बिहार चुनाव से पहले NDA या महागठबंधन में से किसका बिगड़ेगा खेल? LJP को लेकर कांग्रेस सांसद ने किया बड़ा दावा
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बिहार चुनाव से पहले NDA या महागठबंधन में से किसका बिगड़ेगा खेल? LJP को लेकर कांग्रेस सांसद ने किया बड़ा दावा
कांग्रेस सांसद अखिलेश सिंह ने दावा किया है कि केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान उनके संपर्क में हैं.

कांग्रेस सांसद अखिलेश सिंह (Akhilesh Singh) ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के साथ वर्चुअल मीटिंग में केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan) के संपर्क में होने का दावा किया.

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पटना. शुक्रवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के साथ बिहार कांग्रेस (Bihar Congress) के नेताओं की वर्चुअल मीटिंग में राज्यसभा सांसद अखिलेश सिंह (Akhilesh Singh) जमकर बरसे. सूत्रों के मुताबिक इस मीटिंग में अखिलेश सिंह के निशाने पर बिहार कांग्रेस अध्यक्ष मदनमोहन झा और प्रभारी महासचिव शक्ति सिंह गोहिल भी थे. कांग्रेस सांसद ने चुनाव के दो महीने पहले तक बूथ से लेकर जिला स्तर तक ठीक से तैयारी नहीं कर पाने के लिए इन दोनों नेताओं को जिम्मेदार ठहराया.

पार्टी के भीतर चल रही गतिविधियों से अखिलेश सिंह इतने नाखुश दिखे कि उन्होंने एक कदम आगे बढ़कर राहुल गांधी को भी खरी-खोटी सुना दी. सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश सिंह ने मीटिंग के दौरान कहा कि जो कोविड हमारे लिए कमजोरी बन रहा है, वही एनडीए के लिए स्ट्रेंथ साबित हो रहा है. इसी कोरोना में गृहमंत्री ने हमारे बड़े नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को अपनी गाड़ी में बैठाकर प्रधानमंत्री से मिला दिया. इसके बाद मध्य प्रदेश में हमारी सरकार चली गई और उनकी सरकार बन गई. इसी तरह बिहार में भी मुख्यमंत्री निवास में सीएम नीतीश कुमार के साथ आरजेडी के पांच विधान पार्षदों की मीटिंग करा दी गई, जिसके बाद वे सब पाला बदलकर जेडीयू में शामिल हो गए. लेकिन हमलोग कुछ नहीं कर पा रहे हैं. उन्होंने यहां तक कह दिया कि हमलोगों की आपसे मुलाकात तक नहीं हो पा रही है, यहां तक कि आपके मैनेजर से भी हम नहीं मिल पा रहे हैं.

कांग्रेस सांसद ने रामविलास के संपर्क में होने का किया दावा 



कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, ऐसा कहते हुए अखिलेश सिंह ने केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के संपर्क में होने और बात करने का भी हवाला दिया. अखिलेश सिंह का यही प्रस्ताव और वर्चुअल मीटिंग के दौरान किए गए खुलासे ने पटना से लेकर दिल्ली तक की सियासी तापमान को बढ़ा दिया है. अब सवाल उठने लगा है क्या एलजेपी का शीर्ष नेतृत्व कांग्रेस के संपर्क में है? क्या रामविलास पासवान और चिराग पासवान एक बार फिर कुछ बड़ा फैसला करने वाले हैं? हालांकि इस बारे में एलजेपी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है. लेकिन, कांग्रेस की तरफ से दावा जरूर किया जा रहा है. कांग्रेस के बिहार के सहप्रभारी अजय कपूर ने न्यूज 18 से बात करते हुए कहा कि एलजेपी के आने के बारे में फैसला पार्टी आलाकमान करेगा, लेकिन कुनबा बड़ा होगा. ज्यादा लोग आएंगे तो निश्चित रूप से महागठबंधन को इसका फायदा मिलेगा.
अखिलेश के दावे से एनडीए में खलबली

एलजेपी को लेकर कांग्रेस सांसद अखिलेश सिंह के इस दावे के बाद अब एनडीए के भीतर भी खलबली है. अंदर खाने बीजेपी को इस बात का डर सता रहा है कि चुनाव के ठीक पहले कहीं पासवान पाला न बदल लें. चिराग की नाराजगी पहले से ही सबकुछ ठीक नहीं होने का संकेत दे रही है. लिहाजा अखिलेश सिंह के दावे ने पासवान की बीजेपी के साथ ‘बारगेनिंग कैपेसिटी’ को बढ़ा दिया है. हो सकता है कि इसके बाद पासवान को मनाने के लिए बीजेपी की तरफ से और भी कोशिश की जाए. लेकिन जेडीयू ज्यादा भाव देने के मूड में नहीं है, क्योंकि नीतीश कुमार खुद एलजेपी अध्यक्ष के बयानों से खफा बताए जा रहे हैं.

क्या आरजेडी को मंजूर होगा एलजेपी का साथ?

कांग्रेस की तरफ से किए गए इस दावे का असर सबसे ज्यादा महागठबंधन के ऊपर पड़ेगा, क्योंकि महागठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी आरजेडी है. एलजेपी के विपक्षी खेमे में आने की कोई भी संभावना आरजेडी को रास नहीं आ सकती. क्योंकि आरजेडी ने पहले ही अपनी पार्टी की तरफ से तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद के दावेदार के तौर पर पेश कर दिया है. लेकिन, मुख्यमंत्री पद पर तेजस्वी की दावेदारी पर अब तक कांग्रेस की तरफ से हामी नहीं भरी गई है. ऐसे में कांग्रेस के माध्यम से एलजेपी की महागठबंधन में आने की कोई भी संभावना आरजेडी के मंसूबों पर पानी फेर सकती है.
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