BPSC Final Result: IIT के बाद बगैर कोचिंग की पढ़ाई फिर पहले प्रयास में ही टॉपर बने अनुराग

BPSC की परीक्षा में तीसरा स्थान लाने वाले अनुराग आनंद दाएं से पहले अपने परिवार के साथ

BPSC की परीक्षा में तीसरा स्थान लाने वाले अनुराग आनंद दाएं से पहले अपने परिवार के साथ

BPSC Final Result: बिहार के दरभंगा के रहने वाले अनुराग के पिता विजय कुमार झा SBI के लहेरियासराय सीएई ब्रांच के मैनेजर हैं तो वहीं उनकी मां इंदु झा हाउस वाइफ हैं.

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दरभंगा. BPSC यानी बिहार लोक सेवा आयोग ने 64वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा की फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है. अंतिम परीक्षा परिणाम में 1454 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है. नतीजों में दरभंगा जिला के लक्ष्मीसागर के रहने वाले अनुराग आनंद तीसरे टॉपर घोषित किए गए हैं. अनुराग आनंद को पहले प्रयास में ही सफलता मिली है. अनुराग का परिवार लक्ष्मी सागर में ही रहता है. अनुराग के पिता विजय कुमार झा SBI के लहेरियासराय सीएई ब्रांच के मैनेजर हैं तो वहीं उनकी मां इंदु झा हाउस वाइफ हैं.

अनुराग आनंद के एक बड़े भाई हैं अभिषेक आनंद. वह न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी में काम करते हैं. जैसे ही परिवार में सूचना आई कि बेटा टॉपर बना है. परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई. बधाई के लिए परिवार के साथ शुभचिंतकों का फोन आने शुरू हो गए. अनुराग ने बताया कि उन्होंने स्थानीय दरभंगा के DAV स्कूल से 10वीं उत्तीर्ण करने के बाद आगे की पढ़ाई के रांची से की. उन्होंने रांची विद्या मंदिर से 10 प्लस टू पास किया, जिसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए वो दिल्ली चले गए. साल 2016 में आइआईटी से बीटेक किया. बीटेक कम्लीट होते ही ICCI बैंक से काम करने का ऑफर आया, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया.

दो बार यूपीएससी में नहीं मिली सफलता

अनुराग का इरादा तो कुछ और करने का था सो उन्होंने यूपीएससी में सफलता प्राप्त करने को लेकर मेहनत शुरू की. दो बार यूपीएससी मेन तक की परीक्षा दी लेकिन सफलता नहीं मिली. अनुराग ने हिम्मत नहीं हारी और अपना ध्यान बीपीएससी पर केंद्रित कर दिया, जिसका फल ये हुआ कि उन्होंने पहली बार में ही तीसरा स्थान प्राप्त कर लिया.
तैयारी के लिए सोशल साइट को बनाया माध्यम

बड़ी बात यह रही है कि अनुराग ने सिविल सर्विस की तैयारी के लिए कभी कोचिंग नहीं की. मोबाइल पर यूट्यूब और टेलिग्राम जैसी सोशल साइट पर जाकर पढ़ाई के लिए मैटेरियल प्राप्त किया, खूब मेहनत की और सफलता पाई. अनुराग आनंद ने कहा कि छात्र यदि लगन और मेहनत से तैयारी करे तो उसे सफलता जरूर हाथ लगती है. उन्होंने सोशल साइट के माध्यम से पढ़ाई कर ये दिखा दिया कि बिना मोटी रकम खर्च किये भी सफलता हाथ लग सकती है. दरभंगा के हायाघाट बीडीओ भगवान झा की पत्नी मोनी कुमारी ने भी बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल की है. उन्होंने रेवेन्यू ऑफिसर के रूप में सफलता पाई है. उनकी ससुराल मधुबनी जिले में है

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