Kesaria: CPI के गढ़ में RJD का कब्‍जा ढ़हाने की कोशिश में हैं BJP-JDU

बिहार (Bihar) के पूर्वी चंपारण (East Champaran) जिले के अंतर्गत आने वाला केसरिया (Kesaria) शहर विश्‍व के सबसे ऊंचे बौद्ध स्‍तूप (Buddhist stupa) के लिए भी जाना जाता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 25, 2020, 9:19 PM IST
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केसरिया. बिहार (Bihar) के पूर्वी चंपारण जिले की केसरिया सीट की पहचान सीपीआई के मजबूत किले के तौर पर रही है. केसरिया सीट से सीपीआई के पीतांबर सिंह लगातार चार बार और यमुना यादव लगातार दो बार विधायक चुने गए. आजादी के बाद हुए 1952, 1957 और 1969 का चुनाव कांग्रेस के नाम रहा. 1985 में एक बार फिर कांग्रेस को जीत मिली. इसके बाद, कांग्रेस चुनाव दर चुनाव हासिये पर जाती रही. केसरिया सीट पर 1980 में जनता पार्टी (जेपी) और 2000 में समता पार्टी का विधायक रहा है. फिलहाल, केसरिया सीट पर राजद का कब्‍जा है. राजद के डॉ. राजेश कुमार यहां से स्‍थानीय विधायक हैं.

वैसे तो, केसरिया विधानसभा क्षेत्र के राजनैतिक समीकरण 1980 से बदलना शुरू हो गए थे, पर असल बदलाव 2000 के चुनाव में देखने को मिले. 2000 के विधानसभा चुनाव में केसरिया के मतदाताओं ने सीपीआई और कांग्रेस को दरकिनार कर समता पार्टी के ओबैदुल्‍लाह को अपना विधायक चुना. 2000 के बाद, लगातार इस विधानसभा क्षेत्र में बदलाव देखने को मिले. 2005 फरवरी में हुए विधानसभा चुनाव में समता पार्टी का झंडा बुलंद करने वाले ओबैदुल्‍लाह ने जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) का दामन धाम लिया और जेडीयू के टिकट पर चुनावी मैदान में कूद और आरजेडी के राजेश रोशन को शिकस्‍त देकर दूसरी बार विधायकी पर कब्‍जा जमाया.

आठ महीने बाद हुए चुनाव में बदले समीकरण
हालांकि, यह बात दीगर है कि महज आठ महीने बाद अक्‍टूबर 2005 में हुए दोबारा हुए विधानसभा चुनाव में एक बार फिर समीकरण बदल गए. इस बार, आरजेडी के राजेश रोशन ने जेडीयू की रजिया खातून को शिकस्‍त दी. 2010 के विधानसभा चुनाव में पहली बार बीजेपी का खाता केसरिया सीट से खुला. 2010 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के सचिंद्र प्रसाद सिंह ने सीपीआई के रामशरण यादव को शिकस्‍त देकर एमएलए की सीट पर कब्‍जा जमाया. 2015 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू की मदद से आरजेडी एक बार फिर केसरिया सीट पर कब्‍जा जमाने में सफल रही. इस चुनाव में आरजेडी के डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बीजेपी के राजेंद्र प्रसाद गुप्‍ता को हराया था.
पिछले पांच विधानसभा चुनाव में किसे मिली जीत


2000: ओबैदुल्‍लाह (समता पार्टी)
2005(फरवरी): मो अबैदुल्लाह (जदयू)
2005(अक्टूबर): राजेश रौशन (राजद)
2010: सचिन्द्र सिंह (भाजपा)
2015: डॉ राजेश कुमार (राजद)

मतदाता:
कुल मतदाता: 2 लाख 57 हजार 875
पुरुष मतदाता: 1 लाख 38 हजार 84
महिला मतदाता : 1 लाख 19 हजार 788 (लोकसभा चुनाव 2019 के आंकड़ों के अनुसार)
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