Motihari: BJP-JDU गठबंधन के बाद नहीं मिली RJD को जीत, काब‍िज है केसरिया परचम

मोतिहारी विधानसभा सीट (Motihari Assembly Constituency) पर बीजेपी (BJP) के उम्‍मीदवार बीते चार चुनावों से लगातार जीत दर्ज करते आए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 22, 2020, 2:13 PM IST
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मोतिहारी. नेपाल (Nepal) की सीमा से सटे बिहार (Bihar) के पूर्वी चंपारण (East Champaran) जिले की मोतिहारी विधानसभा सीट (Motihari Assembly Constituency) को बीजेपी-जेडीयू के मजबूत गढ़ के तौर पर देखा जाता है. बीते डेढ़ दशक से मोतिहारी विधानसभा सीट पर बीजेपी (BJP) का केसरिया परचम लहरा रहा है. इस सीट पर राष्‍ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के उम्‍मीदवार को आखिरी बार 2000 में हुए विधानसभा चुनाव में जीत मिली थी.

2005 के विधानसभा चुनावों में आरजेडी (RJD) का मुकाबला बीजेपी और जेडीयू के गठबंधन था. इस विधानसभा चुनाव में आरजेडी को मुंह की खानी पड़ी थी. 2005 से लेकर 2015 तक बिहार में चार विधानसभा चुनाव हो चुके हैं. इन सभी विधानसभा चुनावों में मोतिहारी सीट से बीजेपी के उम्‍मीदवार को ही जीत मिलती आई है. वर्तमान समय में इस सीट से बीजेपी के प्रमोद कुमार विधायक हैं.

बीते 5 विधानसभा चुनावों में किसे मिली जीत
2000                : रामा देवी (आरजेडी)
2005 (फरवरी)  : प्रमोद कुमार (बीजेपी)


2005 (अक्‍टूबर) : प्रमोद कुमार (बीजेपी)
2010                : राम देव महतो (बीजेपी)
2015                : प्रमोद कुमार (बीजेपी)

पूर्वी चंपारण जिले का मुख्‍यालय है मोतिहारी
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले का मुख्‍यालय मोतिहारी है. 2019 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान मोतिहारी विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्‍या करीब 3 लाख 8 हजार 995 थी. जिसमें पुरुष और महिला मतदाताओं की संख्‍या क्रमश: 165147 और 143844 थी.

राजा जनक के राज्‍य का हिस्‍सा था मोतिहारी
पौराणिक और ऐतिहासिक तौर पर भी मोतिहारी महत्‍व बेहद अहम है. पौराणिक मान्‍यताओं में मोतिहारी को राजा जनक की राज्‍य का अहम हिस्‍सा बताया गया है. वहीं, महात्‍मा गांधी ने अपने राजनीतिक आंदोलन के लिए मोतिहारी को चुना था. यहां पर महात्‍मा गांधी की याद में 48 फीट का गांधीवादी मेमोरियल स्तंभ भी बनाया गया है.
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