बड़हरा की लड़ाई को आशा देवी ने बनाया दिलचस्प, मां की जीत के लिए बेटा बना रहा रणनीति

आरा में आशा देवी का घोषणा पत्र करते ऋषभ
आरा में आशा देवी का घोषणा पत्र करते ऋषभ

भोजपुर जिले की बड़हरा सीट को चितौरगढ़ भी कहा जाता है. आशा देवी इस सीट से विधायक रह चुकी हैं लेकिन इस बार के चुनावी समर में वो निर्दलीय ही लड़ रही हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 18, 2020, 9:43 AM IST
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भोजपुर. बिहार विधानसभा चुनाव 2020 (Bihar Election 2020) के पहले चरण के चुनाव के लिए उम्मीदवारों ने अपने-अपने क्षेत्रों में ताकत झोंक दी है. बात अगर बागियों की करें तो कई ऐसे चेहरे हैं जिन्होंने पार्टी से बगावत करने के बाद बतौर निर्दलीय प्रत्याशी चुनावी मैदान में मोर्चा संभाल रखा है. ऐसी ही एक सीट बिहार के भोजपुर जिले की बड़हरा (Barhahra Assembly Seat) भी है जहां से इस बार बीजेपी की पूर्व विधायक रही आशा देवी बतौर निर्दलीय प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं, ऐसे में बड़हरा विधानसभा की निर्दलीय महिला प्रत्याशी आशा देवी को जीत दिलाने के लिए उनके पुत्र ऋषभ सिंह ने भी चुनावी मैदान में मां का हाथ थाम लिया है.

25 साल से भी कम उम्र में मां की जीत को सुनिश्चित करने के लिए ऋषभ दिनरात एक किए हुए हैं और उनका दावा है कि इस बार के चुनाव में उनकी लड़ाई बीजेपी के राघवेंद्र प्रताप सिंह से नहीं बल्कि राजद के सीटिंग विधायक सरोज यादव से है. अपने कंधे पर निर्दलीय प्रत्याशी मां को चुनाव जिताने का बोझ उठा चुके ऋषभ की मदद उनके युवा दोस्त भी कर रहे हैं. आशा देवी के पुत्र ऋषभ सिंह ने बताया कि इस बार बड़हरा विधानसभा का माहौल युवाओं के जोश से पूरा भरा हुआ है. इसके साथ ही उसने कहा कि मेरी लड़ाई सरोज यादव जी से है,क्योंकि हम आज भी उसी समाज को मानते हैं, जिस समाज ने हमें पुरस्कृत करने का काम किया है.

उन्होंने कहा कि जो दोनों बड़हरा विधानसभा के उम्मीदवार हैं वो विकास के मामले में पूरी तरह फेल हैं. बड़हरा विधानसभा की बहुत दुर्गति हो गई है क्योंकि स्वास्थ से लेकर स्कूल तक सब खत्म हो चुके है. बड़हरा विधानसभा में एक भी डिग्री कॉलेज नहीं है. उन्होंने बताया कि अब तो बड़हरा विधानसभा में मुद्दे एवं विकास की बात होगी और हमारी मां आशा देवी जो निर्दलीय चुनाव लड़ रही हैं जीतेंगी. ऋषभ ने बताया कि हमारा पहला मुद्दा सामाजिक स्थिति, जात- जातियों एवं धर्म की स्थिति को एकजुट करना है, इसके साथ ही विकास की धारा को बड़हरा विधानसभा में फिर से फैलाना है. ऋषभ ने अपना घोषणा पत्र जारी करते हुए कहा कि बड़हरा विधानसभा की जनता से वादा करता हूं कि आने वाले 5 वर्षों में पूरे बिहार का सबसे विकसित क्षेत्र बनेगा. प्रेस वार्ता में प्रकाश कुमार सिंह और ईशान अली भी मौजूद थे.



बताते चलें कि निर्दलीय प्रत्याशी आशा देवी 2015 के चुनाव भाजपा के सिम्बल पर लड़ी थी लेकिन इस बार भाजपा से टिकट नहीं मिलने के बाद वो बतौर निर्दलीय प्रत्याशी चुनावी समर में हैं जहां उनकी लड़ाई बीजेपी के राघवेंद्र प्रताप सिंह और राजद के सरोज यादव से है.
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