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नियोजित शिक्षकों ने नीतीश सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, शिक्षा मंत्री ने की ये अपील

Rajnish Kumar | News18 Bihar
Updated: January 15, 2020, 9:52 PM IST
नियोजित शिक्षकों ने नीतीश सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, शिक्षा मंत्री ने की ये अपील
नियोजित शिक्षक 16 जनवरी को लेंगे अनिश्तिकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला.

बिहार के नियोजित शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है. मानव श्रृंखला (Human chain) के बहिष्कार के ऐलान के बाद अब उन्‍होंने अनिश्तिकालीन हड़ताल पर जाने का मन बना लिया है. इससे नीतीश सरकार के पसीने छूट रहे हैं.

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पटना. बिहार के नियोजित शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ एक बार फिर आंदोलन का मोर्चा खोल दिया है. पहले मानव श्रृंखला (Human chain) के बहिष्कार का ऐलान किया और फिर अनिश्तिकालीन हड़ताल पर जाने का मन बना लिया है. हालांकि शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति ने नीतीश सरकार (Nitish Government) को मोहलत भी दी थी कि अगर वेतनमान के मुद्दे पर वह 15 जनवरी तक वार्ता कर लेती है तो शिक्षक मानव श्रृंखला में भी भागीदारी निभाएंगे और साथ ही हड़ताल पर भी नहीं जाएंगे.

गुरुवार को होगी अहम बैठक
15 जनवरी की समय सीमा खत्म होते ही शिक्षक संघर्ष समिति ने कल अहम बैठक बुला ली है, जिसमें अनिश्तिकालीन हड़ताल को लेकर सर्वसम्मति से फैसला लेंगे. संघ के अध्यक्ष ब्रजनंदन शर्मा, शिक्षक नेता आनंद कौशल, कृत्यंजय चौधरी, आनंद मिश्रा समेत सभी नेताओं ने साफ कहा है कि 1 फरवरी से अनिश्तिकालीन हड़ताल पर जाने का अगर फैसला हो जाता है तो राज्य में होने वाली इंटर और मैट्रिक परीक्षा में भी नियोजित शिक्षक भाग नहीं लेंगे. यही नहीं, इस बार सरकार के किसी आश्वासन से शिक्षक संघ मानने वाला नहीं है.

 

सीएम नीतीश को हो सकती है परेशान
आपको बता दें कि वेतन मामले में सुप्रीम कोर्ट से हार मिलने के बाद राज्य के साढ़े 4 लाख नियोजित शिक्षक आंदोलन करने के मौके के इंतजार में थे. यह साल चुनावी साल भी है और ऐसे में सीएम नीतीश कुमार के सबसे बड़े अभियान जल जीवन हरियाली के पक्ष में बनने वाली मानव श्रृंखला का शिक्षकों ने पहले बहिष्कार का ऐलान किया और अब हड़ताल के माध्यम से सरकार पर दवाब बनाने की तैयारी में जुटे हैं.

 शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा ने की अपील
हालांकि राज्य के शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा ने शिक्षकों से अपील भी की है कि शिक्षक प्रबुद्ध नागरिक होते हैं और वे मानव श्रृंखला में जरूर भाग लें. यही नहीं, फिलहाल शिक्षकों की एकजुटता देख सरकार के भी पसीने छूटने लगे हैं. सरकार के मुताबिक नियोजित शिक्षकों को समय-समय पर वेतन वृद्धि होती रही है और वर्तमान में नियोजित शिक्षकों में प्राइमरी टीचरों को 22 हजार से 25 हजार रुपये प्रतिमाह मिलते हैं. जबकि माध्यमिक शिक्षकों को 22 से 30 हजार रुपये मिलते हैं. यही नहीं, हाई स्कूलों के ऐसे शिक्षकों को 22 से 32 हजार रुपये मिलते हैं.

बहरहाल, सुप्रीम कोर्ट में केस की बहस के दरम्यान केंद्र सरकार के एटार्नी जनरल वेणु गोपाल ने भी कहा था कि समान वेतन देने में कुल 1.36 लाख करोड़ का अतिरिक्त भार केंद्र सरकार को पड़ेगा, जो कि संभव नहीं है. वहीं राज्य सरकार के वकील ने भी कहा था कि सरकार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि नियोजित शिक्षकों को पुराने शिक्षकों के बराबर वेतन दे सके, क्योंकि सरकार को सालाना 28 हजार करोड़ का बोझ पड़ेगा और एरियर देने की स्थिति में 52 हजार करोड़ भार पड़ेगा. हालांकि यह गणित पुराना हो गया और सरकार जहां अब भी बजट का रोना रो रही है वहीं नियोजित शिक्षकों ने फिर आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है.

 

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First published: January 15, 2020, 9:48 PM IST
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