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बक्सर स्टेशन पर खुलेआम उड़ रही बाल श्रम कानून की धज्जियां

Manhesh Dadhich | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: July 6, 2017, 12:32 PM IST

बाल मजदूरी रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश और प्रशासनिक प्रयास भी असफल साबित हो रहे हैं, जिसके कारण बाल मजदूरी कराने वाले अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं.

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बाल मजदूरी रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश और प्रशासनिक प्रयास भी असफल साबित हो रहे हैं, जिसके कारण बाल मजदूरी कराने वाले अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं. हम बात कर रहे हैं बक्सर रेलवे स्टेशन की, जहां रेलवे के ठेकेदार बाल श्रम कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं.

ठेकेदार कानून को ठेंगा दिखाते हुए बाल श्रमिकों को अप मेन लाइन के मेंटेनेंस काम में लगा रखा है. कड़ी धूप में नाबालिग अपने सिर पर गिट्टी ढोने का काम कर रहे हैं. जब इनसे उम्र पूछी गयी तो वे ठेकेदार के डर से अपनी उम्र 18 वर्ष बता रहे हैं.

इनके चेहरे की मासूमियत इनका उम्र बताने को काफी है. दबी जुबान से उसने कहा कि घर पर पैसे की जरूरत है इसलिए वो काम कर रहे हैं. उसे सुबह 8 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक काम करना पड़ता है. इसके बदले 150 से लेकर 200 रुपये दिहाड़ी मिलती है मौके पर कार्यरत मजदूरों ने बताया कि ठेकेदार दिल्ली में रहता है.

सबसे आश्चर्य बात तो यह है कि बक्सर रेलवे स्टेशन से तमाम बड़े अधिकारियों का आना-जाना होता है, लेकिन किसी की नजर इस पर नहीं जा सकी है. जबकि ठेकेदार बाल मजदूरी अधिनियम की धज्जियां उड़ाते दिख रहा है. वहीं इस संबंध में रेलवे के इंजीनियर एसएसए पलकधारी से जब बात की गयी तो उन्होंने कहा कि नाबालिग बच्चों से मजदूरी कराना गलत है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इन बच्चों से मिट्टी ढुलाई का काम कराया जा रहा है.

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First published: July 6, 2017, 12:31 PM IST
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