Bihar Election Result: बिहार चुनाव का परिणाम पश्चिम बंगाल और यूपी की राजनीति में क्या बदलाव लाएगा?

बिहार चुनाव परिणाम कैसा संदेश देगा?
बिहार चुनाव परिणाम कैसा संदेश देगा?

Bihar Election Result: बिहार चुनाव परिणाम एग्जिट पोल के अनुमानों के हिसाब से आया तो नीतीश कुमार और चिराग पासवान का क्या होगा?

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 10, 2020, 7:50 AM IST
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नई दिल्ली. बिहार चुनाव का परिणाम (Bihar Poll Result) आने में अब कुछ ही घंटे का वक्त बाकी है. अगर चुनाव परिणाम एग्जिट पोल से मिलते-जुलते आया तो पश्चिम बंगाल (West bengal) और यूपी की राजनीति में उसका प्रभाव पड़ने की संभावना है. इस वक्त बंगाल में बीजेपी (BJP) ममता बनर्जी को घेरने में जुटी हुई है तो दूसरी ओर यूपी में फिलहाल योगी के सामने अन्य सभी पार्टियां सिर नहीं उठा पा रही हैं. ऐसे में क्या बिहार चुनाव से बीजेपी विरोधी पार्टियों को कुछ हौसला मिलेगा? बंगाल में अगले साल और यूपी में 2022 में विधानसभा चुनाव है.

राजनीतिक विश्लेषक और ‘24 अकबर’ रोड के लेखक रशीद किदवई कहते हैं कि पश्चिम बंगाल और यूपी (UP) दोनों बिहार से सटे हुए हैं. दोनों पर वहां की सियासी हवा का असर तो पड़ेगा ही. अगर महागठबंधन की सरकार बनती है तो कम से कम यूपी में तो यह मैसेज जाएगा ही कि बीजेपी को हराया जा सकता है. निराश होने की जरूरत नहीं है. जन सरोकारों के मसलों को उठाना बहुत जरूरी है. बिहार के परिणाम एग्जिट पोल के मुताबिक आए तो अति आत्मविश्वास वाली बीजेपी के हौसले टूटेंगे. यूपी में समाजवादी पार्टी में जान पड़ेगी.

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एग्जिट पोल सही साबित हुए तो नीतीश कुमार का क्या होगा?




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किदवई के मुताबिक, नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की गलती ये है कि उन्होंने खुद को नए रूप में नहीं ढाला. बीजेपी के नेता और नीतीश कुमार दोनों अपने काम बताने की जगह सिर्फ ‘जंगलराज’ की निगेटिव कंपेंन करते रहे. जिससे कम से कम नए वोटर तो आश्वस्त नहीं हुए जिनकी उम्र 20-25 साल है. आरजेडी (RJD) नेता तेजस्वी यादव नौकरी (Job) देने के पॉजिटव एजेंडे पर आगे बढ़े.

इसके अलावा प्रवासी मजदूरों और कोविड (Covid-19) से प्रभावित लोगों के साथ नीतीश का बर्ताव ठीक नहीं था. इससे सुशासन बाबू की नकारात्मक छवि बनी. जो 1200 किलोमीटर पैदल चलकर आया सिर्फ वही नीतीश और बीजेपी का विरोधी नहीं बना बल्कि उसके जानने वाले और मोहल्ले वालों का भी मन भी सरकार से टूटा. ऊपर से आपने अपने प्रचार विज्ञापन में लिखवा दिया कि बिहार के लोगों को आपने उनके गांव तक पहुंचाया. यह झूठ उससे बोला गया जो खुद पैदल चलकर आया.

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वरिष्ठ पत्रकार हिमांशु मिश्र कहते हैं कि यूपी और बंगाल में बिहार चुनाव का कैसा असर होगा इससे भी बड़ा सवाल है कि नीतीश कुमार और चिराग पासवान का क्या होगा? क्या जेडीयू और एलजेपी में झगड़ा बढ़ेगा. क्या बीजेपी को बंगाल से बाहर रखने के लिए ममता बनर्जी, लेफ्ट और कांग्रेस से हाथ मिला लेंगी.
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