दरभंगा सीट को लेकर अकेले पड़े फातमी, विक्षुब्धों की बैठक में नहीं पहुंचा राजद विधायक बेटा

फातमी ने अब्दुल बारी सिद्दकी पर हमला करते हुए कहा कि अब्दुल बारी सिद्दकी ने ही सलाह दी थी कि मधुबनी से चुनाव लड़िये

News18 Bihar
Updated: April 3, 2019, 3:41 PM IST
दरभंगा सीट को लेकर अकेले पड़े फातमी, विक्षुब्धों की बैठक में नहीं पहुंचा राजद विधायक बेटा
विक्षुब्धों की बैठक में फातमी
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Updated: April 3, 2019, 3:41 PM IST
बिहार की दरभंगा सीट को लेकर राजद के लिए लगभग बागी बन चुके अली अशरफ फातमी अब अकेले पड़ते नजर आ रहे हैं. टिकट कटने से नाराज फातमी ने बुधवार को अपने सिपहसालारों की बैठक बुलाई थी. इस बैठक में पार्टी के बड़े नेता तो क्या खुद उनका अपना बेटा भी नहीं पहुंचा. उम्मीद जताई जा रही थी कि अली अशरफ को उनके बेटे फराज फातमी का साथ मिलेगा लेकिन ऐसा नहीं हो सका. बैठक में राजद कार्यकर्ताओं के साथ-साथ स्थानीय पदाधिकारी ही शामिल हो सके. इस दौरान फातमी ने जमकर अपना राग अलापा. उन्होंने कहा कि मैं पिता के कारण राजनीति में आया.

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दरभंगा में सात बार चुनाव लड़ा और चार चुनाव जीता.पिछली बार में जो मैं चुनाव हारा उसे मेरे घर के ही लोगों ने हरवाया और इस बार भी उन्हीं लोगो ने मिल के मेरा टिकट कटवा दिया. फातमी ने अब्दुल बारी सिद्दकी पर हमला करते हुए कहा कि अब्दुल बारी सिद्दकी ने ही सलाह दी थी कि मधुबनी से चुनाव लड़िये. सिद्दीकी साहब ने लालू जी से कह दिया कि फातमी मधुबनी से चुनाव लड़ना चाहते हैं और उन्होंने खुद दरभंगा का टिकट ले लिया लेकिन मधुबनी का टिकट लटक गया.

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फातमी ने कहा कि सालों भर ब्लॉक से लेकर जिला स्तर के पार्टी कार्यक्रम में गायब रहने वाले लोगों को टिकट मिला है. मिथिलांचल की दोनों सीटें पार्टी जीते मैं चाहता था. उन्होंने कहा कि 1991 से 12 धुर की जमीन पर फातमी रहता है लेकिन लालू-राबड़ी के नाम से कई बार राजद की रैली में मैंने ट्रेन बुक कर के दिया. पार्टी ने उनलोगों को टिकट दिया है जो लोग पटना में बैठ कर जी हजूरी करते हैं.

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पूर्व सांसद ने कहा कि मेरा टिकट भले ही कटा हो लेकिन आम लोगों का प्यार और मिल गया. मैं पैनिक हो कर फैसला नहीं लगता लेकिन मेरे राजनीति का दूसरा सफर शुरू हुआ है और मैं आपलोगों का साथ नहीं छोडूंगा. उन्होंने कहा कि जब एक दरवाजा बंद हो जाता है तो दूसरा बड़ा दरवाजा खुल जाता है. आपने मेरा टिकट काटकर मजबूर किया है कि मैं कोई फैसला लूं. फातमी ने कहा कि मेरे टिकट कटने से अकलियत में गुस्सा है. मैंने पार्टी को चेतावनी भी दी है कि अभी भी मौका है सीट का ऐलान नहीं हुआ है और मैं अंत तक इंतजार करूंगा.
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इनपुट- विपिन कुमार दास
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