कुशेश्वरस्थान विधानसभा सीट: विधायक को 'बंधक' बनाने के साथ लग चुके हैं गो बैक के नारे, क्‍या फिर JDU का चलेगा सिक्‍का?

शशि भूषण हजारी के दो बार विधायक बनने के बाद भी क्षेत्र में विकास नहीं हो सका है.
शशि भूषण हजारी के दो बार विधायक बनने के बाद भी क्षेत्र में विकास नहीं हो सका है.

कुशेश्वरस्थान विधानसभा (Kusheshwar Asthan Assembly) से 2010 और 2015 में शशि भूषण हजारी ने बाजी मारी है. पहली बार वह भाजपा और दूसरी बार जेडीयू के टिकट पर सदन में पहुंचे थे, लेकिन इस बार राह मुश्किल है. स्‍थानीय लोग न सिर्फ उन्‍हें बंधक बना चुके हैं बल्कि गो बैक के नारे भी लगा चुके हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 24, 2020, 11:48 PM IST
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दरभंगा. बिहार के दरभंगा का कुशेश्वरस्थान विधानसभा क्षेत्र (Kusheshwar Asthan Assembly)जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर दूर सुदूर इलाका जहां आज भी विकास की रौशनी पूरी तरह नहीं पहुंच पायी है. यह विधानसभा क्षेत्र साल के पांच से छह महीने तक बाढ़ के पानी से घिरे रहने के के कारण काफी पिछड़ा हुआ है. वहीं, इस इलाके में स्थित धार्मिक तीर्थ स्थल प्रसिद्ध बाबा कुशेश्वर नाथ मंदिर (Baba Kusheshwar Nath Temple) में अगल बगल के क्षेत्रों के साथ नेपाल तक से श्रद्धालु पूजा अर्चना करने आते हैं, जो कि इलाके के लोगों को रोजगार सृजन का जरिया भी है.

जनप्रतिनिधियों से  है खास उम्‍मीद
कुशेश्वरस्थान विधानसभा सीट से लगातार दो बार से जदयू के विधायक शशि भूषण हजारी हैं. वर्ष 2010 के विधानसभा चुनाव में लोजपा प्रत्याशी रामचन्द्र पासवान को हराकर शशि भूषण पहली बार भाजपा के टिकट पर विधायक बने. जबकि दूसरी बार यानी 2015 में में भाजपा को छोड़ जदयू का दामन थामा और फिर महागठबंधन का प्रत्याशी बनाया जिसके बाद नीतीश कुमार की उम्मीद पर खरे उतरे और फिर से जीत दर्ज की. इस बार शशि भूषण हजारी ने अपने निकटतम लोजपा के प्रत्याशी धनंजय कुमार उर्फ मृणाल पासवान को करीब 18 हजार वोट से हराया था. वैसे इस विधानसभा में मतदाताओं की 227293 है, जिसमें 119441 पुरूष और 107852 महिला वोटर हैं.

इस बार जनता है नाखुश
लगातार दो बार सत्ताधारी विधायक रहने के बावजूद जदयू विधायक पर विकास नहीं करने का आरोप लगातार लगता रहा है. जनता का गुस्सा इतना है कि कोरोना काल और बाढ़ के बीच विधायक शशि भूषण हजारी को कई बार स्थानीयों लोगों का कोपभाजन बनना पड़ा है. यही नहीं, नाराज लोगों ने तो विधायक को क्षेत्र में बंधक तक बना लिया. इसके साथ ही निकम्मा विधायक वापस जाओ के नारे भी सुनने को मिले था, जिससे ये कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार विधायक जीतना थोड़ा कठिन दिख रहा है. वहीं इस बार रोसड़ा विधानसभा से वर्तमान कांग्रेस विधयाक अशोक राम भी इस बार अपनी दावेदारी कुशेश्वरस्थान से पेश कर रहे हैं, जिससे इस बार चुनाव मैदान में कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है.



विकास को तरसता क्षेत्र
गरीबी होने के कारण पलायन यहां की मुख्य वजह है. हर साल बाढ़ के दौरान यहां फसल बर्बाद हो जाती है और लोगों की कमर टूट जाती है. इसके अलावा स्‍थानीय जनता के बीच घोषणा होने के वावजूद कुशेश्वरस्थान को पर्यटक स्‍थज का दर्जा नहीं मिलने से सरकार के प्रति गुस्‍सा भी व्याप्त है. वहीं, सरकार की लापरवाही के कारण पक्षी विहार बस नाम का रह गया और अब यहां से विदेशी पक्षियों का पलायन हो रहा है. जबकि कभी यहां लाखों की संख्या में विदेशी पक्षी आशियाना बनाते थे.
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