आरा का रेलवे ओवरब्रिज भी बजा रही खतरे की घंटी

आरा-मुगलसराय रेल खंड पर बने आरा का एकमात्र रेलवे ओवरब्रिज की खस्ता हालत को लेकर लोग चिंतित हैं.

News18 Bihar
Updated: May 16, 2018, 8:03 PM IST
आरा का रेलवे ओवरब्रिज भी बजा रही खतरे की घंटी
न्यूज18 फोटो
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Updated: May 16, 2018, 8:03 PM IST
वाराणसी में निर्माणाधीन पुल गिरने के बाद पूरा देश मर्माहत है और बन रहे या पुराने पुलों को लेकर लोग चिंतित हो गए हैं. बिहार के आरा का एकमात्र रेलवे ओवरब्रिज मरम्मत ना होने के कारण लोग आशंकाओं से घिरे हुए हैं.

आरा का एकमात्र रेलवे ओवरब्रिज की हालत पिछले काफी समय से मरम्मत न होने के कारण खस्ता हालात में है. इस रेलवे ब्रिज की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गई हैं. इतना ही नहीं, इस पुल को खड़ा रखने वाला खंभा भी अपनी बदहाली की कहानी बयां कर रही है. ओवरब्रिज के इन जर्जर खंभे को देख राह से गुजरने वाले लोगों का कलेजा दहल जाएगा. ब्रिज की छड़ें बाहर की ओर निकल चुकी है.

बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साल 2006-07 में पश्चिमी रेलवे गुमटी पर बने ओवरब्रिज का उद्घाटन अपने हाथों से किया था. एक समारोह आयोजित कर पुल पर परिचालन प्रारंभ किया गया था. ओवरब्रिज के बनने के बाद शहरवासियों के चेहरे पर खुशी का ठिकाना नहीं था क्योंकि ओवरब्रिज की कमी लंबे अर्से से महसूस की जा रही थी. इसके निर्माण में तकरीबन छह-सात करोड़ रुपए खर्च हुए थे.

आरा-मुगलसराय रेल खंड पर बने इस ओवरब्रिज के नीचे से हर रोज सैकड़ों रेल गाड़ियां गुजरती हैं. विभाग ने इसके रिपेयर पर जरा सा भी ध्यान दिया होता तो शायद इस पुल का रेलिंग क्षतिग्रस्त नहीं होता. पश्चिमी रेलवे गुमटी पर बने ओवरब्रिज पर कई जगह बड़े-बड़े गड्डे उभर आए हैं, जिसके चलते लोहे का छड़ भी दिखाई पड़ने लगा है. बावजूद इसकी मरम्मत के प्रति बिहार राज्य पुल निगम उदासीन बना हुआ है.

जब इस ओवरब्रिज के खस्ता हाल के बारे में जिलाअधिकारी से बात की गई की तो उन्होंने अनजान बनते हुए पूछा कौन ओवरब्रिज और उसे दिखवा लेने की बात कही. बहरहाल, ओवरब्रिज की दुर्दशा दिन प्रतिदिन बदतर होती जा रही है. अगर स्थिति ऐसी ही रही तो पुल का वजूद खतरे में पड़ सकता है.
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