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ARA News: भोजपुर में बालू माफिया बेखौफ! अवैध खनन कर रोजाना लगा रहे 10-12 करोड़ का चूना

ARA News: भोजपुर में बालू माफिया बेखौफ! अवैध खनन कर रोजाना लगा रहे 10-12 करोड़ का चूना

सोन नदी में कोईलवर पुल के आसपास बालू माफियाओं का खौफ.

सोन नदी में कोईलवर पुल के आसपास बालू माफियाओं का खौफ.

Bhojpur News: 1 जून से NGT की रोक के बावजूद भोजपुर के कोईलवर पुल के पास रोजाना शाम को नावों का मेला लगता है. फिर शुरू हो जाता है अवैध बालू खनन और उसकी चोरी का खेल.

आरा. बिहार सरकार की सख्ती के दावों के बीच अवैध बालू खनन का खेल भोजपुर जिले में जारी है. बेखौफ बालू माफिया रोजाना सरकार को करोड़ों का चूना लगा रहे हैं. भोजपुर के कोईलवर पुल के पास रोजाना शाम को नावों का मेला लगता है और फिर शुरू हो जाता है बालू के चोरी का खेल. 1 जून से NGT की रोक के बावजूद सोन नदी में बालू का अवैध खनन हो रहा है. रोजाना ढाई से तीन हजार नावों पर बालू निकाले जाते हैं. ये अंधेरगर्दी अंधेरे के साथ दिन के उजाले में भी चलती है, लेकिन पुलिस प्रशासन कुछ नहीं कर पाता. अगर कोई इसे रोकने की कोशिश करता है तो उसकी लाश बिछा दी जाती है. हाल के दिनों में ऐसी कई घटनाएं घटी हैं जिसमे नावों से हो रहे अवैध बालू खनन के खिलाफ आवाज उठाने वाले को मौत की नींद सुला दिया गया. मंगलवार को भी ऐसी ही एक घटना में कोईलवर के पचरुखिया बधार में सोन नदी किनारे एक शख्स की हत्या कर दी क्योंकि उन्होंने बालू माफिया को बालू काटने से रोका था.

रोजाना 10 से 12 करोड़ का सरकार को होता है नुकसान
बता दें कि सरकारी चालान में एक फीट बालू की कीमत 800 रुपये है और एक ट्रक पर तकरीबन 5 फ़ीट बालू आता है जिसकी कीमत 4 हजार रुपये है. वहीं सोन में अवैध रूप से बालू खनन में लगे एक लोहे की बड़ी नाव पर 8 से 10 ट्रकों के बराबर बालू आता है जिसकी कीमत का अंदाजा आप खुद लगा सकते हैं. गौर करने वाली बात है कि बालू के अवैध खनन में लगे ये बालू माफिया सरकारी कीमत से कहीं ऊंचे दामों में बालू बेच रोजाना 50 से 60 करोड़ रुपए अपनी जेब मे डाल रहे हैं. कोईलवर से बड़हरा के बिंदगांवा के बीच रोजाना ऐसी ढाई से तीन हजार नावें अवैध खनन कर रही हैं जिससे सरकार को करोड़ों के राजस्व का चूना लग रहा है. बालू जैसे प्राकृतिक संसाधन पर खुलेआम हो रही इस लूट के बावजूद इसे रोकने में जिला प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है.

भोजपुर, छपरा और बिहटा में  डंप होता है अवैध बालू
बालू खनन के लिए अधिकृत कंपनी ब्रॉडसन के हाथ खड़ा कर देने और ट्रकों और ट्रैक्टरों के सहारे अवैध बालू के परिचालन पर रोक के बाद बालू माफियाओं ने नए तरीके से खनन में जुट गए हैं. पहले कोईलवर इलाके में सोन नदी के सुरौंधा टापू और आसपास कम नावें नजंर आती थीं, लेकिन अब यहां रोजाना हजारों नावों पर अवैध खनन के जरिए बालू लाद कर बालू माफिया नाव के सहारे बिहटा के महुली महाल, छपरा और बड़हरा के पिपरपांति, केवटिया, नथमलपुर और नेकनाम टोला डंप कर देते हैं. यहां से ट्रैक्टरों पर लाद कर बालू अलग-अलग जगहों पर महंगे भाव मे बेच दिया जाता है. इन ट्रैक्टर पर बालू के परिचालन को रोकने की जहमत स्थानीय पुलिस भी नहीं उठाती क्योंकि उन्हें इससे मोटी कमाई होती है.

हर नाव पर बंधा है कमीशन
बता दें कि ये सारे काम शाम से लेकर अहले सुबह तक होते हैं जिसमे कोईलवर पुल और इसके आसपास से नावों पर देर रात तक बालू लाद पहले सोन और फिर गंगा में नावों का प्रवेश होता है जिसके बाद कुछ नावें छपरा, कुछ भोजपुर के बड़हरा और कुछ नावें यूपी की ओर भेज दी जाती हैं. बताया जाता है कि इन सभी नावों से रास्ते में पड़ने वाले थानों को एजेंट के सहारे प्रति नावों के हिसाब से पैसे दिए जाते हैं जो लाखों में होती हैं. वहीं रोजाना कोईलवर पुल के आसपास हो रहे अवैध खनन से अंग्रेजों के बनाये गए ऐतिहासिक कोईलवर पुल पर भी खतरा मंडरा रहा है.

यूपी से आनेवाले नावों से वसूली जाती है लेवी
कोईलवर के पास सोन नदी में अवैध खनन करनेवाले यूपी से आये नावों से स्थानीय बदमाशों द्वारा लेवी भी वसूली जाती है. वहीं अवैध खनन करने वाले हर नावों पर असलहे के साथ एक व्यक्ति मौजूद होता है जो हमेशा गोली चलाने के लिए तैयार रहते हैं. इस बात का खुलासा तब हुआ जब पिछले साल की 31 जुलाई की देर रात कोईलवर पुल के  पास सोन के बीचों-बीच चली गोलियों की तड़तड़ाहट लोगों ने सुनी. अगली सुबह पटना के कोतवाली थाना इलाके के करबिगहिया मुहल्ले के निवासी मनोज कुमार की हत्या कर फेंकी लाश और कोईलवर के एक युवक की अधजली लाश पुलिस ने बरामद की थी. इस घटना के बाद कोईलवर में जबरदस्त बवाल मचा था जिसके बाद स्थानीय बदमाशों सहित बाहर के बदमाशों द्वारा अवैध खनन में लगी नावों से लेवी वसूलने की बात सामने आई थी.

 जॉइंट आपरेशन से ही लगेगी लगाम
रोजाना चल रहे बालू के इस खेल की जानकारी भोजपुर जिला खनन पदाधिकारी प्रमोद कुमार को भी है. न्यूज़ 18 ने जब उनसे इस बाबत पूछा तो उन्होंने अपनी मजबूरी बताते हुए सोन में चल रहे अवैध खनन को रोकने के लिये बड़ा और कारगर कदम उठाए जाने की बात कही. उन्होंने बताया कि हजारों नावों पर हजार मजदूर होते हैं जिन्हें एक साथ पकड़ना या फिर उनपर कार्रवाई करने के लिये भारी मात्रा में फ़ोर्स की जरूरत है. इसको लेकर उन्होंने छपरा और पटना जिला प्रशासन से बात की है. उन्होंने कहा कि बालू के इस खेल में लगे लोगों को चारों तरफ से घेरने और जॉइंट आपरेशन की जरूरत है.

Tags: ARA news, Bhojpur news, Big crime, Bihar News, Crime In Bihar, Sand mafia

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