इंदिरा आवास के नाम पर नाबालिग से किया था गैंगरेप, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

पकड़े गए आरोपितों में वीर बहादुर सिंह,अखिलेश कुमार उर्फ भंटा एवं मंतोष कुमार थे जिन्हें चौरी थाना पुलिस ने सहार थाना क्षेत्र के छत्रपुरा गांव से गिरफ्तार किया था.

News18 Bihar
Updated: June 3, 2019, 4:36 PM IST
इंदिरा आवास के नाम पर नाबालिग से किया था गैंगरेप, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा
आरा सिविल कोर्ट
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Updated: June 3, 2019, 4:36 PM IST
बिहार के आरा सिविल कोर्ट ने एक महादलित नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है. सिविल कोर्ट आरा एडीजे-1 डॉ राकेश कुमार सिंह की अदालत ने इस कांड में शामिल चार दोषियों को धारा- 6 पास्को एक्ट व sc/st एक्ट के तहत आजीवन कारावास के साथ-साथ 10 हजार रूपये का आर्थिक दंड की सजा सुनाई है.

इंदिरा आवास का दिया था झांसा

कोर्ट द्वारा सजा सुनाने के बाद पीड़िता का पूरा परिवार न्यायालय के प्रति आभार व्यक्त किया है. चारों दोषियों ने पीड़ित महादलित नाबालिग से इंदिरा आवास दिलाने के नाम पर झांसा देकर सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था. जानकारी के अनुसार चौरी थाना क्षेत्र के अंधारी गांव में चार युवकों ने एक दलित युवती को इंदिरा आवास दिलाने का प्रलोभन देकर पूरी रात रेप किया था. जब परिजनों ने इस बात की जानकारी स्थानीय थाना को दी तो पुलिस त्वरित कार्रवाई करते हुए दुष्कर्म के तीनों आरोपितों को धर दबोचा था.

घटना के बाद गिरफ्तार हुए थे आरोपी

पकड़े गए आरोपितों में वीर बहादुर सिंह,अखिलेश कुमार उर्फ भंटा एवं मंतोष कुमार थे जिन्हें चौरी थाना पुलिस ने सहार थाना क्षेत्र के छत्रपुरा गांव से गिरफ्तार किया था. पीड़ित नाबालिग लड़की तथा उसकी मां को आरोपितों ने इंदिरा आवास दिलाने की बात कही थी, जिससे मां-बेटी दोनों उनके झांसे में आ गए थे और उनके साथ सहार प्रखंड कार्यालय जाने के लिए एक ऑटो में सवार होकर सहार जा गई थी. इसी बीच आरोपितों ने झांसा देते हुए पीड़िता की मां को खैरा बाजार पर यह कहकर उतार दिया कि उनके कुछ कागजात घर पर ही छूट गए हैं. मनचलों ने पीड़िता के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद अहले सुबह अंधारी गांव के समीप लाकर छोड़ दिया था. घर पहुंची पीड़िता ने अपने परिजनों को जब अपनी व्यथा सुनाई तो परिजनों ने तुरंत इस घटना की सूचना चौरी थाना पुलिस को दी थी.

इन मामलों में मिली सजा

अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एपीपी सतेन्द्र सिंह दारा ने बताया कि एडीजे-1 डॉ राकेश कुमार सिंह की कोर्ट ने छह पास्को एक्ट में सभी दोषियों को आजीवन करावास के साथ 10 हजार रूपए जुर्माना की सजा, 376 D में दो लोगो को आजीवन करावास और एससी-एसटी एक्ट में भी आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.

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First published: June 3, 2019, 4:33 PM IST
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