बिहार चुनाव में धनबल का जमकर इस्तेमाल, रिकॉर्ड 35.26 करोड़ रुपये की ब्लैक मनी बरामद, नेपाली मुद्रा भी जब्त

बिहार विधानसभा चुनाव में 35.26 करोड़ की ब्लैक बनी बरामद
बिहार विधानसभा चुनाव में 35.26 करोड़ की ब्लैक बनी बरामद

Bihar Election: इस बार पिछले चुनाव से ज्यादा फूंका जा रहा काला धन, चुनाव खर्च की निगरानी के लिए 881 उड़न-दस्तों और 948 स्टेटिक सर्विलांस टीमों का गठन

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 21, 2020, 9:33 AM IST
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नई दिल्ली. राजनीतिक शुचिता की कसमें खाने वाले नेता बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2020) में जमकर धनबल का इस्तेमाल कर रहे हैं. कहीं लोगों को नगद बांटने के लिए तो कहीं शराब और दूसरी चीजें देने के लिए. इस साल 19 अक्टूबर तक रिकॉर्ड 35.26 करोड़ रुपये जब्त किए गए हैं. यहां तक कि चुनाव में नेपाली मुद्रा (Nepali Currency) भी बांटी जा रही है. 79.85 लाख की नेपाली मुद्रा भी जब्त हुई है. समझा जाता है कि नेपाल के साथ लगे बिहार के जिलों में नेपाली पैसा बांटा गया. साल 2015 के विधानसभा चुनाव में इस दौरान कुल 23.81 करोड़ रुपये बरामद किए गए थे.

चुनाव आयोग (Election  Commission of India) की एक रिपोर्ट के मुताबिक काले धन पर अंकुश लगाने के मकसद से बिहार में 67 व्यय पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है. आयोग ने पूर्व-आईआरएस मधु महाजन और बीआर बालाकृष्णन को चुनाव के लिए विशेष व्यय पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया गया है. प्रदेश के 91 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों को चुनावी खर्च (Election Expenditure) के नजरिए से संवेदनशील के रूप में चिन्हित किया गया है. चुनाव खर्च की निगरानी के लिए 881 उड़न-दस्तों और 948 स्टेटिक सर्विलांस टीमों का गठन किया गया है. व्यय संबंधी निगरानी को लेकर आयोग ने बिहार और पड़ोसी राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई बैठकें की हैं.

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चुनाव आयोग ने कड़ी कर दी है खर्च की निगरानी




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क्या है कानून?

कानून के तहत चुनावी प्रक्रिया के दौरान नकद और उपहार वितरित करने की अनुमति नहीं है. मतदाताओं को प्रभावित करने के इरादे से उन्हें धन (Money), शराब (Liquor), या कोई अन्य वस्तुएं दी जाती हैं तो यह व्यय ‘रिश्वत’ की परिभाषा के तहत आएगी. जोकि आईपीसी की धारा 171बी और आरपी. अधिनियम, 1951 के तहत अपराध है. ऐसी वस्तुओं पर व्यय अवैध है.

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बढ़ा दी गई है चुनावी खर्च की सीमा

उधर, बिहार चुनाव से ठीक पहले केंद्र सरकार ने उम्मीदवारों के लिए चुनावी खर्च सीमा 10 फीसदी तक बढ़ा दी है. कानून और न्याय मंत्रालय ने विधानसभा चुनावों के लिए यह राशि 28 लाख रुपये से बढ़ाकर 30.8 लाख रुपये कर दी है. यह 20 लाख रुपये खर्च की सीमा वाले राज्यों में 22 लाख रुपये होगी. जबकि लोकसभा चुनाव में प्रत्येक प्रत्याशी के अधिकतम खर्च को 70 लाख रुपये से बढ़ाकर 77 लाख कर दिया गया है. छोटे राज्यों में इसे 54 लाख रुपये से बढ़ाकर 59 लाख रुपये किया गया है. चुनाव आयोग ने ही खर्च बढ़ाने की सिफारिश की थी.
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