होम /न्यूज /बिहार /Success Story: 'कमाएंगे तो खाएंगे' की स्थिति में थे इंजीनियर यशवंत, अब मछली पालन से हो रहे मालामाल

Success Story: 'कमाएंगे तो खाएंगे' की स्थिति में थे इंजीनियर यशवंत, अब मछली पालन से हो रहे मालामाल

Success Story: सिविल इंजीनियर की नौकरी छोड़कर बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले यशवंत इन दिनों मछली पालन से मालामाल हो ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट: आलोक कुमार भारती

भोजपुर. पुल, सड़क, नहर, बांध, भवन आदि का डिजाइन, निर्माण और रखरखाव की पढ़ाई (सिविल इंजीनियरिंग) कर नौकरी करने वाला व्यक्ति अगर अचानक से मछली पालन शुरू कर दे, तो यह सुनने में थोड़ा अटपटा लगता है. बिहार के भोजपुर जिले के सकड्डी-जमालपुर पथ पर बायोफ्लॉक विधि और तालाब खुदवाकर मछली पालन करने वाले यशवंत ऐसे ही व्यक्ति हैं. मछली पालन से आज वे साल भर में 6 लाख से ज्यादा कमा लेते हैं. वे इससे भी संतुष्ट नहीं हैं. मछली पालन के काम और बढ़ाते जा रहे हैं. कभी कमाएंगे, तो खाएंगे की आर्थिक स्थिति में रहने वाले यशवंत कहा,’मन में हमेशा से ललक थी कि कुछ अपना काम करना है, खुद के काम में लोगों को रोजगार देना है. आज मुझे इस बात की खुशी है कि मैं इसमें सफल हो पाया हूं.’ बता दें कि यशवंत को मछली पालन में बेहतर काम करने के लिए कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं.

नौकरी छोड़ने के बाद वर्ष 2019 में यशवंत ने मछली पालन का व्यवसाय शुरू किया. हालांकि शुरुआत के 1 साल उन्हें पटना के मार्केट में मछली बेचनी पड़ी थीं. धीरे-धीरे लोग उन्हें जानते गए और अब वह आसपास के गांव में मछली भेजते हैं. वह बताते हैं कि कारोबार बढ़ते चले जाने के बाद अब 30 लोगों को 10 से 15 हजार तक रुपये का रोजगार दे रहे हैं. उन्होंने हाल ही में 50 टैंक का नया सेटअप तैयार किया है. यशवंत अपने फार्म पर मछली पालन करने वाले लोगों को प्रशिक्षण भी देते हैं. वह बताते हैं कि उन्होंने अब तक करीब 1 हजार लोगों को ट्रेनिंग दी है.

साल में होता है छह लाख का मुनाफा
यशवंत बताते हैं कि उनके पास अभी तीन तरह की मछली है जिनमें प्यासी मछली 150 रुपये प्रति किलो, रूपचंदा मछली 200 रुपये प्रतिकिलो और एमएसटी मछली 160 रुपये प्रति किलो बाजार में मिलती है. यशवंत बताते हैं कि मछली का बीज डालने के बाद करीब 6 माह में यह बाजार तक पहुंचने के लिए तैयार हो जाती हैं. उन्होंने बताया कि 1 बीघा के तलाब में करीब 15 हजार मछली का जीरा छोड़ते हैं. इनमें से उन्हें 8 हजार किलो मछली मिलती है. इस पर करीब 5 लाख रुपये का खर्च आता है. जबकि मछली बेचने से उन्हें 8 लाख रुपये की आमदनी होती है. इस तरह से वे साल में दो बार मछली बेचकर 6 लाख तक कमा लेते हैं.

मछली रखने के लिए बनाया है कोल्ड स्टोरेज
कारोबार को बढ़ाते हुए अब उन्होंने शाहाबाद का पहला मछली रखने वाला कोल्ड स्टोरेज भी बनवाया है. यशवंत कहते हैं कि मछली आंध्र प्रदेश से आएगी और यहां स्टोर होगी. इसके बाद इसे सीधे मंडियों तक भेजा जाएगा.

Tags: Bhojpur news, Bihar News, Success Story

टॉप स्टोरीज
अधिक पढ़ें