बिहार में 29 नवंबर से पहले पूरा होगा विधानसभा चुनावः निर्वाचन आयोग
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बिहार में 29 नवंबर से पहले पूरा होगा विधानसभा चुनावः निर्वाचन आयोग
फाइल फोटो

Bihar Assembly Election 2020: कोरोना वायरस (Coronavirus) और दूसरी वजहों से निर्वाचन आयोग (EC) से कई दलों ने चुनाव (Election) टालने की सिफारिश की थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 4, 2020, 4:04 PM IST
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नई दिल्ली. भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Election 2020) कराने को लेकर बड़ा ऐलान कर दिया है. आयोग ने आज बिहार में चुनाव की तारीख की घोषणा तो नहीं की, लेकिन यह कहा है कि 29 नवंबर से पहले विधानसभा के चुनाव करा लिए जाएंगे. बिहार चुनाव के साथ ही देश के विभिन्न राज्यों की 64 विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट पर उपचुनाव भी कराए जाएंगे. आयोग (Election Commission) ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा उचित समय पर की जाएगी. आपको बता दें कि बाढ़, कोरोना वायरस और दूसरी वजहों से निर्वाचन आयोग से कई दलों ने चुनाव टालने की सिफारिश की थी.

इधर, बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सभी दलों में सीट शेयरिंग की कवायद लगातार जारी है. इस कड़ी में महागठबंधन के सबसे बड़े घटक दल राजद ने सीटों के बंटवारे को लेकर सब कुछ फाइनल होने की बात कही है. राजद के वरिष्‍ठ नेता भाई वीरेंद्र ने बताया कि महागठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर सब कुछ तय हो चुका है. सूत्रों से जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक आरजेडी 135-140, कांग्रेस 45 से 50, रालोसपा 23-25, सीपीआई माले 12 से 15, मुकेश सहनी की वीआईपी को 8-10, सीपीआई-3-5 और सीपीआई-एम को 2-3 सीटें मिल सकती हैं. हालांकि, यह आंकड़ा मात्र चर्चा और कयास पर आधारित है.

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सुशील मोदी का दावा!
बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने आरजेडी और लालू प्रसाद यादव पर तंज कसा है. उन्‍होंने ट्वीट कर कहा कि राजद बिहार का विधानसभा चुनाव नहीं जीत पाएगी. अपने ट्वीट में सुशील मोदी ने कहा कि दलित पिछड़े और अतिपिछड़े समाज के चंद लोगों को शो रूम आइटम बना कर लालू प्रसाद की पार्टी चुनाव नहीं जीत पाएगी. लालू प्रसाद जब सत्ता में रहे तब उनके कार्यकाल 15 साल में 118 नरसंहार हुए और दलितों की हत्याएं हुई, लेकिन उन्हें मुखिया सरपंच बनने का मौका नहीं दिया गया. जब वे जब विपक्ष में आए तो पुत्र मोह में दलित नेताओं का अपमान किया.
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