सैलून से निकलने वाले ब्लेड जानवरों के लिए बन रहे मौत का सबब, मुंह में चोट लगने से चोटिल हो रहे पशु

शहर के चौराहों पर कूड़े के ढेर में पड़े ब्लेड से जानवर घायल हो रहे हैं.

शहर के चौराहों पर कूड़े के ढेर में पड़े ब्लेड से जानवर घायल हो रहे हैं.

शहर में सैलून (Saloon) की दुकानों से निकलने वाले ब्लेड (Blades) को कूड़े में फेंका जाता है, जिसमें जानवरों (Animals) के खाने लायक चीजें होती हैं. इन चीजों को खाने के दौरान ब्लेड लगने से जानवर घायल (Injured) हो रहे हैं.

  • Last Updated: January 30, 2021, 9:37 PM IST
  • Share this:
बक्सर. सैलून (Salon) से निकलने वाले ब्लेड (Blade) जानवरों (Animals) के लिए मौत का सबब बन सकते हैं. इसके बारे में क्या आपने कभी सोचा है, लेकिन ये बात हकीकत है. सैलून (Salon) से निकलने वाले वेस्टेज ब्लेड को लोग कचरे के ढेर में फेंक देते हैं और यही कचरा शहर के बीच चौक- चौराहों में या बाहर डंप कर दिया जाता है. इस कचरे में जानवरों के खाने के लायक बहुत सारी चीजें होती हैं. इसलिए जानवर इन कचरों के ढेर में चीजों को खाने आते हैं. ऐसे में जानवरों के मुंह में ब्लेड लगने से वो घायल हो जाते हैं.

न्यूज 18 की टीम ने इस पर जब पड़ताल कि तो पता चला कि वेस्टेज ब्लेडो को शहर में चौक-चौराहों पर जहां कचरा फेंका जाता है, उसी में फेंक दिया जाता है. सैलून वाले अपने दुकानों से निकलने वाले वेस्टेज ब्लेड को इन जगहों पर फेंक देते हैं, और सड़कों पर घूमते पशु कुछ खाने की चाह में जब इन कचरों में कुछ खाने लगते हैं तो उनके मुंह में ब्लेड लगने से वो घायल हो जाते हैं. कई बार इ ब्लेड को जानवर किसी चीज के सहारे खा जाते हैं, ब्लेड जब जेब में चला जाता है तो पशु गंभीर बिमारियों का शिकार हो जा रहे हैं. इसके कारण कई बार पशुओं की मौत तक हो जाती है.

Bihar: अब राजस्व अधिकारी जारी करेंगे जाति, आय व आवास प्रमाण पत्र, जानें डिटेल

शहर के जाने-माने पशु-चिकित्सक डॉ अजय कुमार का कहना है कि यह बहुत ही गंभीर मसला है. ज्यादातर पशुओं के पेट में इस तरह कि समस्याएं देखने को मिल रही है. हमारे पास इलाज के लिए पशुपालक अपने पशुओं को लेकर आते हैं जिनके इलाज के दौरान पता चलता है कि इनके पेट में ब्लेड या फिर लोहे के पतले तार हैं जो ये खाने के दौरान निगल जाते हैं और बीमार पड जाते हैं.
पशु निवाले के साथ निगल जाते हैं ब्लेड

शहर में खटाल चलाने वाले मोहन यादव बताते हैं कि हम लोग दिन में अपने पशुओं को लेकर इन्हें चराने के लिए निकालते हैं. कई बार ये चरने के दरम्यान ब्लेड निगल जाते हैं. इलाज कराने के दरम्यान पशुओं की मौत भी हो जाती है, जो बेहद गंभीर है. इसलिए सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए और कचरा प्रबंधन के नियमो का कड़ाई से पालन करवाना चाहिए.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज