आरा में कोरोना से हो रही मौतों के बाद भी अस्पताल में धूल फांक रहे वेंटिलेटर

आरा के सरकारी अस्पताल में  वेंटिलेटर को लगाने वाली कोई नहीं है. (फाइल फोटो)

आरा के सरकारी अस्पताल में वेंटिलेटर को लगाने वाली कोई नहीं है. (फाइल फोटो)

Ara News: आरा सदर अस्पताल में पांच आईसीयू वेंटिलेटर बेड हैं, जिन्हें पिछली बार कोरोना काल के दौरान ही शुरू किया गया था लेकिन स्थिति सामान्य होने के बाद ये धूल फांकने लगे. केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने कुछ दिन पहले इन्हें चालू करने का आदेश भी दिया, लेकिन कोई असर नहीं हुआ.

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  • Last Updated: April 27, 2021, 11:45 PM IST
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रिपोर्ट- अभिनय प्रकाश

आरा. कोरोना त्रासदी के बीच बिहार में एक तरफ संसाधनों के अभाव में लोग दम तोड़ रहे हैं वहीं बिहार का आईएसओ से मान्यता प्राप्त भोजपुर जिले के सदर अस्पताल (Ara Sadar Hospital) के आईसीयू वार्ड में लगे वेंटिलेटर (Ventilator Support System) धूल फांक रहे हैं. अस्पताल में कर्मचारियों की कमी के कारण कोरोना से संक्रमित और वेंटिलेटर के जरूरतमंद मरीजों की प्रतिदिन जान जा रही है, इसके बाद भी अस्पताल प्रशासन के कानों में जू तक नहीं रेंग रही है.

आरा सदर अस्पताल में पांच आईसीयू वेंटिलेटर बेड हैं, जिन्हें पिछली बार कोरोना काल के दौरान ही शुरू किया गया था लेकिन इसके बाद स्थिति सामान्य हो जाने के बाद से आज तक ये मशीन बंद ही धूल फांक रही हैं. पिछले शनिवार को केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरा के सांसद आरके सिंह ने भी सदर अस्पताल का दौरा किया था, जिसके बाद वहां धूल फांक रहे वेंटिलेटर को फ़ौरन शुरू करने का सख्त निर्देश दिया था, बावजूद इसके अभी तक आईसीयू वार्ड में लगा वेंटिलेटर धूल फांक रहा है.

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इस मामले में सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ.प्रतीक ने बताया कि यहां पर वेंटिलेटर आ चुका है. उसे आउटसोर्सिंग से करने की व्यवस्था की जा रही है. जो उसमें दक्ष होंगे टेंडर के माध्यम से उनको ठेका दिया जाएगा, कहा गया है कि अभी किसी भी मरीज को वेंटिलेटर की जरूरत नहीं पड़ी है. सभी मरीज नॉर्मल ऑक्सीजन सपोर्ट पर यहां है. इसके बाद भी कैजुअल्टी काफी मात्रा में हो रही है.

कोरोना संक्रमित अपने पिता का इलाज कराने आए अभय विश्वास भट्ट ने बताया कि हम लोगों ने वेंटिलेटर से संबंधित बात को बार-बार उठाया है कि यहां जल्द से जल्द वेंटिलेटर शुरू किया जाए. इसको लेकर स्थानीय सांसद,विधायक एवं मंत्री से मिलकर बात भी की है. उन्होंने बताया कि इस आईसीयू वार्ड में लगे वेंटिलेटर पर लाखों रुपए खर्च हुए है, इसके बाद भी वेंटिलेटर बंद पड़ा है. इस महामारी में कोरोना से संक्रमित कई मरीज वेंटिलेटर चालू ना होने के अभाव में अपनी जान गवां चुके हैं.
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