक की लहर है. बता दें कि एक वक्त वो भी था जब इस महान गणितज्ञ का लोहा हिंदुस्तान ही नहीं बल्कि अमेरिका जैसा विकसित देश भी मानता था.

वशिष्ठ नारायण सिंह के पैतृक गांव बसंतपुर में नम आंखों से 'वशिष्ठ बाबू अमर रहें' के नारे लगे 


गणित के सूत्रधार के रूप में अपनी अमिट पहचान बनाने वाले वशिष्ठ बाबू को बार्कले यूनिवर्सिटी ने 'जीनियसों का जीनियस' कहा था. लेकिन लंबे समय से वो गुमनामी की जिंदगी जी रहे थे. उनके परिजनों का कहना है कि गणितज्ञ सपूत की मदद तो दूर सरकार के नुमाइंदे उनका हाल-चाल तक नहीं ले रहे थे. परिवार के लोग और गांववाले वशिष्ठ नारायण सिंह को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग कर रहे हैं.

वशिष्ठ नारायण सिंह के निधन की खबर सुनकर उनके परिजन और गांववाले गमजदा हो गए


अपने तीन भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़े थे

गणितज्ञ वशिष्ठ नरायण सिंह का जन्म दो अप्रैल, 1946 को उनके गांव भोजपुर जिले के बसंतपुर गांव में हुआ था. उनके पिता स्वर्गीय लाल बहादुर सिंह बिहार पुलिस में कार्यरत थे और उनकी मां लहसी देवी गृहणी थीं. वशिष्ठ बाबू अपने तीन भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़े थे. बचपन से ही प्रतिभा के धनी वशिष्ठ नरायण सिंह व्यवहारिकता के भी कुशल परिचायक थे.
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(रिपोर्ट- अभिनय प्रकाश)

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प्रख्यात गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह का निधन, लंबे समय से थे बीमार

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First published: November 15, 2019, 7:57 AM IST
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