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अपराध कम दिखाने के इस नए तरीके से निशाने पर आई बिहार पुलिस, कलई खुली तो कही ये बात
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News18 Bihar
Updated: February 3, 2020, 12:36 PM IST
अपराध कम दिखाने के इस नए तरीके से निशाने पर आई बिहार पुलिस, कलई खुली तो कही ये बात
बिहार पुलिस ने अपराध कम दिखाने के लिए साइट पर नहीं डाले 3 महीने के आंकड़े

अपराध (Crime) पर काबू पाने के बिहार पुलिस (Bihar Police) के नए तरीके की जमकर आलोचना हो रही है. पुलिस ने अपराध कम दिखाने के लिए 3 महीनों का डाटा ही गायब कर दिया, अब कलई खुलने पर सफाई दी जा रही है.

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पटना. बिहार में ताबातोड़ हो रही अपराधिक घटनाओं को रोकने में लागातार असफल साबित हो रही बिहार पुलिस ने अब अपनी लाज बचाने के लिये नया तरीका खोज निकाला है. पुलिस मुख्यालय (Police Headquarter) ने अपनी साईट पर वर्ष 2019 के आखिरी 3 महीनों में घटी अपराधिक घटनाओं से जुडे डाटा (Data) को रिकॉर्ड में ही शामिल नहीं किया है. सितम्बर तक के आंकड़ों को ही 2019 का डाटा बताकर अपने साईट पर अपलोड कर रखा है. बिहार पुलिस मुख्यालय की इस कारस्तानी को ऊजागर किया है न्यूज 18 ने.

अपडेट कर लेंगे डाटा
इधर मुख्यालय के इस ऑकड़े के खेल को उजागर करने के बाद न्यूज 18 ने जब इस पर एडीजी पुलिस मुख्यालय का ध्यान आकृष्ट कराया और पुलिस मुख्यालय के इस कारस्तानी पर उनकी प्रतिक्रिया मांगी तो वो भी हैरान रह गये. उन्होंने कहा कि जल्दी ही इस डाटा को सही कर लिया जाएगा.

News - बिहार पुलिस की साइट पर नहीं है पूरा डाटा
बिहार पुलिस की साइट पर नहीं है पूरा डाटा


अपराधों पर नकेल नहीं कस सकती बिहार पुलिस
पुलिस मुख्यालय के आंकड़ों की इस बाज़ीगरी को लेकर सियासी गलियारे में अब खुलकर ब्यानबाजी हो रही है. विपक्षी दल आंकड़ों की इस बाजीगरी को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोल रहे हैं. आरजेडी विधायक एज्या यादव कहती हैं कि पुलिस मुख्यालय की इस कारस्तानी ने ये बात साबित कर दी है कि बिहार पुलिस अपनी लाज बचाने के लिए कुछ भी कर सकती है. अगर कुछ नहीं कर सकती तो अपराधियों पर नकेल नहीं कसी जा सकती क्योंकि अगर राज्य की पुलिस अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने में कामयाब होती तो पुलिस महकमे को इस तरह से आंकड़ों का खेल खेलने की जरूरत नहीं पड़ती.

News -बिहार पुलिस ने जल्द ही डाटा अपडेट करने की बात कही है
बिहार पुलिस ने जल्दी ही डाटा अपडेट करने की बात कही है
जेडीयू ने मानवीय भूल करार दिया
आरजेडी विधायक एज्या यादव के इस आरोप को जेडीयू नेता संजय सिंह सिरे से न सिर्फ खारिज कर रहे है बल्कि यह भी कह रहे हैं कि इन लोगों को लालू और राबड़ी देवी के कार्यकाल को याद करना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि लालू राबड़ी देवी के शासन में सीएम आवास से अपराधियों को शरण दी जाती थी. उन्होंने कहा कि अब वो हालत नहीं है. आज जो भी शख्स अपराध करता है उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाती है और जहां तक बात रही आंकड़ों में गड़बड़ी की, तो ये मानवीय भूल है जिसे पुलिस मुख्यालय जल्द ठीक कर लेगा.

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First published: February 3, 2020, 12:36 PM IST
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