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विरोध ऐसा कि खुद ही स्वीपर बन गए प्रोफेसर साहब, विश्वविद्यालय के टॉयलेट की कर डाली सफाई

आरा के वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में सफाई करते प्रोफेसर दिवाकर पांडेय

आरा के वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में सफाई करते प्रोफेसर दिवाकर पांडेय

VKSU, Ara News: आरा के वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय स्थित भोजपुरी विभाग में प्रोफेसर दिवाकर पांडेय द्वारा की गई टॉयलेट की सफाई की तस्वीरें सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रही हैं. वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय से आई इस तस्वीर ने रख-रखाव और स्वच्छता जैसे मुद्दों को लेकर भी गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं.

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आरा. आम तौर पर किसी प्रोफेसर के हाथ में किताब, पेन, मार्कर या नोट्स होते हैं, लेकिन अगर कोई प्रोफेसर अपने हाथों में झाड़ू, टॉयलेट क्लीनर और साफ-सफाई वाला ब्रश, वाइपर लिए दिखें तो आप क्या कहेंगे. कुछ ऐसी ही तस्वीर बिहार के आरा से आई है जहां एक प्रोफेसर किसी स्वीपर की तरह साफ-सफाई करते दिख रहे हैं, वो भी अपने डिपार्टमेंट के बाथरूम, शौचालय और टॉयलेट की. मामला वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय से जुड़ा है.

विश्वविद्यालय के भोजपुरी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर दिवाकर पांडेय ने विभाग से जुड़े समस्याओं की विवि प्रशासन द्वारा अनदेखी किये जाने के बाद अंततः गांधीवादी विरोध का रुख अपनाया और भोजपुरी भवन के पहले तल्ले पर स्थित कमरों के साथ-साथ शौचालय की साफ सफाई खुद से कर डाली. प्रोफेसर साहब का सफाईकर्मी वाला गेटअप अब सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है.

सफाईकर्मी क्यों बन गए प्रोफेसर साहब!

अब पूरा मामला समझिए. प्रोफेसर से सफाईकर्मी बने दिवाकर पांडेय का कहना है कि भोजपुरी भवन के ग्राउंड फ्लोर की सफाई और रखरखाव के लिए सफाई कर्मचारी कार्यरत था मगर उसे कुछ सप्ताह पहले छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष रणविजय कुमार के कार्यालय में बिना किसी कार्यालय आदेश के निर्गत किये ही मौखिक रूप से बुला लिया गया.

विरोध का अनोखा तरीका अपनाया

विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन से सटे भोजपुरी विभाग सहित पूरे फ्लोर पर काफी गंदगी जमा थी. सबसे बदतर स्थिति शौचालय, बेसिन की थी जिसके दुर्गंध से पूरे फ्लोर पर रहना मुश्किल था. ऐसे में भोजपुरी विभागाध्यक्ष प्रो दिवाकर पांडेय ने कुलसचिव से मिलकर एक सफाई कर्मचारी की मांग की जिस पर कुलसचिव द्वारा तत्काल सफाईकर्मी मुहैय्या कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

मांग पूरी होने तक ऐसे ही होगा काम

दिवाकर पांडेय ने बताया कि कोई कर्मचारी प्रशासन ने नहीं भेजा ऐसे में दुर्गंध और गंदगी के बीच विभाग में बैठना असंभव सा हो गया था, ऐसे में अंततः मैने झाड़ू उठायी और खुद ही सफाई की. प्रो पांडेय ने कहा कि जब तक विवि प्रशासन किसी सफाई कर्मचारी को नहीं भेजता वो प्रतिदिन स्वयं पहले साफ सफाई करेंगे उसके बाद ही पठन पाठन होगा.

Tags: ARA news, Bihar News

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